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बोलीं छात्राएं, पुलिस बदले अपना रवैया
Moradabad
Updated Sun, 09 Nov 2014 05:30 AM IST
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मुरादाबाद। देश में महिला उत्पीड़न के बढ़ते मामले को लेकर शनिवार को छात्राओं को अपनी बात रखने का मौका मिला। शक्ति संस्था की ओर से सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट में आयोजित टॉक शो में महिला उत्पीड़न का ही मुद्दा छाया रहा। मंच मिला तो छात्राओं ने बेबाकी के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। कहा, मामला गंभीर होने के बाद ही पुलिस की नींद टूटती है। अक्सर मामलों में महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलता। बड़ी संख्या में जुटी छात्राओं ने एक स्वर में कहा कि बदलते दौर के साथ पुरुषों की भी अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए।
टॉक शो में पुलिस और प्रशासन के आला अफसर मौजूद थे। कार्यक्रम में सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल, आरएसडी एकेडमी, एसएस चिल्ड्रेन, पीएमएस, राजेंद्र एकेडमी, महिजा राजकीय कालेज की छात्राएं पहुंची। इतने बड़े मंच पर अपनी बात रखने का मौका मिला तो एक-एक कर सभी छात्राओं ने सवालों के तीर छोड़े। एक छात्रा ने एसएसपी लव कुमार को मुखातिब कर कहा कि महिला उत्पीड़न का मामला गंभीर होने के बाद ही पुलिस क्यों जागती है। छोटी घटनाओं पर उन्हें तवज्जो क्यों नहीं दिया जाता। दूसरी छात्रा ने कहा कि समाज बदल रहा है। लड़कियां घर से निकलकर स्कूल पहुंच रही हैं। वे उन मुकाम को भी हासिल कर रही हैं, जहां अभी तक सिर्फ पुरुषों का ही दबदबा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि पुरुष अपनी मानसिकता बदलें। ड्रेस की आड़े में लड़कियों को चुप कराने की कोशिश की जाती। हाल के एक तरफ से आवाज आई कि समाज लड़कियों को स्वीकार तो कर रहा है, लेकिन कुछ लोग इसमें रोड़ा बन रहे हैं। वे अपना नजरिया बदलें। इस दौरान नृत्य के जरिए बच्चियों के साथ हो रहे उत्पीड़न को दर्शाया गया।
अफसरों ने दिलाया भरोसा
छात्राओं की ओर से उछाले गए ढेर सारे सवालों को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी गंभीर दिखे। एसएसपी लव कुमार ने कहा कि लड़कियों को मानसिक और शारीरिक दोनों एतबार से मजबूत होना पड़ेगा। वे खुद को कमजोर न समझें। एडीए सिटी प्रवीण मिश्रा ने कहा कि उत्पीड़न होने पर लड़कियां घर में न बैठे। पुलिस में इसकी शिकायत करें। सरकार की तरफ से हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां वे अपनी पहचान छिपाकर शिकायत कर सकती हैं। प्रशासन महिलाओं को लेकर गंभीर है।
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जूडो की दी गई ट्रेनिंग
टॉक शो में छात्राओं को जूडो की ट्रेनिंग भी दी गई। संस्था की सदस्य रुचि अग्रवाल ने सेल्फ डिफेंस के तरीके बताए। उन्होंने छात्राओं को यह समझाने की कोशिश की, कि जूडो ट्रिक के जरिए वे किस तरह अपनी सुरक्षा कर सकती हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद शिखा गुप्ता ने छात्राओं को अपने आचरण से उत्पीड़न से बचने का तरीका बताया। संस्था की संचालिका निधि गुप्ता के मुताबिक इस तरह के कार्यक्रम आगे भी कराए जाएंगे। संचालन गरिमा सिंह ने किया। इस मौके पर एआईडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रीता सिंह, डा. विनीता अग्रवाल, मनोवैज्ञानिक डा. अनंत राना, डा. हरबंश दीक्षित, डा. विनीता अग्रवाल, महिला थानाध्यक्ष माला शर्मा आदि मौजूद थीं।
टॉक शो में पुलिस और प्रशासन के आला अफसर मौजूद थे। कार्यक्रम में सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल, आरएसडी एकेडमी, एसएस चिल्ड्रेन, पीएमएस, राजेंद्र एकेडमी, महिजा राजकीय कालेज की छात्राएं पहुंची। इतने बड़े मंच पर अपनी बात रखने का मौका मिला तो एक-एक कर सभी छात्राओं ने सवालों के तीर छोड़े। एक छात्रा ने एसएसपी लव कुमार को मुखातिब कर कहा कि महिला उत्पीड़न का मामला गंभीर होने के बाद ही पुलिस क्यों जागती है। छोटी घटनाओं पर उन्हें तवज्जो क्यों नहीं दिया जाता। दूसरी छात्रा ने कहा कि समाज बदल रहा है। लड़कियां घर से निकलकर स्कूल पहुंच रही हैं। वे उन मुकाम को भी हासिल कर रही हैं, जहां अभी तक सिर्फ पुरुषों का ही दबदबा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि पुरुष अपनी मानसिकता बदलें। ड्रेस की आड़े में लड़कियों को चुप कराने की कोशिश की जाती। हाल के एक तरफ से आवाज आई कि समाज लड़कियों को स्वीकार तो कर रहा है, लेकिन कुछ लोग इसमें रोड़ा बन रहे हैं। वे अपना नजरिया बदलें। इस दौरान नृत्य के जरिए बच्चियों के साथ हो रहे उत्पीड़न को दर्शाया गया।
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अफसरों ने दिलाया भरोसा
छात्राओं की ओर से उछाले गए ढेर सारे सवालों को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी गंभीर दिखे। एसएसपी लव कुमार ने कहा कि लड़कियों को मानसिक और शारीरिक दोनों एतबार से मजबूत होना पड़ेगा। वे खुद को कमजोर न समझें। एडीए सिटी प्रवीण मिश्रा ने कहा कि उत्पीड़न होने पर लड़कियां घर में न बैठे। पुलिस में इसकी शिकायत करें। सरकार की तरफ से हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां वे अपनी पहचान छिपाकर शिकायत कर सकती हैं। प्रशासन महिलाओं को लेकर गंभीर है।
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जूडो की दी गई ट्रेनिंग
टॉक शो में छात्राओं को जूडो की ट्रेनिंग भी दी गई। संस्था की सदस्य रुचि अग्रवाल ने सेल्फ डिफेंस के तरीके बताए। उन्होंने छात्राओं को यह समझाने की कोशिश की, कि जूडो ट्रिक के जरिए वे किस तरह अपनी सुरक्षा कर सकती हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद शिखा गुप्ता ने छात्राओं को अपने आचरण से उत्पीड़न से बचने का तरीका बताया। संस्था की संचालिका निधि गुप्ता के मुताबिक इस तरह के कार्यक्रम आगे भी कराए जाएंगे। संचालन गरिमा सिंह ने किया। इस मौके पर एआईडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रीता सिंह, डा. विनीता अग्रवाल, मनोवैज्ञानिक डा. अनंत राना, डा. हरबंश दीक्षित, डा. विनीता अग्रवाल, महिला थानाध्यक्ष माला शर्मा आदि मौजूद थीं।