{"_id":"5c27d313bdec2256d22f7e58","slug":"61546113811-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात को चंदौसी से होगी रेल रोको आंदोलन की शुरूआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात को चंदौसी से होगी रेल रोको आंदोलन की शुरूआत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलारी। नगर में भाकियू असली के कैंप कार्यालय पर शनिवार की शाम राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सहमति बन जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रेल रोको आंदोलन की तारीखें तय करते हुए आंदोलन शुरू करने का एलान कर दिया। रेल रोको आंदोलन की शुरुआत सात जनवरी को चंदौसी से शुरू होगी।
भारतीय किसान यूनियन असली द्वारा बीते काफी दिनों से यह मांग उठाई जा रही है कि गन्ना किसानों को ब्याज समेत पूरा भुगतान मिले। डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को फसलों का रेट मिले। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा गन्ने का भुगतान निर्धारित समय में न करने वाले शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर किए गए वायदे पर सरकार अमल करे। दो माह पहले राष्ट्रीय किसान महासंघ की महापंचायतों में भी यह मांगें दोहराई जा चुकी हैं। शनिवार की शाम नगर के मोहल्ला बाजार स्थित भाकियू असली के कैंप कार्यालय पर कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि गंगा स्नान के मौके पर ब्रजघाट आए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह ऐलान किया था कि 30 नवंबर तक गन्ना मूल्य का भुगतान न करने वाले शुगर मिल मालिकों को जेल भेजा जाएगा लेकिन यह अवधि पूरी होने का एक माह और बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा पर अमल नहीं किया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में रेल रोको आंदोलन की रणनीति का खुलासा कर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि सात जनवरी को चंदौसी में, आठ जनवरी को अगवानपुर में, 10 जनवरी को रामपुर में, 14 जनवरी को सिंभावली हापुड़ में और 15 जनवरी को बिलारी के राजा का सहसपुर रेलवे स्टेशन पर भाकियू असली द्वारा रेल रोकी जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय आंदोलन शुरू किए जाने के क्रम में यह भी बताया कि रविवार 30 दिसंबर को अमरोहा के डींगरा गांव में, दो जनवरी को शाहबाद के धारमपुर गांव में और तीन जनवरी को संभल के कैलादेवी में भाकियू असली की महापंचायतें होंगी। आगामी 20 जनवरी को आगरा के खंदौली में होने वाली महापंचायत में आंदोलन की रणनीति तय कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन असली द्वारा बीते काफी दिनों से यह मांग उठाई जा रही है कि गन्ना किसानों को ब्याज समेत पूरा भुगतान मिले। डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को फसलों का रेट मिले। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा गन्ने का भुगतान निर्धारित समय में न करने वाले शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर किए गए वायदे पर सरकार अमल करे। दो माह पहले राष्ट्रीय किसान महासंघ की महापंचायतों में भी यह मांगें दोहराई जा चुकी हैं। शनिवार की शाम नगर के मोहल्ला बाजार स्थित भाकियू असली के कैंप कार्यालय पर कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि गंगा स्नान के मौके पर ब्रजघाट आए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह ऐलान किया था कि 30 नवंबर तक गन्ना मूल्य का भुगतान न करने वाले शुगर मिल मालिकों को जेल भेजा जाएगा लेकिन यह अवधि पूरी होने का एक माह और बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा पर अमल नहीं किया।
विज्ञापन
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में रेल रोको आंदोलन की रणनीति का खुलासा कर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि सात जनवरी को चंदौसी में, आठ जनवरी को अगवानपुर में, 10 जनवरी को रामपुर में, 14 जनवरी को सिंभावली हापुड़ में और 15 जनवरी को बिलारी के राजा का सहसपुर रेलवे स्टेशन पर भाकियू असली द्वारा रेल रोकी जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय आंदोलन शुरू किए जाने के क्रम में यह भी बताया कि रविवार 30 दिसंबर को अमरोहा के डींगरा गांव में, दो जनवरी को शाहबाद के धारमपुर गांव में और तीन जनवरी को संभल के कैलादेवी में भाकियू असली की महापंचायतें होंगी। आगामी 20 जनवरी को आगरा के खंदौली में होने वाली महापंचायत में आंदोलन की रणनीति तय कर दी जाएगी।
विज्ञापन