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फार्मासिस्टों का दो घंटे कार्य बहिष्कार, प्रदर्शन किया
Updated Fri, 07 Dec 2018 02:15 AM IST
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मुरादाबाद।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर फार्मासिस्टों ने गुरुवार को मुरादाबाद जिले के सरकारी अस्पतालों में भी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर ओपीडी की सेवाएं ठप रखीं। शहरी क्षेत्र के अस्पतालों में सुबह आठ से दस बजे और ग्रामीण इलाकों में सुबह दस से दोपहर बारह बजे तक फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार पर रहे। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। फार्मासिस्टों ने सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। मांगें पूरी नहीं होने पर दस दिसंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर जाने की चेतावनी दी।
जिला अस्पताल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला ने कहा कि फार्मासिस्टों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। लंबित मांगों पर सरकार सुनवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सात दिसंबर को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आठ दिसंबर को महीने के दूसरे शनिवार को फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। मंडलीय मंत्री हेमंत चौधरी ने कहा कि प्रत्येक जिले में जिला फार्मेसी अधिकारी के पद सृजित होने थे। 28 विशेष कर अधिकारी, चार संयुक्त निदेशक के पदों का सृजन होना था। जो शासन में फाइलों में धूल खा रही हैं।
पदोन्नति नहीं होने से अधिकांश फार्मासिस्ट अपने मूल पद से ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। तकनीकी डिप्लोमा के बावजूद फार्मासिस्टों को अभी भी प्रारंभिक ग्रेड पे 2800 मिल रहा है। अन्य समकक्ष कर्मियों को 4200 और 4600 ग्रेड पे दिया जा चुका है। प्रदर्शन करने वालों में निश्चल भटनागर, कुंदन सिंह, पंकज पांडेय, बी शर्मा, आरके पाठक, पीपी सिंह, राजेश सिंह, श्रीराम साहनी और मुसीर आदि मौजूद रहे।
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डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर फार्मासिस्टों ने गुरुवार को मुरादाबाद जिले के सरकारी अस्पतालों में भी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर ओपीडी की सेवाएं ठप रखीं। शहरी क्षेत्र के अस्पतालों में सुबह आठ से दस बजे और ग्रामीण इलाकों में सुबह दस से दोपहर बारह बजे तक फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार पर रहे। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। फार्मासिस्टों ने सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। मांगें पूरी नहीं होने पर दस दिसंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर जाने की चेतावनी दी।
जिला अस्पताल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला ने कहा कि फार्मासिस्टों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। लंबित मांगों पर सरकार सुनवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सात दिसंबर को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आठ दिसंबर को महीने के दूसरे शनिवार को फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। मंडलीय मंत्री हेमंत चौधरी ने कहा कि प्रत्येक जिले में जिला फार्मेसी अधिकारी के पद सृजित होने थे। 28 विशेष कर अधिकारी, चार संयुक्त निदेशक के पदों का सृजन होना था। जो शासन में फाइलों में धूल खा रही हैं।
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पदोन्नति नहीं होने से अधिकांश फार्मासिस्ट अपने मूल पद से ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। तकनीकी डिप्लोमा के बावजूद फार्मासिस्टों को अभी भी प्रारंभिक ग्रेड पे 2800 मिल रहा है। अन्य समकक्ष कर्मियों को 4200 और 4600 ग्रेड पे दिया जा चुका है। प्रदर्शन करने वालों में निश्चल भटनागर, कुंदन सिंह, पंकज पांडेय, बी शर्मा, आरके पाठक, पीपी सिंह, राजेश सिंह, श्रीराम साहनी और मुसीर आदि मौजूद रहे।
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