{"_id":"5b4521a04f1c1b56238b5b5b","slug":"191531257248-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री के डर से जमा नहीं करेंगे बस्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री के डर से जमा नहीं करेंगे बस्ता
Updated Wed, 11 Jul 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बावजूद मंगलवार को भी लेखपाल हड़ताल पर डटे रहे। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री के डर से हड़ताल खत्म नहीं होगी। लेखपालाें ने अपने बस्ते जमा करने से भी इंकार कर दिया है। लेखपाल संघ का कहना है कि इस बार सरकार से आरपार की लड़ाई होगी।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि लेखपाल हड़ताल खत्म करें या फिर अपने बस्ते जमा करा दें। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री के बयान के बाद मंगलवार को प्रशासन लेखपालों की हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाएगा। हड़ताल खत्म हो जाने के भी कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन मंगलवार को भी लेखपालों की हड़ताल जारी रही। प्रशासन की ओर से हड़ताल खत्म कराने की कोई कवायद भी नजर नहीं आई। लेखपालों ने तहसील में पूरा दिन धरना - प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठी ने कहा कि लेखपाल मुख्यमंत्री के बयान से डरने वाले नहीं हैं। अपने अधिकारों के लिए संगठन आरपार की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन में हिम्मत है तो एस्मा के तहत एक्शन लेकर दिखाए। उन्हाेंने कहा कि लेखपाल जेल जाने को तैयार हैं लेकिन हड़ताल खत्म नहीं होगी। संगठन के जिला सचिव मोहम्मद शफी ने मंगलवार को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजकर मांग की है कि लेखपालों की सभी आठ मांगों को सरकार मान ले तभी लेखपाल अपना आंदोलन वापस लेंगे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि लेखपाल हड़ताल खत्म करें या फिर अपने बस्ते जमा करा दें। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री के बयान के बाद मंगलवार को प्रशासन लेखपालों की हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाएगा। हड़ताल खत्म हो जाने के भी कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन मंगलवार को भी लेखपालों की हड़ताल जारी रही। प्रशासन की ओर से हड़ताल खत्म कराने की कोई कवायद भी नजर नहीं आई। लेखपालों ने तहसील में पूरा दिन धरना - प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठी ने कहा कि लेखपाल मुख्यमंत्री के बयान से डरने वाले नहीं हैं। अपने अधिकारों के लिए संगठन आरपार की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन में हिम्मत है तो एस्मा के तहत एक्शन लेकर दिखाए। उन्हाेंने कहा कि लेखपाल जेल जाने को तैयार हैं लेकिन हड़ताल खत्म नहीं होगी। संगठन के जिला सचिव मोहम्मद शफी ने मंगलवार को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजकर मांग की है कि लेखपालों की सभी आठ मांगों को सरकार मान ले तभी लेखपाल अपना आंदोलन वापस लेंगे।
विज्ञापन