संभल शहर के तीन स्थानों पर बवाल करने के आरोपियों को पुलिस फोटो और वीडियो के आधार पर तलाश कर रही है। सूत्रों से बवालियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे उन्हें पहचान कर गिरफ्तार किया जा सके। जो बवाली पहचाने जा चुके हैं उनकी तलाश में सोमवार की देर रात पुलिस ने तलाश की लेकिन वह गिरफ्तार नहीं हो सके। बवाल के इलाके में ज्यादातर लोग घर छोड़कर भाग गए हैं। इसलिए पुलिस को सफलता नहीं मिली है।
संभल हिंसा में अब तक की कार्रवाई : तीन महिलाओं समेत 27 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल, 74 की कर ली है पहचान
संभल और नखासा थाना क्षेत्र से 27 बवालियों को जेल भेजा जा चुका है। बवाल में सबसे ज्यादा उन ईंटों को इस्तेमाल उपद्रवियों ने किया था। जो ईंटें मकान निर्माण के लिए लोगों ने सड़क किनारे लगा दी थीं।
पुलिस की गाड़ियां देर रात तक सायरन बजाकर घूमती रहीं। अन्य इलाके में भी मुस्तैदी पुलिस की बढ़ी हुई है। संभल और नखासा थाना क्षेत्र से 27 बवालियों को जेल भेजा जा चुका है। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिलाओं पर भी पुलिस ने पथराव करने का आरोप लगाया है। इसके चलते ही गिरफ्तार किया गया था। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जो आरोपी पकड़े गए थे उन्हें जेल भेज दिया है। अब प्राथमिकता है कि शहर का माहौल सामान्य किया जाए। जो फुटेज के आधार पर पहचाने जाएंगे उनको तो गिरफ्तार किया ही जाएगा। मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर औंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक सात एफआईआर दर्ज की गई हैं, 22 लोगों को नामज़द किया गया है और 27 को गिरफ्तार किया गया है। 74 लोगों की पहचान की गई है और अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है। हमारी प्राथमिकता स्थिति को सामान्य करना है। हमें लोगों को अपने विश्वास में लेना होगा ताकि वे बाहरी लोगों के प्रभाव में न आएं। लोग सिर्फ जांच के लिए ही नहीं बल्कि स्थिति को सामान्य करने के लिए भी सहयोग कर रहे हैं। हम सबूत इकट्ठा कर रहे हैं जिसके आधार पर कार्रवाई की जा सके। हम समाज के सभी वर्गों के लोगों से निराधार बयान देने से बचने का आग्रह कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आज-कल में चीजें सामान्य हो जाएंगी।
#WATCH | Sambhal, Uttar Pradesh: Moradabad Divisional Commissioner Aunjaneya Kumar Singh says, "So far, 7 FIRs have been registered, 22 people have been named and 27 have been arrested. 74 people have been identified and the process for identification of others is on. Our… pic.twitter.com/1iHSu5LQK0
जामा मस्जिद के आसपास और नखासा तिराहे पर अभी भी पसरा सन्नाटा
जामा मस्जिद के नजदीक से बवाल शुरू हुआ था। जो नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा तक पहुंचा। गनीमत यह रही कि पुलिस ने पूरे शहर को इस बवाल की चपेट में आने से बचा लिया। समय रहते काबू कर लिया गया। मंगलवार जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में तनावपूर्ण शांति दिखाई दी। स्थानीय लोगों की पहल पहल कोई नहीं दिखी। पुलिस का पहरा ही नजर आया। नखासा तिराहे पर कुछ फल के ठेले लगे थे लेकिन देर शाम तक उनकी बिक्री पुलिस द्वारा ही कराई गई।
मंडल के अलग-अलग जिलों से भी बुलाए गए हैं अधिकारी
शहर में बवाल के बाद मंडलभर के जिलों से फोर्स संभल बुलाई गई है। इसमें बिजनौर जिले के एसपी पूर्वी और मुरादाबाद से एसपी सिटी को निगरानी के लिए लगाया गया है। अमरोहा और रामपुर से डीएसपी व इंस्पेक्टर को भी ड्यूटी में लगाया गया है।
बवाल के इलाके से जब्त की गईं ईंटों का इस्तेमाल पालिका करेगी
बवाल में सबसे ज्यादा उन ईंटों को इस्तेमाल उपद्रवियों ने किया था। जो ईंटें मकान निर्माण के लिए लोगों ने सड़क किनारे लगा दी थीं। पहले उपद्रवियों ने इन ईंटों का इस्तेमाल किया और बाद में पालिका ने इन ईंटों को जब्त कर लिया है। संंभल में तीन स्थानों पर उपद्रवियों ने पथराव किया था। कई स्थानों पर ईंटों के ढेर मकानों के निर्माण के लिए लगे थे। इन सभी ईंटों को पालिका द्वारा भरवा लिया गया है। इन ईंटों को अब वापस नहीं किया जाएगा। इनका इस्तेमाल पालिका अपने कार्यों में करेगी। ईओ पालिका मणिभूषण तिवारी का कहना है कि ईंटों को जब्त कर लिया गया है। इनका इस्तेमाल अब पालिका अपने कार्यों में करेगी। क्योंकि इसमें ज्यादातर ईंट पत्थराव के समय टूट गई हैं। इसलिए मरम्मत के काम ही आ सकती हैं। मालूम हो रविवार को जामा मस्जिद से बवाल शुरू हुआ था। इसके बाद नखासा तिराहा और फिर हिंदूपुरा खेड़ा में पथराव हुआ था। इन सभी स्थानों पर ऐसे ईंटों के ढेर लगे थे जो नई ईंटें थीं। जिनका उपद्रवियों ने इस्तेमाल किया।