{"_id":"13599","slug":"Moradabad-13599-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांसपोर्टर के ‘अपहरण’ पर पुलिस की ‘भागमभाग’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रांसपोर्टर के ‘अपहरण’ पर पुलिस की ‘भागमभाग’
Moradabad
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। मंगलवार की देर रात हाईवे से ट्रांसपोर्टर के ‘अपहरण’ की सनसनी बुधवार को भी पुलिस को दौड़ाती रही। वारदात की गुत्थियां सुलझाने, संबंधितों के बयान और तफ्तीश में लगी पुलिस को फिलहाल यह वारदात ही फर्जी लग रही है। सच सामने लाने के लिए जहां पुलिस टीमें लगी हैं वहीं अफसर लगातार संपर्क में हैं। पुलिस की मानें तो लईक लगातार अपने परिजनों के संपर्क में है। ‘फिरौती’ की रकम भी वह ही खुद मांग रहा है। वारदात के वक्त उसके साथ रहे चचेरे भाई और पार्टनर असरार के बयान भी विरोधाभासी हैं। लईक व असरार के लेन-देन से संबंधित मामलों की खोजबीन में जुटी है।
मैनाठेर के ततारपुर गांव निवासी मोहम्मद लईक व उसके चचेरे भाई असरार के दो ट्रक हैं। दोनों मंगलवार को टायर खरीदने के लिए निकले थे। असरार के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे बाईपास पर टोल प्लाजा के समीप वैन में आए लोगों ने लईक का अपहरण कर लिया था। इन लोगों ने चार लाख रुपए बतौर फिरौती मांगी। अपहरण के बाद असरार अपने गांव चला गया। पुलिस को देर रात सूचना दी गई। देर रात एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता ने मझोला एसओ को ततारपुर भेजा।
रात करीब ढाई बजे पुलिस ततारपुर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। एसओ मझोला शिवरतन यादव ने तफ्तीश के बाबत बताया कि लईक व असरार ने करीब तीन महीने पहले ट्रक खरीदे। इनमें से एक ट्रक टीपी नगर के साजिद का था। साजिद का एक लाख रुपया लईक के ऊपर बकाया था। लईक साजिद का कर्ज चुकाने के लिए एक लाख रुपया मांग रहा था लेकिन घरवालों ने उसे रुपया न देकर संभल की एक इनवेस्टमेंट कंपनी से ट्रक पर कर्ज दिलवा दिया था जिसकी किस्तें लईक को ही देनी पड़ रही थीं। लईक परिवार वालों पर एक लाख रुपये देने का दबाव बना रहा था। पुलिस इस अपहरण के पीछे इसी एक लाख रुपए की रकम को मान रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया मंगलवार को दोपहर से लईक का मोबाइल तो स्विच ऑफ है लेकिन एक नंबर से लगातार फोन आ रहे हैं। इस नंबर से आने वाली कॉल पर खुद ही बात कर रहा है और ‘फिरौती’ की रकम मांग रहा है। असरार के बयानों को भी पुलिस संदेह की नजरों से देख रही है।
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कुंदरकी क्षेत्र में स्विच ऑफ हुआ लईक का मोबाइल
मुरादाबाद। सर्विलांस टीम की जांच में सामने आया है लईक का मोबाइल दोपहर करीब डेढ़ बजे कुंदरकी क्षेत्र में जाकर स्विच ऑफ हुआ है। असरार अपहरण टोल प्लाजा के पास होने की बात कह रहा है लेकिन दोपहर बारह बजे तक लईक की लोकेशन टीपी नगर क्षेत्र में मिलती रही। इतना ही यहां पर लईक ने करीब एक दर्जन बार बात भी की। यदि अपहरण हुआ तो कोई भी बदमाश अपर्हता को मोबाइल पर बात नहीं करने देगा। पता चला है इसके बाद लईक का मोबाइल कुंदरकी क्षेत्र में जाकर स्विच ऑफ हुआ।
पचास हजार तक आ गई डिमांड
