{"_id":"46-26954","slug":"Moradabad-26954-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"नूर की बारिश में नहाया शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नूर की बारिश में नहाया शहर
Moradabad
Updated Wed, 15 Jan 2014 05:51 AM IST
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आक़ा की आमद मरहबा...सरकार की आमद मरहबा...के नारों की गूंज। जगमगाया बाजार और घरों पर चरागां। हर तरफ लहराते हरे परचम। मक्का और मदीना की खूबसूरत कारीगरी से सजी झांकियां। जगह जगह हलवे के लंगर और गर्म चाय की सबीलें। कुछ इसी अंदाज में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शान ओ शौकत के साथ निकाला गया जुलूस ए मोहम्मदी। किले वाली मस्जिद से जामिया नईमिया तक कई किलोमीटर लंबा रूट घंटों जोश और अकीदत के सैलाब में डूबा नजर आया।
रहमते आलम सरदारे अंबिया हजरत मोहम्मद (स.अ.व.) की यौम ए विलादत का जश्न शानदार अंदाज में मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जुलूसे मोहम्मदी का रहा। पूरा शहर सजाया गया। सुबह से ही जुलूस के रास्तों पर कैंप लगाकर इस्तकबाल की तैयारियां शुरू हो गईं। किले वाली मस्जिद पर जुह्र के बाद शुरू हुआ जलसा अस्र की नमाज तक चला। इसके बाद जुलूस शुरू हुआ। हालत यह थी कि जीआईसी चौराहे को आने वाले हर रास्ते पर हरे परचम लहराते हुए जुलूस पहुंच रहे थे। मुफ्ती अय्यूब खां, मौलाना मोहम्मद अहमद अकरमी, मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी की कयादत में जुलूस का आगाज हुआ। उनके पीछे अरबी लिबास में घोड़ों पर सवार बच्चे सबको लुभा रहे थे। साथ थे युवाओं के जत्थे जो तौहीद और रिसालत के नारे लगाते हुए चल रहे थे। सिर पर टोपियां सजी थी तो कुछ लोग हरी और सफेद पगड़ियों में भी थे। हरे परचम लहराते हुए नात और मनकबत पढ़ते हुए पैदल, दोपहिया और छोटे- बड़े वाहनों पर सवार यह जत्थे फैजगंज, मंडी चौक, अमरोहा गेट, चौमुखापुल, कोतवाली होते हुए मगरिब की नमाज के वक्त गंज बाजार पर रुके। इकबाल गन हाउस पर नमाज हुई। तमाम लोगों ने जुलूस रोककर तहसील के सामने सड़क पर भी सफें बिछाईं। नीम की प्याऊ होते हुए जुलूस लाल मस्जिद पहुंचकर रुका। यहां जुलूस के संस्थापक फख्र ए मिल्लत मौलाना नजीरुल अकरम साहब के मजार पर चादरपोशी की गई। तहसील स्कूल, दीवान का बाजार होते हुए देर रात जामिया नईमिया पहुंचकर तमाम हुआ। यहां सबको मुबारकबाद देते हुए मुल्क और मिल्लत के लिए दुआ कराई गई।
बिजली गुल होने पर गुस्साए लोग
मुरादाबाद। ईद मिलादुन्नबी के जश्न में बिजली ने कई जगह खलल डाला। कई मोहल्लों में कराई गई सजावट बिजली न होने से अंधेरे में डूबी रही। गंज बाजार में तो लोग गुस्सा गए। नाराज युवकों ने एक बार तो बिजली न आने पर जुलूस आगे न ले जाने का ऐलान कर दिया। लेकिन नेतृत्व कर रहे उलमा ने बिजली की वजह से जुलूस रोकने को गलत ठहराते हुए उन्हें किसी तरह मनाया। फीलखाना में भी बिजली न रहने से दिक्कत आई। लेकिन यहां कुछ देर बाद आपूर्ति शुरू हो गई। जिगर रोड समेत कई दूसरे क्षेत्र भी शाम को घंटों अंधरे में रहे।
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तमाम संगठनों ने किया स्वागत
मुरादाबाद। जुलूस ए मोहम्मदी का तमाम संगठनों की ओर से इस्तकबाल किया गया। लोहिया मानव विकास समिति की ओर से कई स्थानों पर चाय वितरण किया गया। जनता सेवक समाज एवं मुरादाबाद जागरूक समाज की ओर से पानदरीबा पर गोला, सौंफ और मिस्री खिलाकर अकीदतमंदों का स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा ने कंबल का ताजिया चौराहा, नागरिक सुरक्षा कोर अमरोहा गेट प्रखंड कोतवाली की ओर से दिनदारपुरा और कोर ग्रुप पोलियो प्रोजेक्ट की ओर से शहर में बैनर पोस्टर के जरिये लोगों का स्वागत किया गया।
