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आर्थिक परेशानी से नहीं बिखरेंगे खिलाड़ियों के सपने
Updated Mon, 03 Dec 2018 02:00 AM IST
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मुरादाबाद।
जिले के किसी प्रतिभावान खिलाड़ी के सपने अब आर्थिक सहायता के अभाव में नहीं टूटेंगे। खेलो इंडिया खेलो के तहत खेल विभाग प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों के अलावा उपकरण भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार की योजना के अनुसार खिलाड़ी को एक फार्म भरकर जमा करना पड़ेगा।
इस बार लगभग सभी खेलों में खिलाड़ियों ने प्रदेश स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। कुछ खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर पदक अपने नाम किए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। खेल की दुनिया में कदम रखते ही उन्हें बेहतर व्यवस्था और अच्छे उपकरण के अभाव में निराशा का सामना करना पड़ता है। इसके कारण बहुत से खिलाड़ी खेल को छोड़कर दूसरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं। क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना ने बताया कि सुविधा प्राप्त करने के लिए खिलाड़ियों को अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा देना होगा। इसमें जरूरी नहीं कि उसने बहुत बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया हो। यदि कोई खिलाड़ी जिला स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है तो वह आवेदन कर सकता है। इसके आधार पर खिलाड़ियों का चुनाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, एशियन गेम्स के साथ अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक लाने के तहत यह योजना बनाई गई है। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आएंगे।
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जिले के किसी प्रतिभावान खिलाड़ी के सपने अब आर्थिक सहायता के अभाव में नहीं टूटेंगे। खेलो इंडिया खेलो के तहत खेल विभाग प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों के अलावा उपकरण भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार की योजना के अनुसार खिलाड़ी को एक फार्म भरकर जमा करना पड़ेगा।
इस बार लगभग सभी खेलों में खिलाड़ियों ने प्रदेश स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। कुछ खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर पदक अपने नाम किए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। खेल की दुनिया में कदम रखते ही उन्हें बेहतर व्यवस्था और अच्छे उपकरण के अभाव में निराशा का सामना करना पड़ता है। इसके कारण बहुत से खिलाड़ी खेल को छोड़कर दूसरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं। क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना ने बताया कि सुविधा प्राप्त करने के लिए खिलाड़ियों को अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा देना होगा। इसमें जरूरी नहीं कि उसने बहुत बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया हो। यदि कोई खिलाड़ी जिला स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है तो वह आवेदन कर सकता है। इसके आधार पर खिलाड़ियों का चुनाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, एशियन गेम्स के साथ अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक लाने के तहत यह योजना बनाई गई है। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आएंगे।
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