मुरादाबाद। असरार का कहना था अपहरण करने वाले फिरौती की रकम देने की जगह फोन पर बताने की बात कह रहे थे लेकिन घर वालों का कहना है लईक लगातार इस रकम को अपने ही एकाउंट में डालने की बात कह रहा है। इतना ही नहीं चार लाख से शुरू हुई बात अब पचास हजार तक आ पहुंची है। एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। ये भी बात सामने आई है लईक कभी भी एटीएम कार्ड लेकर नहीं जाता था। मंगलवार को वह अपना एटीएम कार्ड साथ लेकर गया था। इसी से वह रकम निकालकर बदमाशों को देने की बात कह रहा है।
लईक की तलाश में बदायूं पहुंची पुलिस
- दोपहर बाद दूसरा नंबर भी स्विच ऑफ
- खाक छानती रहीं पुलिस की तीन टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बुधवार को दोपहर तक लईक अपने परिजनों से बातचीत करता रहा। सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन बदायूं में मिली। पुलिस की तीन टीमों ने दोपहर बाद बदायूं में कई जगह छापामारी की लेकिन लोकेशन देने वाला मोबाइल नंबर स्विच ऑफ होने से देर रात तक पुलिस लईक को बरामद नहीं कर सकी।
दोपहर में असरार की ओर से मझोला थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। दोपहर साढ़े बारह बजे तक लईक अपने परिजनों से एक मोबाइल नंबर से बातचीत करता रहा। इस नंबर की लोकेशन बदायूं में मिली। मझोला पुलिस व एसओजी की तीन टीमें लईक की तलाश में बदायूं को रवाना हो गई। इसी बीच ये नंबर भी स्विच ऑफ हो गया। दोपहर बाद बदायूं पहुंची पुलिस ने लईक की तलाश में कई छापामारी की लेकिन देर शाम तक सफलता हाथ नहीं लगी। मोबाइल स्विच ऑफ होने से आगे की लोेकेशन भी नहीं मिल सकी।
इधर एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता भी लगातार परिजनों के संपर्क में हैं। उन्होंने परिजनों से पूरे प्रकरण को लेकर बातचीत की। दोपहर बाद वे मझोला थाने भी गए।
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लईक की बरामदगी प्राथमिकता
मुरादाबाद। एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता का कहना है पुलिस की पहली प्राथमिकता लईक की सकुशल बरामदगी है। बरामदगी के बाद अपहरण का सच अपने आप ही सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा पुलिस पूरी संजीदगी से काम कर रही है। परिजनों की ओर से मुकदमा लिखाने में देरी की गई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मैनाठेर के ततारपुर गांव निवासी मोहम्मद लईक व उसके चचेरे भाई असरार के दो ट्रक हैं। दोनों मंगलवार को टायर खरीदने के लिए निकले थे। असरार के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे बाईपास पर टोल प्लाजा के समीप वैन में आए लोगों ने लईक का अपहरण कर लिया था। इन लोगों ने चार लाख रुपए बतौर फिरौती मांगी। अपहरण के बाद असरार अपने गांव चला गया। पुलिस को देर रात सूचना दी गई। देर रात एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता ने मझोला एसओ को ततारपुर भेजा।
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रात करीब ढाई बजे पुलिस ततारपुर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। एसओ मझोला शिवरतन यादव ने तफ्तीश के बाबत बताया कि लईक व असरार ने करीब तीन महीने पहले ट्रक खरीदे। इनमें से एक ट्रक टीपी नगर के साजिद का था। साजिद का एक लाख रुपया लईक के ऊपर बकाया था। लईक साजिद का कर्ज चुकाने के लिए एक लाख रुपया मांग रहा था लेकिन घरवालों ने उसे रुपया न देकर संभल की एक इनवेस्टमेंट कंपनी से ट्रक पर कर्ज दिलवा दिया था जिसकी किस्तें लईक को ही देनी पड़ रही थीं। लईक परिवार वालों पर एक लाख रुपये देने का दबाव बना रहा था। पुलिस इस अपहरण के पीछे इसी एक लाख रुपए की रकम को मान रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया मंगलवार को दोपहर से लईक का मोबाइल तो स्विच ऑफ है लेकिन एक नंबर से लगातार फोन आ रहे हैं। इस नंबर से आने वाली कॉल पर खुद ही बात कर रहा है और ‘फिरौती’ की रकम मांग रहा है। असरार के बयानों को भी पुलिस संदेह की नजरों से देख रही है।
