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फसलों में 90 फीसदी तक का नुकसान
Updated Sat, 01 Sep 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
किसानों ने बाढ़ में डूबी फसलों के नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। डीएम को ज्ञापन सौंपकर जलभराव व बाढ़ को आपदा घोषित करने और तत्काल मुआवजे का वितरण शुरू कराने का आग्रह किया। ऐसा न होने पर किसानों के सामने भुखमरी के हालात पैदा हो जाएंगे।
जलभराव और बाढ़ से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। इसका अंदाजा भी फिलहाल लगाना संभव नहीं है। फसलों में नुकसान होने का क्रम अभी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फसलों में हुए नुकसान की सही तस्वीर सामने आने में दो सप्ताह का समय लगेगा। किसान फसलों में हुए नुकसान के मुआवजा का आंकलन तत्काल कराने की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के 28 कार्यकर्ता शुक्रवार को डीएम से मिले। डीएम के निर्देश पर किसानों ने ज्ञापन एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपा।
गन्ने की फसल पानी केतेज बहाव से गिर गई है। उसकेऊपर मिट्टी जम गई है। ऐसे में फसल का बच पाना संभव नहीं है। गन्ने की फसल में 60 फीसदी तक का नुकसान है। धान की फसल में 80 फीसदी नुकसान हो चुका है। बाजरा, उड़द, मूंग, लौकी, तोरईं , भिंडी, मिर्च व खीरा आदि की फसलों में 90 फीसदी का नुकसान हुआ है। चारेकी फसल 50 फीसदी बर्बाद हो गई है। एडीएम फाइनेंस से मुलाकात कर अनुरोध करने वाले भाकियू नेता डा. नौ सिंह, नीटू चौहान और ऋषिपाल सिंह आदि थे। उन्होंने किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने की मंाग की है। साथ ही बाढ़ और बारिश को आपदा घोषित कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि यदि तत्काल राहत राशि का भुगतान शुरू नहीं कराया जाता है तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
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किसानों ने बाढ़ में डूबी फसलों के नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। डीएम को ज्ञापन सौंपकर जलभराव व बाढ़ को आपदा घोषित करने और तत्काल मुआवजे का वितरण शुरू कराने का आग्रह किया। ऐसा न होने पर किसानों के सामने भुखमरी के हालात पैदा हो जाएंगे।
जलभराव और बाढ़ से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। इसका अंदाजा भी फिलहाल लगाना संभव नहीं है। फसलों में नुकसान होने का क्रम अभी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फसलों में हुए नुकसान की सही तस्वीर सामने आने में दो सप्ताह का समय लगेगा। किसान फसलों में हुए नुकसान के मुआवजा का आंकलन तत्काल कराने की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के 28 कार्यकर्ता शुक्रवार को डीएम से मिले। डीएम के निर्देश पर किसानों ने ज्ञापन एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपा।
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गन्ने की फसल पानी केतेज बहाव से गिर गई है। उसकेऊपर मिट्टी जम गई है। ऐसे में फसल का बच पाना संभव नहीं है। गन्ने की फसल में 60 फीसदी तक का नुकसान है। धान की फसल में 80 फीसदी नुकसान हो चुका है। बाजरा, उड़द, मूंग, लौकी, तोरईं , भिंडी, मिर्च व खीरा आदि की फसलों में 90 फीसदी का नुकसान हुआ है। चारेकी फसल 50 फीसदी बर्बाद हो गई है। एडीएम फाइनेंस से मुलाकात कर अनुरोध करने वाले भाकियू नेता डा. नौ सिंह, नीटू चौहान और ऋषिपाल सिंह आदि थे। उन्होंने किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने की मंाग की है। साथ ही बाढ़ और बारिश को आपदा घोषित कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि यदि तत्काल राहत राशि का भुगतान शुरू नहीं कराया जाता है तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
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