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बुखार से बच्चे की मौत, कई भर्ती
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:24 AM IST
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मुरादाबाद।
मौसमी बदलाव बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। बुखार से एक बच्चे की मौत हो गई। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में डायरिया और बुखार से पीड़ित दर्जनों बच्चे भर्ती हैं। जिला अस्पताल में ही 22 बच्चे भर्ती हैं। बीमार बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे कटघर निवासी मोहम्मद हसनैन के चार साल के बेटे इमरान की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने इमरान को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे की मौत हो गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डा. अवनीश कुमार ने इमरान को मृत घोषित कर दिया।
डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि मौसम बदलने से बच्चों में डायरिया और बुखार की शिकायत बढ़ गई है। ओपीडी में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में दो डाक्टर बैठ रहे हैं और औसतन ढाई सौ से तीन सौ बच्चे रोजाना आ रहे हैं। इनमें अधिकांश डायरिया और बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर हालत होने पर बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग वार्ड में 18 बेड की क्षमता है। वार्ड में 19 बच्चे भर्ती हैं। तीन बच्चों को इमरजेंसी में भर्ती किया है। डा. कुमार के मुताबिक गर्मी में बुखार में दवाएं भी असर नहीं कर रही हैं। गीले कपड़े से शरीर पोंछकर बुखार उतारा जा रहा है।
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मौसमी बदलाव बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। बुखार से एक बच्चे की मौत हो गई। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में डायरिया और बुखार से पीड़ित दर्जनों बच्चे भर्ती हैं। जिला अस्पताल में ही 22 बच्चे भर्ती हैं। बीमार बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे कटघर निवासी मोहम्मद हसनैन के चार साल के बेटे इमरान की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने इमरान को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे की मौत हो गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डा. अवनीश कुमार ने इमरान को मृत घोषित कर दिया।
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डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि मौसम बदलने से बच्चों में डायरिया और बुखार की शिकायत बढ़ गई है। ओपीडी में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में दो डाक्टर बैठ रहे हैं और औसतन ढाई सौ से तीन सौ बच्चे रोजाना आ रहे हैं। इनमें अधिकांश डायरिया और बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर हालत होने पर बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग वार्ड में 18 बेड की क्षमता है। वार्ड में 19 बच्चे भर्ती हैं। तीन बच्चों को इमरजेंसी में भर्ती किया है। डा. कुमार के मुताबिक गर्मी में बुखार में दवाएं भी असर नहीं कर रही हैं। गीले कपड़े से शरीर पोंछकर बुखार उतारा जा रहा है।
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