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कुंदरकी क्षेत्र में स्विच ऑफ हुआ लईक का मोबाइल
मुरादाबाद। सर्विलांस टीम की जांच में सामने आया है लईक का मोबाइल दोपहर करीब डेढ़ बजे कुंदरकी क्षेत्र में जाकर स्विच ऑफ हुआ है। असरार अपहरण टोल प्लाजा के पास होने की बात कह रहा है लेकिन दोपहर बारह बजे तक लईक की लोकेशन टीपी नगर क्षेत्र में मिलती रही। इतना ही यहां पर लईक ने करीब एक दर्जन बार बात भी की। यदि अपहरण हुआ तो कोई भी बदमाश अपर्हता को मोबाइल पर बात नहीं करने देगा। पता चला है इसके बाद लईक का मोबाइल कुंदरकी क्षेत्र में जाकर स्विच ऑफ हुआ।
पचास हजार तक आ गई डिमांड
मुरादाबाद। असरार का कहना था अपहरण करने वाले फिरौती की रकम देने की जगह फोन पर बताने की बात कह रहे थे लेकिन घर वालों का कहना है लईक लगातार इस रकम को अपने ही एकाउंट में डालने की बात कह रहा है। इतना ही नहीं चार लाख से शुरू हुई बात अब पचास हजार तक आ पहुंची है। एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। ये भी बात सामने आई है लईक कभी भी एटीएम कार्ड लेकर नहीं जाता था। मंगलवार को वह अपना एटीएम कार्ड साथ लेकर गया था। इसी से वह रकम निकालकर बदमाशों को देने की बात कह रहा है।
लईक की तलाश में बदायूं पहुंची पुलिस
- दोपहर बाद दूसरा नंबर भी स्विच ऑफ
- खाक छानती रहीं पुलिस की तीन टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बुधवार को दोपहर तक लईक अपने परिजनों से बातचीत करता रहा। सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन बदायूं में मिली। पुलिस की तीन टीमों ने दोपहर बाद बदायूं में कई जगह छापामारी की लेकिन लोकेशन देने वाला मोबाइल नंबर स्विच ऑफ होने से देर रात तक पुलिस लईक को बरामद नहीं कर सकी।
दोपहर में असरार की ओर से मझोला थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। दोपहर साढ़े बारह बजे तक लईक अपने परिजनों से एक मोबाइल नंबर से बातचीत करता रहा। इस नंबर की लोकेशन बदायूं में मिली। मझोला पुलिस व एसओजी की तीन टीमें लईक की तलाश में बदायूं को रवाना हो गई। इसी बीच ये नंबर भी स्विच ऑफ हो गया। दोपहर बाद बदायूं पहुंची पुलिस ने लईक की तलाश में कई छापामारी की लेकिन देर शाम तक सफलता हाथ नहीं लगी। मोबाइल स्विच ऑफ होने से आगे की लोेकेशन भी नहीं मिल सकी।
इधर एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता भी लगातार परिजनों के संपर्क में हैं। उन्होंने परिजनों से पूरे प्रकरण को लेकर बातचीत की। दोपहर बाद वे मझोला थाने भी गए।
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लईक की बरामदगी प्राथमिकता
मुरादाबाद। एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता का कहना है पुलिस की पहली प्राथमिकता लईक की सकुशल बरामदगी है। बरामदगी के बाद अपहरण का सच अपने आप ही सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा पुलिस पूरी संजीदगी से काम कर रही है। परिजनों की ओर से मुकदमा लिखाने में देरी की गई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।