नबी के बताए रास्ते पर चलें मुसलमान
- जलसों में सुन्नत पर अमल की नसीहत
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। नबी ए करीम जिस वक्त आए तब अरब को जहालत और बुराइयों ने जकड़ा हुआ था। रहमते दो आलम ने अपने अखलाक, किरदार से इन बुराइयों को दूर किया। मुसलमानों को चाहिए कि उनके बताए रास्ते पर चलकर दुनिया और आखिरत संवारें।
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शहर में हुए जलसों में यह नसीहत की गई। जीआईसी चौराहे पर शहर इमाम सैयद मासूम अली की सदारत में जलसा हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने पैगंबरे इस्लाम सल. की जिंदगी पर रोशनी डाली। उनकी सुन्नतों पर अमल करने पर जोर दिया। कशिश वारसी ने नबी ए करीम सल. की हदीस ‘इल्म हासिल करो चाहे चीन जाना पड़े’ का जिक्र करते हुए तालीम हासिल करने की अहमियत बयान की। मुफ्ती मोहम्मद अय्यूब खां नईमी, मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीम, पूर्व मेयर डा. एसटी हसन, डीएम संजय कुमार, एसएसपी आशुतोष कुमार, मौलाना दानिशुल कादरी, हाजी इकराम कुरैशी, विधायक यूसुफ अंसारी, डा. एके सिंह, बाबर खां, अकरम शम्सी, असद मौलाई, असलम खुर्शीद, शुएब पाशा, कैसर कुद्दूसी, मोहम्मद अहमद अकरमी, असलम पंचायती आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन सलीम वारसी ने किया।
काठ की पुलिया पर सुबह सलातो सलाम के साथ जुलूस निकालने के बाद तख्त वाली मस्जिद में फज्र की नमाज अदा की गई। इसकी सदारत मुफ्ती सैयद मोहम्मद इंतेसाब हुसैन कदीरी ने की। अपने खिताब में उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी मनाना बेहद बरकत की बात है। यह बड़ी ईद है। मौलाना इंशेआब कदरी, मौलाना अलमआब कदीरी, मेराज अनवर कदीरी, मिनहाज हुसैन कदीरी, नाजिम हुसैन अशरफी, गजनफर अशरफी, मेराज हुसैन मौजूद रहे। मदरसा जामिया इस्लामिया जावेद नगर करूला, अंजुमन मिशन पैगाम ए हुसैनी, मदरसा गुलशन ए इस्लाम जयंतीपुर की ओर से भी जोशखरोश से ईद मिलादुन्नबी मनाई गई।
रहमते आलम सरदारे अंबिया हजरत मोहम्मद (स.अ.व.) की यौम ए विलादत का जश्न शानदार अंदाज में मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जुलूसे मोहम्मदी का रहा। पूरा शहर सजाया गया। सुबह से ही जुलूस के रास्तों पर कैंप लगाकर इस्तकबाल की तैयारियां शुरू हो गईं। किले वाली मस्जिद पर जुह्र के बाद शुरू हुआ जलसा अस्र की नमाज तक चला। इसके बाद जुलूस शुरू हुआ। हालत यह थी कि जीआईसी चौराहे को आने वाले हर रास्ते पर हरे परचम लहराते हुए जुलूस पहुंच रहे थे। मुफ्ती अय्यूब खां, मौलाना मोहम्मद अहमद अकरमी, मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी की कयादत में जुलूस का आगाज हुआ। उनके पीछे अरबी लिबास में घोड़ों पर सवार बच्चे सबको लुभा रहे थे। साथ थे युवाओं के जत्थे जो तौहीद और रिसालत के नारे लगाते हुए चल रहे थे। सिर पर टोपियां सजी थी तो कुछ लोग हरी और सफेद पगड़ियों में भी थे। हरे परचम लहराते हुए नात और मनकबत पढ़ते हुए पैदल, दोपहिया और छोटे- बड़े वाहनों पर सवार यह जत्थे फैजगंज, मंडी चौक, अमरोहा गेट, चौमुखापुल, कोतवाली होते हुए मगरिब की नमाज के वक्त गंज बाजार पर रुके। इकबाल गन हाउस पर नमाज हुई। तमाम लोगों ने जुलूस रोककर तहसील के सामने सड़क पर भी सफें बिछाईं। नीम की प्याऊ होते हुए जुलूस लाल मस्जिद पहुंचकर रुका। यहां जुलूस के संस्थापक फख्र ए मिल्लत मौलाना नजीरुल अकरम साहब के मजार पर चादरपोशी की गई। तहसील स्कूल, दीवान का बाजार होते हुए देर रात जामिया नईमिया पहुंचकर तमाम हुआ। यहां सबको मुबारकबाद देते हुए मुल्क और मिल्लत के लिए दुआ कराई गई।
