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99 फीसदी मुस्लिम तीन तलाक पर शरीयत के साथ
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 09 Nov 2016 04:00 AM IST
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एकता कांफ्रेंस को संबोधित करते मौलाना सैयद अश्ाहद रशीदी।
- फोटो : अमर उजाला
जमीयत-ए-उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि देश के 99 फीसदी मुस्लिम औरत और मर्द तीन तलाक पर शरीयत के साथ हैं। मुस्लिम पर्सनल ला में सरकार की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल ला पर जनता से सवाल कर रही है, जबकि मसला हमारा है। सरकार लव जेहाद, घर वापसी और अब तीन तलाक का शोशा छोड़ा है। वह मंगलवार की शाम जामा मस्जिद पार्क में जमीयत-ए-उलमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता कांफ्रेंस को खिताब कर रहे थे।
कहा कि जमीयत का सियासत से कोई वास्ता नहीं है। सांप्रदायिक ताकतें देश को बर्बादी और तबाही की ओर ले जा रही हैं। कभी लव जेहाद तो कभी घर वापसी के नाम पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश की गई। लेकिन आवाम ने इसको तवज्जो नहीं दिया।
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मुसलमानों की जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रेम और एकता के जरिए देश से घृणा की राजनीति को उखाड़ फेंके। इस्लाम के किरदार को सामने लाए और देश को अमन का संदेश दें। कल्कि धाम पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम ने कहा कि फिरकापरस्त ताकतें देश का बांटना चाहती हैं।
लेकिन हिंदू मुस्लिम एकता उनके मकसद को कामयाब नहीं होने देंगी। प्रदेश अध्यक्ष सैयद अशहद रशीदी ने कहा कि लोकतंत्र से खिलवाड़ किया गया तो देश विभाजित हो जाएगा।सांप्रदायिकता की मानसिकता रखने वाले लोग हिंदुओं और मुसलमानों के बीच घृणा और भेदभाव की दीवार खड़ी करके राजनीति का लाभ उठाना चाहते हैं।
कानपुर से आए धनीराम पैंथर ने आपसी भाईचारे पर बल दिया। कांफ्रेंस को धीरशांत दास, पादरी पाल सारस्वत, सरदार गुरविंदर सिंह, आदित्य कुमार श्रीवास्तव ने भी खिताब किया। कांफ्रेंस की सदारत मौलाना सैयद अशहद रशीदी और निजामत मौलाना याहिया कासमी ने की।
आखिर में मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ कराई गई। इस दौरान शहर इमाम सैयद मासूूम अली आजाद, जमीयत के जनरल सेक्रेटरी मौलाना अब्दुल हादी, मुफ्ती मो. असजद मदनी, मौलाना अब्दुल जमील खां, हाजी मो. उस्मान, हाजी रईस आलम, मुफ्ती सैयद फहद अली, मुफ्ती मो. तौहीद, मौलाना मो. असजद कासमी नदवी, हाफिज मो. आलम, मौलाना रहमत अली, मौलाना लियाकत अली, हाफिज बरकतउल्लाह आदि मौजूद रहे।
जामा मस्जिद पार्क फुल होने पर लोगों की भीड़ जामा मस्जिद पुल पर जमा हो गई। इसके अलावा जामा मस्जिद चौराहा, जीआईसी चौराहा, आसपास की मस्जिदें में लोगों की खासी भीड रही।
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केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल ला पर जनता से सवाल कर रही है, जबकि मसला हमारा है। सरकार लव जेहाद, घर वापसी और अब तीन तलाक का शोशा छोड़ा है। वह मंगलवार की शाम जामा मस्जिद पार्क में जमीयत-ए-उलमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता कांफ्रेंस को खिताब कर रहे थे।
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कहा कि जमीयत का सियासत से कोई वास्ता नहीं है। सांप्रदायिक ताकतें देश को बर्बादी और तबाही की ओर ले जा रही हैं। कभी लव जेहाद तो कभी घर वापसी के नाम पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश की गई। लेकिन आवाम ने इसको तवज्जो नहीं दिया।
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मुसलमानों की जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रेम और एकता के जरिए देश से घृणा की राजनीति को उखाड़ फेंके। इस्लाम के किरदार को सामने लाए और देश को अमन का संदेश दें। कल्कि धाम पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम ने कहा कि फिरकापरस्त ताकतें देश का बांटना चाहती हैं।
लेकिन हिंदू मुस्लिम एकता उनके मकसद को कामयाब नहीं होने देंगी। प्रदेश अध्यक्ष सैयद अशहद रशीदी ने कहा कि लोकतंत्र से खिलवाड़ किया गया तो देश विभाजित हो जाएगा।सांप्रदायिकता की मानसिकता रखने वाले लोग हिंदुओं और मुसलमानों के बीच घृणा और भेदभाव की दीवार खड़ी करके राजनीति का लाभ उठाना चाहते हैं।
कानपुर से आए धनीराम पैंथर ने आपसी भाईचारे पर बल दिया। कांफ्रेंस को धीरशांत दास, पादरी पाल सारस्वत, सरदार गुरविंदर सिंह, आदित्य कुमार श्रीवास्तव ने भी खिताब किया। कांफ्रेंस की सदारत मौलाना सैयद अशहद रशीदी और निजामत मौलाना याहिया कासमी ने की।
आखिर में मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ कराई गई। इस दौरान शहर इमाम सैयद मासूूम अली आजाद, जमीयत के जनरल सेक्रेटरी मौलाना अब्दुल हादी, मुफ्ती मो. असजद मदनी, मौलाना अब्दुल जमील खां, हाजी मो. उस्मान, हाजी रईस आलम, मुफ्ती सैयद फहद अली, मुफ्ती मो. तौहीद, मौलाना मो. असजद कासमी नदवी, हाफिज मो. आलम, मौलाना रहमत अली, मौलाना लियाकत अली, हाफिज बरकतउल्लाह आदि मौजूद रहे।
जामा मस्जिद पार्क फुल होने पर लोगों की भीड़ जामा मस्जिद पुल पर जमा हो गई। इसके अलावा जामा मस्जिद चौराहा, जीआईसी चौराहा, आसपास की मस्जिदें में लोगों की खासी भीड रही।