{"_id":"5be8936ebdec2204de741267","slug":"61541968750-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू और बीएम सिंह संभालेंगे यूपी के किसानों की कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू और बीएम सिंह संभालेंगे यूपी के किसानों की कमान
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। दिल्ली में 29 व 30 नवंबर को बुलाए गए किसान महाकुंभ की कमान प्रदेश में भाकियू असली और किसान मजदूर संगठन ने संभाल ली है। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर भी इस आंदोलन को लेकर लगातार किसान नेताओं के संपर्क में हैं। किसानों की समस्याओं को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग को लेकर देशभर के 205 किसान संगठनों ने इन दो दिनों में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। इसको लेकर बीएम सिंह जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
भाकियू असली के अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह और किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष बीएम सिंह का कहना है कि मांगों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पिछले दिनों प्रदेश में दूध व सब्जी सड़कों पर फेंकी। दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया गया था। उसके बाद भाकियू ने हरिद्वार से दिल्ली तक रैली निकाली। अबकी बार देशभर के 205 किसान संगठन एकजुट हो गए हैं। इन किसान नेताओं का कहना है कि व्यापारियों के लिए जीएसटी लागू करने को आधी रात को संसद का सत्र हो सकता है तो कृषि प्रधान देश में किसानों के लिए एक दिन का सत्र क्यों नहीं बुलाया जा सकता। देश को अनाज, दाल, चावल, चीनी और दलहन - तिलहन में समद्ध करने वाला किसान अब अपने हक की मांग कर रहा है।
इस आंदोलन में भाजपा - कांग्रेस सहित 27 राजनीतिक दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। किसान गन्ने का नकद भुगतान कराने, फसलों के डेढ़ गुना लागत मूल्य को एमएसपी घोषित करने और किसानों का समस्त कर्ज माफ करने की मांग कर रहे हैं। यूपी से किसानों को दिल्ली ले जाने का जिम्मा किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएम सिंह और भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने संभाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू असली के अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह और किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष बीएम सिंह का कहना है कि मांगों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पिछले दिनों प्रदेश में दूध व सब्जी सड़कों पर फेंकी। दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया गया था। उसके बाद भाकियू ने हरिद्वार से दिल्ली तक रैली निकाली। अबकी बार देशभर के 205 किसान संगठन एकजुट हो गए हैं। इन किसान नेताओं का कहना है कि व्यापारियों के लिए जीएसटी लागू करने को आधी रात को संसद का सत्र हो सकता है तो कृषि प्रधान देश में किसानों के लिए एक दिन का सत्र क्यों नहीं बुलाया जा सकता। देश को अनाज, दाल, चावल, चीनी और दलहन - तिलहन में समद्ध करने वाला किसान अब अपने हक की मांग कर रहा है।
विज्ञापन
इस आंदोलन में भाजपा - कांग्रेस सहित 27 राजनीतिक दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। किसान गन्ने का नकद भुगतान कराने, फसलों के डेढ़ गुना लागत मूल्य को एमएसपी घोषित करने और किसानों का समस्त कर्ज माफ करने की मांग कर रहे हैं। यूपी से किसानों को दिल्ली ले जाने का जिम्मा किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएम सिंह और भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने संभाली है।
विज्ञापन