{"_id":"46-26028","slug":"Moradabad-26028-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगलूरू नेशनल में सुगंधा ने जीता कांस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंगलूरू नेशनल में सुगंधा ने जीता कांस्य
Moradabad
Updated Mon, 09 Dec 2013 05:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। बंगलूरू नेशनल में भी मुरादाबादी उड़नपरी छाई रही। 800 मीटर दौड़ में सुगंधा ने तीसरा स्थान हासिल किया। शाम में खबर मुरादाबाद पहुंची तो उसके माता पिता भी खुशी से फूले नहीं समाए। हालांकि प्रदेश में खिलाड़ियों की उपेक्षा पर पिता का दर्द भी छलका। अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि कोचिंग से लेकर हर टूर्नामेंट में बेटी के आने जाने और खान पान आदि का खर्च खुद ही वहन करना पड़ रहा है। अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में सरकार समुचित इंतजाम नहीं कर रही।
प्रदेश में गोल्ड जीतने के बाद सुगंधा से बंगलूरू नेशनल में भी पहले अथवा दूसरे स्थान की उम्मीद की जा रही थी लेकिन वह तीसरा स्थान हासिल कर सकी। सुगंधा ने 800 मीटर की यह दौड़ 2 मिनट 8 सेकेंड में पूरी की। वर्ष 2007 में स्पोर्ट्स स्टेडियम के ट्रैक पर सुगंधा के कदम जूनियर खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़े तो फिर उसने पलटकर नहीं देखा। इस समय सीनियर वर्ग में वह न सिर्फ मुरादाबाद मंडल बल्कि नेशनल स्तर की कई प्रतियोगिताओं में यूपी का प्रतिनिधित्व बराबर कर रही है। सुगंधा के पिता विजय सिंह भोजपुर थाने में हेड मोहर्रिर हैं। बेटी को हर कदम पर आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे पिता का सपना है कि एक दिन सुगंधा देश के लिए ओलंपिक में पदक जीते।
विज्ञापन
प्रदेश में गोल्ड जीतने के बाद सुगंधा से बंगलूरू नेशनल में भी पहले अथवा दूसरे स्थान की उम्मीद की जा रही थी लेकिन वह तीसरा स्थान हासिल कर सकी। सुगंधा ने 800 मीटर की यह दौड़ 2 मिनट 8 सेकेंड में पूरी की। वर्ष 2007 में स्पोर्ट्स स्टेडियम के ट्रैक पर सुगंधा के कदम जूनियर खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़े तो फिर उसने पलटकर नहीं देखा। इस समय सीनियर वर्ग में वह न सिर्फ मुरादाबाद मंडल बल्कि नेशनल स्तर की कई प्रतियोगिताओं में यूपी का प्रतिनिधित्व बराबर कर रही है। सुगंधा के पिता विजय सिंह भोजपुर थाने में हेड मोहर्रिर हैं। बेटी को हर कदम पर आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे पिता का सपना है कि एक दिन सुगंधा देश के लिए ओलंपिक में पदक जीते।
विज्ञापन