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सिर पर मैला ढोना बंद करें स्वच्छकार
Updated Wed, 05 Dec 2018 02:19 AM IST
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मुरादाबाद।
‘जागरूकता शिविर और स्वच्छकारों से वार्तालाप’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने स्वच्छकारों का आह्वान किया कि वह सिर पर मैला ढोने का घृणित कार्य छोड़ सरकारी योजनाओं की मदद से दूसरे व्यवसाय करें। उन्हाेंने मुरादाबाद में चिन्हित 1766 स्वच्छकारों को सरकार की ओर से एकमुश्त 40-40 हजार रुपये की सहायता के प्रमाण पत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा को खत्म करने के लिए योजना लागू की है। इसमें स्वच्छकार को चिन्हित करके पहले उसे एकमुश्त 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उसके बैंक खाते में दी जाती है। फिर 18 ट्रेड का नि:शुल्क प्रशिक्षण और किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए सस्ती दर पर ऋण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान तीन हजार रुपये महीना मानदेय भी दिया जाता है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डवलपमेंट कार्पोरेशन के माध्यम से पूरे देश के 18 राज्यों के 170 जिलों में स्वच्छकारों का सर्वेक्षण कराया। सर्वे में अभी तक 25 हजार से अधिक स्वच्छकारों को चिन्हित किया जा चुका है। मुरादाबाद में 1766 स्वच्छकार चिन्हित हुए, इन सभी को 40-40 हजार रुपये दिए गए हैं। स्वच्छता से संपन्नता की ओर कार्यक्रम के तहत पुरुषों को पांच प्रतिशत और महिला स्वच्छकारों को चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ऋण दिलाया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि सरकार ने अभी तक तीन लाख से अधिक स्वच्छकारों को इन योजनाओं के तहत ऋण दिया है। उन्हाेंने कहा कि यदि सीवरेज में कार्य करने के दौरान किसी स्वच्छकार की मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित को सरकार 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। कार्यक्रम में महापौर विनोद अग्रवाल, अतिरिक्त सचिव उपमा श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार, साध्वी गीता प्रधान आदि उपस्थित थे।
मंत्री ने खाया पैकेट का खाना
मुरादाबाद।
कार्यक्रम में आए स्वच्छकारों और लोगों के लिए खाने के पैकेट की व्यवस्था थी। केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने भी मंच पर बैठकर स्वच्छकारों के साथ इसी पैकेट से खाना खाया। हालांकि उनके भोजन के लिए सर्किट हाउस में व्यवस्था की गई थी। लेकिन मंत्री ने स्वच्छकारों को बांटे जा रहे खाने के पैकेट में से एक पैकेट मंगाया और खोलकर खाने लगे। इसके बाद मंच पर बैठे दूसरे नेताओं को भी खाने के पैकेट खोलकर खाने पड़े।
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‘जागरूकता शिविर और स्वच्छकारों से वार्तालाप’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने स्वच्छकारों का आह्वान किया कि वह सिर पर मैला ढोने का घृणित कार्य छोड़ सरकारी योजनाओं की मदद से दूसरे व्यवसाय करें। उन्हाेंने मुरादाबाद में चिन्हित 1766 स्वच्छकारों को सरकार की ओर से एकमुश्त 40-40 हजार रुपये की सहायता के प्रमाण पत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा को खत्म करने के लिए योजना लागू की है। इसमें स्वच्छकार को चिन्हित करके पहले उसे एकमुश्त 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उसके बैंक खाते में दी जाती है। फिर 18 ट्रेड का नि:शुल्क प्रशिक्षण और किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए सस्ती दर पर ऋण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान तीन हजार रुपये महीना मानदेय भी दिया जाता है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डवलपमेंट कार्पोरेशन के माध्यम से पूरे देश के 18 राज्यों के 170 जिलों में स्वच्छकारों का सर्वेक्षण कराया। सर्वे में अभी तक 25 हजार से अधिक स्वच्छकारों को चिन्हित किया जा चुका है। मुरादाबाद में 1766 स्वच्छकार चिन्हित हुए, इन सभी को 40-40 हजार रुपये दिए गए हैं। स्वच्छता से संपन्नता की ओर कार्यक्रम के तहत पुरुषों को पांच प्रतिशत और महिला स्वच्छकारों को चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ऋण दिलाया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि सरकार ने अभी तक तीन लाख से अधिक स्वच्छकारों को इन योजनाओं के तहत ऋण दिया है। उन्हाेंने कहा कि यदि सीवरेज में कार्य करने के दौरान किसी स्वच्छकार की मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित को सरकार 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। कार्यक्रम में महापौर विनोद अग्रवाल, अतिरिक्त सचिव उपमा श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार, साध्वी गीता प्रधान आदि उपस्थित थे।
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मंत्री ने खाया पैकेट का खाना
मुरादाबाद।
कार्यक्रम में आए स्वच्छकारों और लोगों के लिए खाने के पैकेट की व्यवस्था थी। केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने भी मंच पर बैठकर स्वच्छकारों के साथ इसी पैकेट से खाना खाया। हालांकि उनके भोजन के लिए सर्किट हाउस में व्यवस्था की गई थी। लेकिन मंत्री ने स्वच्छकारों को बांटे जा रहे खाने के पैकेट में से एक पैकेट मंगाया और खोलकर खाने लगे। इसके बाद मंच पर बैठे दूसरे नेताओं को भी खाने के पैकेट खोलकर खाने पड़े।
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