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प्री-बोर्ड की तैयारी को अतिरिक् त कक्षाओं के संचालन पर जोर
Updated Tue, 04 Dec 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
माध्यमिक स्कूल पूरी तरह से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए हैं। केंद्र निर्धारण के बाद अब स्कूल प्रशासन का प्रयास अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन पर है, ताकि प्री-बोर्ड से पहले पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके। शिक्षकों का कहना है कि रिवीजन के लिए विद्यार्थियों के पास कम समय बचेगा।
शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालयों में दिसंबर और जनवरी माह में प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद 31 दिसंबर से 13 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा होंगी। शिक्षकों के अनुसार प्री-बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र सौ फीसदी पाठ्यक्रम में से तैयार होंगे। कई विषयों के पाठ्यक्रम अभी अधूरे हैं। 15 दिसंबर तक पाठ्यक्रम तो पूरा हो जाएगा, लेकिन प्रयोगात्मक विषयों के शिक्षकों के दूसरे जनपदों में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए चले जाने से उनकी पढ़ाई नहीं हो पाएगी और विद्यार्थियों को रिवीजन में परेशानी आएगी।
बच्चों के भविष्य का सवाल है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम है। बच्चों को परेशानी होना स्वाभाविक है। अतिरिक्त कक्षाएं लगवा रहे हैं। कोशिश रहेगी कि पाठ्यक्रम के बाद रिवीजन को समय मिल सके।
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उदयराज सिंह, प्रधानाचार्य, एसडीएम इंटर कालेज।
अगस्त तक प्रवेश हुए हैं। पाठ्यक्रम अभी पूरा नहीं हुआ है। अतिरिक्त कक्षा में बहुत ज्यादा बच्चे नहीं आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे पढ़ाई के अलावा अन्य कार्य में लगे रहते हैं। इसलिए हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण है।
प्रीतम सिंह, प्रधानाचार्य, पंडित दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कालेज, जटपुरा।
पांच दिसंबर से पहला प्री-बोर्ड है। दूसरा जनवरी में करवाएंगे। एक-दो विषयों में पाठ्यक्रम रह गया था। रिवीजन के लिए बच्चों को अलग-अलग श्रेणी में बांटकर सूची बनाई है। गत दस वर्ष की परीक्षाओं के आधार पर प्रश्न तैयार करवाए हैं।
हिमांशु यादव, प्रधानाचार्य, आकांक्षा विद्या पीठ इंटर कालेज।
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माध्यमिक स्कूल पूरी तरह से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए हैं। केंद्र निर्धारण के बाद अब स्कूल प्रशासन का प्रयास अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन पर है, ताकि प्री-बोर्ड से पहले पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके। शिक्षकों का कहना है कि रिवीजन के लिए विद्यार्थियों के पास कम समय बचेगा।
शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालयों में दिसंबर और जनवरी माह में प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद 31 दिसंबर से 13 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा होंगी। शिक्षकों के अनुसार प्री-बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र सौ फीसदी पाठ्यक्रम में से तैयार होंगे। कई विषयों के पाठ्यक्रम अभी अधूरे हैं। 15 दिसंबर तक पाठ्यक्रम तो पूरा हो जाएगा, लेकिन प्रयोगात्मक विषयों के शिक्षकों के दूसरे जनपदों में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए चले जाने से उनकी पढ़ाई नहीं हो पाएगी और विद्यार्थियों को रिवीजन में परेशानी आएगी।
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बच्चों के भविष्य का सवाल है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम है। बच्चों को परेशानी होना स्वाभाविक है। अतिरिक्त कक्षाएं लगवा रहे हैं। कोशिश रहेगी कि पाठ्यक्रम के बाद रिवीजन को समय मिल सके।
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उदयराज सिंह, प्रधानाचार्य, एसडीएम इंटर कालेज।
अगस्त तक प्रवेश हुए हैं। पाठ्यक्रम अभी पूरा नहीं हुआ है। अतिरिक्त कक्षा में बहुत ज्यादा बच्चे नहीं आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे पढ़ाई के अलावा अन्य कार्य में लगे रहते हैं। इसलिए हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण है।
प्रीतम सिंह, प्रधानाचार्य, पंडित दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कालेज, जटपुरा।
पांच दिसंबर से पहला प्री-बोर्ड है। दूसरा जनवरी में करवाएंगे। एक-दो विषयों में पाठ्यक्रम रह गया था। रिवीजन के लिए बच्चों को अलग-अलग श्रेणी में बांटकर सूची बनाई है। गत दस वर्ष की परीक्षाओं के आधार पर प्रश्न तैयार करवाए हैं।
हिमांशु यादव, प्रधानाचार्य, आकांक्षा विद्या पीठ इंटर कालेज।