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238 गोल्डन कार्ड खारिज, कियोस्क बंद
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मुरादाबाद। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए चयनित लाभार्थियों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। सप्ताह भर में मुरादाबाद जिले में 238 गोल्डन कार्ड आवेदन खारिज हो गए हैं। महिला अस्पताल के बाद अब जिला अस्पताल का आयुष्मान कियोस्क में भी ताला लटक गया है। कियोस्क बंद और आवेदन खारिज होने से लाभार्थी परेशान भटक रहे हैं।
मुरादाबाद जिले में दो लाख 15 हजार परिवार आयुष्मान योजना में चिह्नित हैं। लाभार्थी परिवारों का पांच लाख रुपये सालाना स्वास्थ्य बीमा है। परिवार के प्रत्येक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। लाभार्थी के बीमार होने पर उसके इलाज के लिए 28 अस्पतालों से अनुबंध है। पहली अप्रैल से लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। पोर्टल पर आवेदन खारिज हो रहे हैं। पोर्टल पर लाभार्थी का डेटा 2011 की जनगणना के आधार पर फीड है। गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड से सत्यापन किया जा रहा है। पोर्टल और आधार कार्ड में लाभार्थी का नाम, उपनाम, पता और उम्र एक समान नहीं होने से आवेदन खारिज हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में जिले में लाभार्थियों के 2200 गोल्डन जारी हुए हैं। 238 आवेदन खारिज हो गए हैं। विगत दो दिन से जिला अस्पताल स्थित आयुष्मान कियोस्क पर ताला लग गया है। महिला अस्पताल का कियोस्क महीनों से निष्क्रिय है। कियोस्क तो खुला है, लेकिन कर्मचारी नहीं होने से लाभार्थियों को लौटना पड़ रहा है। आवेदन खारिज और नए आवेदन करने वाले लाभार्थी भटकने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
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81967 के बने कार्ड
मुरादाबाद जिले में अब तक 81967 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड जारी हो चुके हैं। इनमें 2353 लाभार्थियों ने निजी एवं सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाया है। अनुबंधित अस्पतालों के अलावा जन सेवा केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों पर गोल्डन कार्ड आवेदन किए जाते हैं।
- महिला और जिला अस्पताल में कियोस्क बंद होने की जानकारी नहीं है। अस्थायी कर्मियों से कियोस्क का संचालन कराया जा रहा है। नियमित कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया विचाराधीन है। - इरशाद अली, जिला समन्वयक
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मुरादाबाद जिले में दो लाख 15 हजार परिवार आयुष्मान योजना में चिह्नित हैं। लाभार्थी परिवारों का पांच लाख रुपये सालाना स्वास्थ्य बीमा है। परिवार के प्रत्येक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। लाभार्थी के बीमार होने पर उसके इलाज के लिए 28 अस्पतालों से अनुबंध है। पहली अप्रैल से लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। पोर्टल पर आवेदन खारिज हो रहे हैं। पोर्टल पर लाभार्थी का डेटा 2011 की जनगणना के आधार पर फीड है। गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड से सत्यापन किया जा रहा है। पोर्टल और आधार कार्ड में लाभार्थी का नाम, उपनाम, पता और उम्र एक समान नहीं होने से आवेदन खारिज हो रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में जिले में लाभार्थियों के 2200 गोल्डन जारी हुए हैं। 238 आवेदन खारिज हो गए हैं। विगत दो दिन से जिला अस्पताल स्थित आयुष्मान कियोस्क पर ताला लग गया है। महिला अस्पताल का कियोस्क महीनों से निष्क्रिय है। कियोस्क तो खुला है, लेकिन कर्मचारी नहीं होने से लाभार्थियों को लौटना पड़ रहा है। आवेदन खारिज और नए आवेदन करने वाले लाभार्थी भटकने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
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81967 के बने कार्ड
मुरादाबाद जिले में अब तक 81967 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड जारी हो चुके हैं। इनमें 2353 लाभार्थियों ने निजी एवं सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाया है। अनुबंधित अस्पतालों के अलावा जन सेवा केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों पर गोल्डन कार्ड आवेदन किए जाते हैं।
- महिला और जिला अस्पताल में कियोस्क बंद होने की जानकारी नहीं है। अस्थायी कर्मियों से कियोस्क का संचालन कराया जा रहा है। नियमित कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया विचाराधीन है। - इरशाद अली, जिला समन्वयक