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नागरिक सुविधाओं में सुधार करें नगर निकाय
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मुरादाबाद।
उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की ओर से गुरुवार को सर्किट हाउस में मंडल के नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। बोर्ड के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने अधिशासी अधिकारियों से कहा कि वह अपनी - अपनी पालिकाओं में नागरिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने पर जोर दें। उन्होंने नगर निकायों को स्वायत्तशासी संस्था के रूप में कार्य कर आय के स्रोतों को बढ़ाने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश गर्ग ने कहा कि नगर निकाय सुनियोजित विकास के साथ ही नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं। उन्हाेंने कहा कि नगरों के विस्तार तथा शहरों क्षेत्रों की जनसंख्या में वृद्धि की वजह से नगर निकायों का कार्य चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। पेयजल, सड़क, पथ प्रकाश और जल निकासी जैसी अवस्थापना सुविधाओं का विकास बेहद जरूरी है। इसके लिए नगर निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या का 22.28 प्रतिशत जनसंख्या नगरीय क्षेत्रों में रहती है। प्रदेश में 17 नगर निगम समेत कुल 652 नगर निकाय हैं। नगर निकायों में कार्य संचालन के लिए निकायों को कर लगाने के लिए प्राधिकृत किया गया है। लेकिन अलग - अलग कारणों से नगर निकाय अपने कर एवं करेत्तर स्रोतों का समुचित दोहन नहीं कर रही हैं।
कमिश्नर यशवंत राव ने सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि नगर निकाय स्वायत्तशासी संस्थाएं लेकिन सही मायनों में स्वायत्ता तभी हासिल होगी जब निकार्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाएंगे। आयुक्त ने कहा कि निकायों को अपनी आय बढ़ाने के स्रोत खोजने होंगे। कार्यशाला में बोर्ड के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस शिव शंकर सिंह, डीएम राकेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक यूबी सिंह, नगर आयुक्त संजय चौहान, अपर आयुक्त प्रशासन देवीदास आदि उपस्थित थे।
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उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की ओर से गुरुवार को सर्किट हाउस में मंडल के नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। बोर्ड के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने अधिशासी अधिकारियों से कहा कि वह अपनी - अपनी पालिकाओं में नागरिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने पर जोर दें। उन्होंने नगर निकायों को स्वायत्तशासी संस्था के रूप में कार्य कर आय के स्रोतों को बढ़ाने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश गर्ग ने कहा कि नगर निकाय सुनियोजित विकास के साथ ही नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं। उन्हाेंने कहा कि नगरों के विस्तार तथा शहरों क्षेत्रों की जनसंख्या में वृद्धि की वजह से नगर निकायों का कार्य चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। पेयजल, सड़क, पथ प्रकाश और जल निकासी जैसी अवस्थापना सुविधाओं का विकास बेहद जरूरी है। इसके लिए नगर निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या का 22.28 प्रतिशत जनसंख्या नगरीय क्षेत्रों में रहती है। प्रदेश में 17 नगर निगम समेत कुल 652 नगर निकाय हैं। नगर निकायों में कार्य संचालन के लिए निकायों को कर लगाने के लिए प्राधिकृत किया गया है। लेकिन अलग - अलग कारणों से नगर निकाय अपने कर एवं करेत्तर स्रोतों का समुचित दोहन नहीं कर रही हैं।
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कमिश्नर यशवंत राव ने सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि नगर निकाय स्वायत्तशासी संस्थाएं लेकिन सही मायनों में स्वायत्ता तभी हासिल होगी जब निकार्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाएंगे। आयुक्त ने कहा कि निकायों को अपनी आय बढ़ाने के स्रोत खोजने होंगे। कार्यशाला में बोर्ड के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस शिव शंकर सिंह, डीएम राकेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक यूबी सिंह, नगर आयुक्त संजय चौहान, अपर आयुक्त प्रशासन देवीदास आदि उपस्थित थे।
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