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रोडवेज के टिकट घोटाले में दो कंडक्टर निलंबित
Updated Fri, 05 Oct 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद।
रोडवेज निगम में हुए टिकट घोटाले की आंच मुरादाबाद तक पहुंच गई। पीतल नगरी डिपो के दो कंडक्टरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नौ संविदा कंडक्टरों को बर्खास्त करने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद परिवहन निगम में हड़कंप मचा हुआ है।
अलीगढ़ और आगरा के बाद मुरादाबाद में भी टिकट घोटाला सामने आया है। मुरादाबाद मंडल के पीतल नगरी डिपो, मुरादाबाद डिपो, बिजनौर, धामपुर, अमरोहा और रामपुर में ही घोटाले हुआ है। अकेले मुरादाबाद में कंडक्टरों ने पांच लाख से ज्यादा का टिकट घोटाला कर दिया। कंडक्टरों ने अन्य कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया। प्रदेश के अन्य जनपदों के साथ ही मुरादाबाद में भी इस मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि कंडक्टर यात्रियों को मशीन से निकलने वाली टिकट नहीं देते थे। वह हाथ से बनी पर्चियां थमा देते थे। जांच में पीतल नगरी के कंडक्टर गौरव कश्यप और तारा चंद्र की संलिप्तता सामने आई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने दोनों कंडक्टरों को निलंबित कर दिया। नौ अन्य संविदा कंडक्टरों को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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रोडवेज निगम में हुए टिकट घोटाले की आंच मुरादाबाद तक पहुंच गई। पीतल नगरी डिपो के दो कंडक्टरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नौ संविदा कंडक्टरों को बर्खास्त करने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद परिवहन निगम में हड़कंप मचा हुआ है।
अलीगढ़ और आगरा के बाद मुरादाबाद में भी टिकट घोटाला सामने आया है। मुरादाबाद मंडल के पीतल नगरी डिपो, मुरादाबाद डिपो, बिजनौर, धामपुर, अमरोहा और रामपुर में ही घोटाले हुआ है। अकेले मुरादाबाद में कंडक्टरों ने पांच लाख से ज्यादा का टिकट घोटाला कर दिया। कंडक्टरों ने अन्य कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया। प्रदेश के अन्य जनपदों के साथ ही मुरादाबाद में भी इस मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि कंडक्टर यात्रियों को मशीन से निकलने वाली टिकट नहीं देते थे। वह हाथ से बनी पर्चियां थमा देते थे। जांच में पीतल नगरी के कंडक्टर गौरव कश्यप और तारा चंद्र की संलिप्तता सामने आई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने दोनों कंडक्टरों को निलंबित कर दिया। नौ अन्य संविदा कंडक्टरों को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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