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जेल से पैरोल पर छूटे 45 उम्रकैदी गायब,
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मुरादाबाद। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में पैरोल पर छोड़े गए 45 कैदी गायब हो गए। पैरोल की समय अवधि पूरी होने के बाद भी ये कैदी जेल नहीं लौटे तो इनकी तलाश शुरू की गई। जेल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने इनके घरों पर दबिश दी। तब पता चला कि कैदी घरों से पहले ही गायब हो चुके हैं। लूट, हत्या, दुष्कर्म और डकैती जैसे संगीन अपराधों में लिप्त रहे इन कैदियों के गायब होने से जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस की भी टेंशन बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की पहली लहर के दौरान राज्य सरकार को उच्च शक्ति समिति (हाई पावर कमेटी) बनाकर उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद छोटे अपराध के कैदी और उम्रदराज कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का आदेश दिया था, ताकी कैदियों के बीच कोरोना संक्रमण फैलने से रोका जाए। इसके बाद शासन के आदेश पर मुरादाबाद जिला जेल में बंद कैदियों को भी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिलास्तर पर गठित चार सदस्यीय कमेटी की सिफारिश पर जिला जेल से मुरादाबाद, संभल और अमरोहा के कैदी रिहा किए गए थे। 2020 के अप्रैल, मई और जून माह 84 कैदी पैरोल पर रिहा किए गए थे। जबकि दूसरी लहर में 2021 में 106 कैदी पैरोल पर छोड़े गए थे। पैरोल की समय अवधि खत्म होने के बाद भी 45 कैदी अब तक जेल नहीं लौटे हैं। जिला जेल प्रशासन ने इनके परिजनों को नोटिस भेजकर कैदियों को जेल पहुंचाने के लिए कहा, लेकिन इन कैदियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। जेल प्रशासन की ओर से अमरोहा, संभल और मुरादाबाद के पुलिस कप्तानों को भी पत्र भेजकर कैदियों के गायब होने की जानकारी दी गई है।
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सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की पहली लहर के दौरान राज्य सरकार को उच्च शक्ति समिति (हाई पावर कमेटी) बनाकर उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद छोटे अपराध के कैदी और उम्रदराज कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का आदेश दिया था, ताकी कैदियों के बीच कोरोना संक्रमण फैलने से रोका जाए। इसके बाद शासन के आदेश पर मुरादाबाद जिला जेल में बंद कैदियों को भी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिलास्तर पर गठित चार सदस्यीय कमेटी की सिफारिश पर जिला जेल से मुरादाबाद, संभल और अमरोहा के कैदी रिहा किए गए थे। 2020 के अप्रैल, मई और जून माह 84 कैदी पैरोल पर रिहा किए गए थे। जबकि दूसरी लहर में 2021 में 106 कैदी पैरोल पर छोड़े गए थे। पैरोल की समय अवधि खत्म होने के बाद भी 45 कैदी अब तक जेल नहीं लौटे हैं। जिला जेल प्रशासन ने इनके परिजनों को नोटिस भेजकर कैदियों को जेल पहुंचाने के लिए कहा, लेकिन इन कैदियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। जेल प्रशासन की ओर से अमरोहा, संभल और मुरादाबाद के पुलिस कप्तानों को भी पत्र भेजकर कैदियों के गायब होने की जानकारी दी गई है।
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