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बिजली गुल होने पर गुस्साए लोग
मुरादाबाद। ईद मिलादुन्नबी के जश्न में बिजली ने कई जगह खलल डाला। कई मोहल्लों में कराई गई सजावट बिजली न होने से अंधेरे में डूबी रही। गंज बाजार में तो लोग गुस्सा गए। नाराज युवकों ने एक बार तो बिजली न आने पर जुलूस आगे न ले जाने का ऐलान कर दिया। लेकिन नेतृत्व कर रहे उलमा ने बिजली की वजह से जुलूस रोकने को गलत ठहराते हुए उन्हें किसी तरह मनाया। फीलखाना में भी बिजली न रहने से दिक्कत आई। लेकिन यहां कुछ देर बाद आपूर्ति शुरू हो गई। जिगर रोड समेत कई दूसरे क्षेत्र भी शाम को घंटों अंधरे में रहे।
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तमाम संगठनों ने किया स्वागत
मुरादाबाद। जुलूस ए मोहम्मदी का तमाम संगठनों की ओर से इस्तकबाल किया गया। लोहिया मानव विकास समिति की ओर से कई स्थानों पर चाय वितरण किया गया। जनता सेवक समाज एवं मुरादाबाद जागरूक समाज की ओर से पानदरीबा पर गोला, सौंफ और मिस्री खिलाकर अकीदतमंदों का स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा ने कंबल का ताजिया चौराहा, नागरिक सुरक्षा कोर अमरोहा गेट प्रखंड कोतवाली की ओर से दिनदारपुरा और कोर ग्रुप पोलियो प्रोजेक्ट की ओर से शहर में बैनर पोस्टर के जरिये लोगों का स्वागत किया गया।
नबी के बताए रास्ते पर चलें मुसलमान
- जलसों में सुन्नत पर अमल की नसीहत
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। नबी ए करीम जिस वक्त आए तब अरब को जहालत और बुराइयों ने जकड़ा हुआ था। रहमते दो आलम ने अपने अखलाक, किरदार से इन बुराइयों को दूर किया। मुसलमानों को चाहिए कि उनके बताए रास्ते पर चलकर दुनिया और आखिरत संवारें।
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शहर में हुए जलसों में यह नसीहत की गई। जीआईसी चौराहे पर शहर इमाम सैयद मासूम अली की सदारत में जलसा हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने पैगंबरे इस्लाम सल. की जिंदगी पर रोशनी डाली। उनकी सुन्नतों पर अमल करने पर जोर दिया। कशिश वारसी ने नबी ए करीम सल. की हदीस ‘इल्म हासिल करो चाहे चीन जाना पड़े’ का जिक्र करते हुए तालीम हासिल करने की अहमियत बयान की। मुफ्ती मोहम्मद अय्यूब खां नईमी, मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीम, पूर्व मेयर डा. एसटी हसन, डीएम संजय कुमार, एसएसपी आशुतोष कुमार, मौलाना दानिशुल कादरी, हाजी इकराम कुरैशी, विधायक यूसुफ अंसारी, डा. एके सिंह, बाबर खां, अकरम शम्सी, असद मौलाई, असलम खुर्शीद, शुएब पाशा, कैसर कुद्दूसी, मोहम्मद अहमद अकरमी, असलम पंचायती आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन सलीम वारसी ने किया।
काठ की पुलिया पर सुबह सलातो सलाम के साथ जुलूस निकालने के बाद तख्त वाली मस्जिद में फज्र की नमाज अदा की गई। इसकी सदारत मुफ्ती सैयद मोहम्मद इंतेसाब हुसैन कदीरी ने की। अपने खिताब में उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी मनाना बेहद बरकत की बात है। यह बड़ी ईद है। मौलाना इंशेआब कदरी, मौलाना अलमआब कदीरी, मेराज अनवर कदीरी, मिनहाज हुसैन कदीरी, नाजिम हुसैन अशरफी, गजनफर अशरफी, मेराज हुसैन मौजूद रहे। मदरसा जामिया इस्लामिया जावेद नगर करूला, अंजुमन मिशन पैगाम ए हुसैनी, मदरसा गुलशन ए इस्लाम जयंतीपुर की ओर से भी जोशखरोश से ईद मिलादुन्नबी मनाई गई।