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Moradabad News: 50 ग्राम पंचायतों का नहीं हुआ ऑडिट, चुनाव की तैयारी में जुटे प्रधान परेशान
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मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने में अब सिर्फ 24 दिन शेष बचे हैं लेकिन इसके बावजूद जिले की मूंढापांडे ब्लॉक की 50 ग्राम पंचायतों का ऑडिट ही नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मौजूदा ग्राम प्रधानों की चिंता बढ़ गई है कि यदि समय से ऑडिट नहीं हुआ तो उन्हें एनओसी मिलने में दिक्कत आएगी। बिना एनओसी के वह अगला चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो सकते हैं।
जिला लेखा परीक्षा विभाग की चाल सुस्त है, जिसके कारण अब मूंढापांडे विकास खंड के पचास ग्राम पंचायतों के प्रधानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हर ग्राम पंचायत का जिला ऑडिट अधिकारी कार्यालय से ऑडिट होना आवश्यक होता है लेकिन पिछले दिनों जिस सीनियर ऑडिट अधिकारी की ड्यूटी मूंढापांडे में लगाई थी, वह ट्रैप हो गए थे। परिणाम यह हुआ कि मूंढापांडे ब्लॉक की 76 ग्राम पंचायतों में 50 का ऑडिट लटक गया, हालांकि 26 ग्राम पंचायतों का ऑनलाइन ऑडिट हो गया था। इन 50 ग्राम पंचायतों में लालपुर तीतरी, नाजरपुर, सलेमपुर, गोवर्धन पुर, करन पुर, खंडकपुर वाजी, भूझपुर आशा आदि ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
मूंढापांडे के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के अनुसार उन्होंने इन ग्राम पंचायतों के ऑडिट कार्य को पूरा कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को लिखा है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भी डीपीआरओ की ओर से भी जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को अतिशीघ्र ऑडिट कार्य को पूरा करने के लिए लिखा है।
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ग्राम पंचायतों के प्रधानों के अनुसार मनरेगा हो या फिर अन्य विकास कार्य सभी का ऑडिट होना आवश्यक होता है, तभी ग्राम प्रधानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो-ड्यूज सर्टिफिकेट) मिलता है। यह प्रमाण पत्र न मिलने पर वह चुनाव के लिए अयोग्य माने जा सकते हैं।
इधर, जिला ऑडिट अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मूंढापांडे ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों का ऑडिट लगभग पूर्ण कर लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। किसी को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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जिला लेखा परीक्षा विभाग की चाल सुस्त है, जिसके कारण अब मूंढापांडे विकास खंड के पचास ग्राम पंचायतों के प्रधानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हर ग्राम पंचायत का जिला ऑडिट अधिकारी कार्यालय से ऑडिट होना आवश्यक होता है लेकिन पिछले दिनों जिस सीनियर ऑडिट अधिकारी की ड्यूटी मूंढापांडे में लगाई थी, वह ट्रैप हो गए थे। परिणाम यह हुआ कि मूंढापांडे ब्लॉक की 76 ग्राम पंचायतों में 50 का ऑडिट लटक गया, हालांकि 26 ग्राम पंचायतों का ऑनलाइन ऑडिट हो गया था। इन 50 ग्राम पंचायतों में लालपुर तीतरी, नाजरपुर, सलेमपुर, गोवर्धन पुर, करन पुर, खंडकपुर वाजी, भूझपुर आशा आदि ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
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मूंढापांडे के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के अनुसार उन्होंने इन ग्राम पंचायतों के ऑडिट कार्य को पूरा कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को लिखा है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भी डीपीआरओ की ओर से भी जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को अतिशीघ्र ऑडिट कार्य को पूरा करने के लिए लिखा है।
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ग्राम पंचायतों के प्रधानों के अनुसार मनरेगा हो या फिर अन्य विकास कार्य सभी का ऑडिट होना आवश्यक होता है, तभी ग्राम प्रधानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो-ड्यूज सर्टिफिकेट) मिलता है। यह प्रमाण पत्र न मिलने पर वह चुनाव के लिए अयोग्य माने जा सकते हैं।
इधर, जिला ऑडिट अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मूंढापांडे ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों का ऑडिट लगभग पूर्ण कर लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। किसी को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।