फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   शहीदों के परिजन बोले, कलेजे को मिली ठंडक

शहीदों के परिजन बोले, कलेजे को मिली ठंडक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 Feb 2019 02:23 AM IST
विज्ञापन
शहीदों के परिजन बोले, कलेजे को मिली ठंडक
मुरादाबाद।
विज्ञापन

भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के ठिकानों पर बमबारी कर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने से देश की आम जनता ही नहीं बल्कि आतंकी हमलों में शहीद जवानों के परिवार के लोगों ने वायुसेना को सलाम किया है। वीर नारियों और शहीदों के परिवारजनों ने कहा कि आतंक के खिलाफ हुई कार्यवाही से उनके कलेजे में ठंडक पड़ी है। शहीद आश्रितों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।

गोविंदपुर ज्ञानपुर, छजलैट, मुरादाबाद गांव के महिपाल सिंह पुत्र हरकेश यादव 27 अगस्त वर्ष 2000 को श्रीनगर कवारबाड़ी में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। 47 वर्षीय महिपाल सिंह सीआरपीएफ रामपुर बटालियन 122 में लांस नायक थे। 1985 को सीआरपीएफ में भर्ती हुए महिपाल सिंह की पदोन्नति के बाद श्रीनगर में तैनाती हुई थी। श्रीनगर में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के आतंकियों से मुठभेड़ में महिपाल सिंह अपने एक साथी समेत श्रीनगर पुलिस के दो जवानों के साथ शहीद हुए थे। महिपाल सिंह के परिवार में पत्नी उमेश देवी, बेटी ज्योति और जौली और भाई राजपाल सिंह हैं। उमेश देवी ने पाकिस्तान पर वायुसेना की कार्यवाही को सराहा। कहा कि पाकिस्तान आतंक और दहशतगर्दी की जमीन है। उसे सबक सिखाना जरूरी है। बेटी जॉली कहती हैं, शुरुआत हमेशा पाकिस्तान ने की है। वायुसेना ने जवाबी कार्यवाही कर शहीद परिवारों के कलेजे को मरहम लगाया है। जैबड़ी, फतेहपुर विश्नोई गांव मुरादाबाद के सीआरपीएफ के चालक नरेंद्र सिंह 13 नवंबर वर्ष 2009 को मलकानगिरी उड़ीसा में नक्सली हमले में शहीद हुए थे। नरेंद्र सिंह वर्ष 2002 में सीआरपीएफ बटालियन 8वीं में भर्ती थे। शहीद के परिवार में पत्नी सरल कौर, बेटा आकर्ष और बेटी अश्वनी, पिता जनम सिंह एवं माता कमला देवी हैं। शहीद के पिता जनम सिंह का कहना है कि आज वो काफी खुश हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है। पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। जनम सिंह का कहना है कि आतंकवाद के साथ नक्सलवाद को भी खत्म किया जाए, ताकि किसी जवान का परिवार बेघर न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed