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दो सौ गांवों का दूर होगा अंधेरा
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
जनपद के दो सौ गांवों में जल्द ही अंधेरा दूर हो जाएगा। इन गांवों में विद्युतीकरण का करने वाली कार्यदायी संस्था को घोटाला सामने आने के बाद ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया था। तब से इन गांवों में विद्युतीकरण कार्य अधर में लटका हुआ था। अब इन गांवों में बिजली विभाग ने कार्य शुरू करा दिया है।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांवों में विद्युतीकरण का कार्य किया जाना था। 2014 को मुरादाबाद के 1028 गांवों को चिंहित कर विद्युतीकरण का कार्य करने के लिए आईएलएफएस कंपनी को 145 करोड़ रुपये का ठेका हुआ था। इन गांवों में कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया था। सांसद सर्वेश सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से शिकायत की थी। जिसमें आरोप लगाया था कि कार्यदायी संस्था दोबारा धार्मिक आधार पर गांवों विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। इसके बाद दिल्ली और लखनऊ से आई टीमों ने जांच की थी। जांच में सामने आया था कि धार्मिक आधार पर गांवों में विद्युतीकरण का कार्य किया गया। इसके अलावा तमाम खामियां पाई गई थी। किसी गांवों में बिजली तारों को पेड़ों पर लटका दिया गया तो कहीं बिना फाउंडेशन के ही ट्रांसफार्मर रख दिए गए थे। 200 गांवों अधिक खामियां सामने आई थीं। जबकि 828 गांवों में कार्य पूर्ण कर दिया गया और यहां बिजली सप्लाई भी शुरू कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि बिना कार्य पूर्ण किए ही बिलों को पास कर दिया गया।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तत्कालीन एमडी ने कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट घोषित कर उनके भुगतानों पर रोक लगा दी थी। तब से इन दो सौ गांवोें में विद्युतीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण संजय कुमार गर्ग ने बताया कि इन गांवों में कार्य अधूरा पड़ा है। इन सभी गांवों में कार्य शुरू करा दिया गया है। तीन माह में कार्य पूर्ण कर सभी गांवों में बिजली सप्लाई शुरू करा दी जाएगी। गांवों में खंभे और तार पहुंचवा दिए गए हैं। कई गांवों में लाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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जनपद के दो सौ गांवों में जल्द ही अंधेरा दूर हो जाएगा। इन गांवों में विद्युतीकरण का करने वाली कार्यदायी संस्था को घोटाला सामने आने के बाद ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया था। तब से इन गांवों में विद्युतीकरण कार्य अधर में लटका हुआ था। अब इन गांवों में बिजली विभाग ने कार्य शुरू करा दिया है।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांवों में विद्युतीकरण का कार्य किया जाना था। 2014 को मुरादाबाद के 1028 गांवों को चिंहित कर विद्युतीकरण का कार्य करने के लिए आईएलएफएस कंपनी को 145 करोड़ रुपये का ठेका हुआ था। इन गांवों में कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया था। सांसद सर्वेश सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से शिकायत की थी। जिसमें आरोप लगाया था कि कार्यदायी संस्था दोबारा धार्मिक आधार पर गांवों विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। इसके बाद दिल्ली और लखनऊ से आई टीमों ने जांच की थी। जांच में सामने आया था कि धार्मिक आधार पर गांवों में विद्युतीकरण का कार्य किया गया। इसके अलावा तमाम खामियां पाई गई थी। किसी गांवों में बिजली तारों को पेड़ों पर लटका दिया गया तो कहीं बिना फाउंडेशन के ही ट्रांसफार्मर रख दिए गए थे। 200 गांवों अधिक खामियां सामने आई थीं। जबकि 828 गांवों में कार्य पूर्ण कर दिया गया और यहां बिजली सप्लाई भी शुरू कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि बिना कार्य पूर्ण किए ही बिलों को पास कर दिया गया।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तत्कालीन एमडी ने कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट घोषित कर उनके भुगतानों पर रोक लगा दी थी। तब से इन दो सौ गांवोें में विद्युतीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण संजय कुमार गर्ग ने बताया कि इन गांवों में कार्य अधूरा पड़ा है। इन सभी गांवों में कार्य शुरू करा दिया गया है। तीन माह में कार्य पूर्ण कर सभी गांवों में बिजली सप्लाई शुरू करा दी जाएगी। गांवों में खंभे और तार पहुंचवा दिए गए हैं। कई गांवों में लाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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