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गन्ना परिषद की एक करोड़ की कमीशन धनराशि का भुगतान करें शुगर मिलें
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:40 AM IST
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बिलारी। गन्ना विकास परिषद बिलारी के संचालक बोर्ड की बैठक में परिषद हित और गन्ना किसान हित संबंधी कई प्रस्ताव पारित किए गए। प्रदेश के गन्ना आयुक्त से गन्ना परिषद के अध्यक्ष और संचालकों को मिलने वाले उनके अधिकारों पर अमल कराने की मांग भी उठाई गई।
शनिवार की दोपहर गन्ना विकास परिषद कार्यालय सभागार में हुई बैठक में परिषद के चेयरमैन कुंवर कपिलराज यादव ने परिषद हित संबंधी प्रस्ताव रखते हुए कहा कि गन्ना परिषद बिलारी की कमीशन धनराशि के एक करोड़ रुपये से अधिक कई शुगर मिलों पर बकाया हैं। कमीशन धनराशि का भुगतान न होने से परिषद के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों को समय से वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। परिषद चेयरमैन ने कहा कि पूर्व में समय समय पर गन्ना आयुक्त की ओर से परिषद अध्यक्ष और संचालकों को जो अधिकार मिलने संबंधी पत्र जारी किए गए हैं। उन पर गन्ना विभाग को अमल कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि बजट कंट्रोल रजिस्टर पर परिषद अध्यक्ष के हस्ताक्षर हों और सड़क सुधार समिति की बैठकों में अध्यक्ष को हर हाल में बुलाया जाए।
बैठक में गन्ना परिषद के अन्य संचालकों नवनीत कुमार गुप्ता, प्रेमसिंह दहिया, चौधरी नरेंद्र सिंह और चौधरी अमरेंद्र सिंह ने एक स्वर से प्रस्ताव रखते हुए मांग उठाई कि अजुध्या शुगर मिल पर बकाया गन्ना मूल्य के 70 करोड़ रुपये समेत अन्य शुगर मिलों पर बकाया किसानों के गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराया जाए। बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि बढ़ी कृषि जोत वाले जिन किसानों द्वारा ठेके पर गरीब मजदूरों से गन्ने की खेती कराई जा रही है। ऐसे मजदूरों का सट्टा करने के लिए गन्ना विभाग की सट्टा नीति में जरूरी संशोधन किया जाए। परिषद के संचालक बोर्ड ने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि किसी राजनीतिक दबाव में नियम विरुद्ध तरीके से गन्ना समिति का नया सदस्य न बनाया जाए तथा गन्ना सट्टे संबंधी सर्वेक्षण के अंतिम प्रकाशन से पहले क्षेत्रीय संचालकों को भी विश्वास में लिया जाए। परिषद बोर्ड की इस बैठक में गन्ना समिति बिलारी से विशेष सचिव घनश्याम और अजुध्या शुगर मिल से मुख्य गन्ना प्रबंधक एसपी सिंह भी मौजूद रहे।
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शनिवार की दोपहर गन्ना विकास परिषद कार्यालय सभागार में हुई बैठक में परिषद के चेयरमैन कुंवर कपिलराज यादव ने परिषद हित संबंधी प्रस्ताव रखते हुए कहा कि गन्ना परिषद बिलारी की कमीशन धनराशि के एक करोड़ रुपये से अधिक कई शुगर मिलों पर बकाया हैं। कमीशन धनराशि का भुगतान न होने से परिषद के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों को समय से वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। परिषद चेयरमैन ने कहा कि पूर्व में समय समय पर गन्ना आयुक्त की ओर से परिषद अध्यक्ष और संचालकों को जो अधिकार मिलने संबंधी पत्र जारी किए गए हैं। उन पर गन्ना विभाग को अमल कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि बजट कंट्रोल रजिस्टर पर परिषद अध्यक्ष के हस्ताक्षर हों और सड़क सुधार समिति की बैठकों में अध्यक्ष को हर हाल में बुलाया जाए।
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बैठक में गन्ना परिषद के अन्य संचालकों नवनीत कुमार गुप्ता, प्रेमसिंह दहिया, चौधरी नरेंद्र सिंह और चौधरी अमरेंद्र सिंह ने एक स्वर से प्रस्ताव रखते हुए मांग उठाई कि अजुध्या शुगर मिल पर बकाया गन्ना मूल्य के 70 करोड़ रुपये समेत अन्य शुगर मिलों पर बकाया किसानों के गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराया जाए। बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि बढ़ी कृषि जोत वाले जिन किसानों द्वारा ठेके पर गरीब मजदूरों से गन्ने की खेती कराई जा रही है। ऐसे मजदूरों का सट्टा करने के लिए गन्ना विभाग की सट्टा नीति में जरूरी संशोधन किया जाए। परिषद के संचालक बोर्ड ने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि किसी राजनीतिक दबाव में नियम विरुद्ध तरीके से गन्ना समिति का नया सदस्य न बनाया जाए तथा गन्ना सट्टे संबंधी सर्वेक्षण के अंतिम प्रकाशन से पहले क्षेत्रीय संचालकों को भी विश्वास में लिया जाए। परिषद बोर्ड की इस बैठक में गन्ना समिति बिलारी से विशेष सचिव घनश्याम और अजुध्या शुगर मिल से मुख्य गन्ना प्रबंधक एसपी सिंह भी मौजूद रहे।
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