फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   वजीफे की जांच को निदेशक ने भेजी चिट्ठी

वजीफे की जांच को निदेशक ने भेजी चिट्ठी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
वजीफे की जांच को निदेशक ने भेजी चिट्ठी
मुरादाबाद। अल्पसंख्यक विभाग के खातों में वजीफे की रकम आने का मामला शासन तक पहुंच गया है। निदेशक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं रविवार को प्रथमा बैंक और एसबीआई के खातों में भी रकम पहुंचने की जानकारी मिली है। अधिकारियों का कहना है कि कुल कितने खातों में रकम पहुंची है, इसकी जांच की जाएगी। मुरादाबाद के सात ऐसे खाते ट्रेस हुए हैं जिनमें रकम पहुंची है। यह रकम सरकारी अकाउंट से आई और इसकी डिमांड रामपुर डीएमओ की ओर से क्रिएट की गई। फर्जी नाम और खातों का इस्तेमाल करके छात्रवृत्ति घोटाले की भी आशंका है। डीएम का कहना है कि वह शासन से उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश करेंगे।
विज्ञापन

बैंक ऑफ बड़ौदा भोजपुर और अमरोहा गेट की शाखाओं में एसबीआई के सीएमपी मुंबई शाखा से 10700 और 9300 रुपये नेफ्ट के माध्यम से स्थानांतरित होने का मामला प्रकाश में आया था। शनिवार को इसमें सात खाते रामपुर के मिले थे। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अंजना सिरोही का कहना है कि अभी सात खातों की ही जानकारी है। निदेशक ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिला स्तर पर किसी समिति का गठन नहीं किया है। कुल कितने खाते हैं, इसकी भी जानकारी अभी नहीं है। रामपुर से संबंधित खाते होने की वजह से वहां के डीएमओ से भी बात की जाएगी। मुरादाबाद में करीब साढ़े 47 हजार विद्यार्थियों के फार्म अग्रसारित किए गए हैं। यदि बच्चा बालिग या पांचवीं क्लास तक का है तो परिजनों के खाते दे सकता है। ऐसे में जनधन खातों में धनराशि आने की पूरी संभावना है। वहीं, अग्रणी जिला प्रबंधक सतीश कुमार गुप्ता का कहना है कि रविवार को सरकड़ा खास की प्रथमा बैंक शाखा और भारतीय स्टेट बैंक में भी धनराशि आने की जानकारी मिली है। अब इसकी जांच की जाएगी। आशंका छात्रवृत्ति घोटाले की भी है। छात्रवृत्ति में पूर्व में हुए घोटालों के मद्देनजर इस बात की आशंका है कि गलत नाम और बैंक खातों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर आवासीय मदरसों की छात्रवृत्ति की रकम को हड़पने की साजिश हो। अधिकारी भी इस आशंका से इंकार नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन


तीन सदस्यीय टीम से मामले की जांच कराई गई थी। जिसमें पता चला कि यह आवासीय मदरसों की छात्रवृत्ति की रकम थी, जो संभवत: बैंकों की तकनीकि गड़बड़ी की वजह से गलत बैंक खातों में पहुंची है। रकम कितने खातों में पहुंची इसकी ठीक - ठीक जानकारी नहीं है। पैसा सरकारी अकाउंट से ट्रांसफर हुआ है। इसकी डिमांड रामपुर डीएमओ की ओर से क्रिएट हुई थी। तकनीकि जांच बैंकों के स्तर पर ही होगी। लेकिन यदि गलत नाम और अकाउंट नंबर का उपयोग करके छात्रवृत्ति के दुुरुपयोग की आशंका नजर आई तो हम उच्च स्तरीय जांच के लिए शासन को सिफारिश करेंगे। - राकेश कुमार सिंह, डीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed