फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   A 60-rupee thermometer for 300... at this rate, the fever itself will kill you.

Moradabad News: 60 का थर्मामीटर 300 में...ऐसे तो मार ही डालेगा बुखार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:57 AM IST
विज्ञापन
A 60-rupee thermometer for 300... at this rate, the fever itself will kill you.
पांच रुपये के ग्लूकोमीटर का एमआरपी 2000 तक पहुंच गया
विज्ञापन

180 के ऑक्सीमीटर का प्रिंट रेट 500 तक का

अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बीमारी की निगरानी के लिए घरों में इस्तेमाल होने वाले वाइटल उपकरणों की कीमतों में भी बड़ा अंतर सामने आया है। ब्लड प्रेशर जांचने वाली मशीन हो या शुगर मापने का ग्लूकोमीटर, इनकी पैक पर दर्ज अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) और बिक्री मूल्य में दो से पांच गुना तक का अंतर है। जिस बीपी मशीन की कीमत 500 रुपये है, उसकी एमआरपी 2550 तक है।
ऑनलाइन बाजार में यही मशीन 650 रुपये और शहर के थोक दवा बाजार में 1100 रुपये में मिल रही है। ग्लूकोमीटर, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर तक की एमआरपी और वास्तविक कीमत में कई गुना अंतर है। 60 रुपये का थर्मामीटर बाजार में 300 रुपये में बिक रहा है। शुगर जांचने वाली 600 रुपये की मशीन 2000 रुपये में बेची जा रही है। ऐसे में सवाल है कि इन उपकरणों की कीमतें किस आधार पर तय होती हैं और ग्राहक को वास्तविक कीमत की जानकारी क्यों नहीं मिलती। बाजार के अलावा ऑनलाइन बिक्री के उपलब्ध रिकॉर्ड में एक्यूट्रस्ट ब्रांड की डिजिटल बीपी मशीन की एमआरपी 999 रुपये और बिक्री कीमत 527 रुपये दर्ज है। इस तरह दोनों कीमतों में 472 रुपये का अंतर है। इसी रिकॉर्ड में क्योरचेक ब्रांड की रिचार्जेबल बीपी मशीन की एमआरपी 2550 रुपये और बिक्री कीमत 661 रुपये है। इसमें 1889 रुपये का अंतर दिखाई देता है। वहीं, टाटा 1एमजी की बीपी मशीन की एमआरपी 1355 रुपये और बिक्री कीमत 1101 रुपये दर्ज है। इसमें 254 रुपये का अंतर है।
विज्ञापन


पांच उपकरणों पर सरकार की नजर
चिकित्सकीय उपकरणों की कीमतों में व्यापार मार्जिन को लेकर केंद्र सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने ब्लड प्रेशर मशीन, डिजिटल थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और नेबुलाइजर को व्यापार मार्जिन नियंत्रण की व्यवस्था में शामिल किया था। जुलाई 2021 की अधिसूचना में इन उपकरणों के लिए वितरक को बिक्री मूल्य पर अधिकतम 70 प्रतिशत व्यापार मार्जिन की सीमा के आधार पर एमआरपी तय करने का प्रावधान किया गया था। एनपीपीए के मुताबिक, गैर-अनुसूचित दवाओं और चिकित्सकीय उपकरणों की एमआरपी में पिछले 12 महीनों की एमआरपी के मुकाबले 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



वर्जन
दुकानदार बहुत अधिक मार्जिन पर इन उपकरणों को नहीं बेचता है। ग्राहकों को पक्का बिल भी दिया जाता है। रेट तय करना एनपीपीए के अधीन है। ऐसे सभी उत्पादों को एमपीपीए के दायरे में लेना चाहिए, जिनकी एमआरपी में कई गुना तक अंतर है।

- साहित्य रस्तोगी, अध्यक्ष, ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन

विभाग की ओर से लगातार मेडिकल स्टोर व अस्पतालों की जांच की जाती है। दवाओं पर उपकरणों की एमआरपी पर बहुत अधिक अंतर मिलने पर कंपनियों को नोटिस भेजा जाता है। अधिकांश दवाओं के रेट एनपीपीए द्वारा निर्धारित हैं, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाती है।
- उमेश भारती, औषधि निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed