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किसानों का शोषण करती हैं सरकार
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:09 AM IST
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मुरादाबाद। अखिल भारतीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएम सिंह ने कहा कि राजनेता किसान-मजदूरों के हितों का नारा देकर सरकार बनाते हैं और उनका ही शोषण शुरू कर देते हैं। अबकी बार किसान जाग गया है। वह न किसी के दबाव में आएंगे और न ही झांसे में। अन्नदाता को शांत रखने का केवल एक ही तरीका है, वह है उनका अधिकार देना। बीएम सिंह रविवार को ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र सिंह के कार्यालय पर दिल्ली आंदोलन की रणनीति तैयार करने के मौके पर किसानों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 1997 में पांच जजों की खंडपीठ ने किसानों के हक में फैसला दिया था। उसको सरकार सहन नहीं कर पाई और सात जजों की खंडपीठ में लेकर पहुंच गई। गन्ने से बनने वाली चीनी के रुपये का भुगतान मिल मालिक किसानों को नहीं करते हैं। वह रुपयों को अपने प्रयोग में ले लेते हैं। अब किसान 29 नवंबर को दिल्ली में अपना हक मांगेगा और उसको लेकर ही हटेगा। गन्ना किसान ही सरकार को बदलने की क्षमता रखते हैं। अबकी बार सरकार को अहसास कराना जरूरी है कि किसानों की उपेक्षा करके कोई सत्ता में नहीं टिक सकेगा। किसानों से संपर्क करने का दायित्व ग्राम प्रधानों ने संभाल लिया है।
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उन्होंने कहा कि 1997 में पांच जजों की खंडपीठ ने किसानों के हक में फैसला दिया था। उसको सरकार सहन नहीं कर पाई और सात जजों की खंडपीठ में लेकर पहुंच गई। गन्ने से बनने वाली चीनी के रुपये का भुगतान मिल मालिक किसानों को नहीं करते हैं। वह रुपयों को अपने प्रयोग में ले लेते हैं। अब किसान 29 नवंबर को दिल्ली में अपना हक मांगेगा और उसको लेकर ही हटेगा। गन्ना किसान ही सरकार को बदलने की क्षमता रखते हैं। अबकी बार सरकार को अहसास कराना जरूरी है कि किसानों की उपेक्षा करके कोई सत्ता में नहीं टिक सकेगा। किसानों से संपर्क करने का दायित्व ग्राम प्रधानों ने संभाल लिया है।
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