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बिना स्लाटर हाउस के कहां से आ रहा मीट
Updated Mon, 18 Jun 2018 02:16 AM IST
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मुरादाबाद।
सीएम आफिस का पत्र मिलने से खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूछा गया है कि स्लाटर हाउस न होने के बावजूद बड़े स्तर पर मीट की बिक्री कहा से की जा रही है। सांसद एसपी बघेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुरादाबाद में मीट बिक्री का स्रोत पूछा है।
मुरादाबाद में स्लाटर हाउस नहीं है। नगर निगम का स्लाटर हाउस मानक पूरे न करने के चलते कई साल पहले बंद कर दिया गया था। उसके बाद से स्लाटर हाउस खोलने की लगातार तैयारी की जा रही हैं। नगर निगम ने स्लाटर हाउस के मानक पूरे कराने को पहल शुरू कर दी है। स्लाटर हाउस न होने से पशुओं का वैध कटान नहीं हो रहा है। उसकेबावजूद मीट की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मीट की बिक्री करने वालों के सैंपल भी लिए थे। बिना वैध लाइसेंस के मीट की बिक्री करने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
सांसद एसपी बघेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूछा है कि मुरादाबाद में स्लाटर हाउस न होने बावजूद मीट की आपूर्ति कहां से हो रही है? उन्होंने अवैध कटान होने की आशंका जताई है। पत्र मिलने के बाद से मुख्यमंत्री कार्यालय सक्रिय हो गया है। वहां से जिला प्रशासन से मीट आपूर्ति का स्रोत पूछा गया है। डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने सांसद के पत्र की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का दावा है कि अवैध कटान कर पशुओं का मीट बेचा जा रहा है। बिक्री करने वालों के पास मीट को किसी दूसरे जिले से लाने के साक्ष्य भी नहीं मिले हैं। सीएम कार्यालय से प्राप्त इस पत्र की जांच को पिछले दिनों त्यौहारी सीजन होने के चलते कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हमारे स्तर से पशु कटान के लाइसेंस की जानकारी मांगी गई है। इस संदर्भ में जांच शुरू कर दी गई है।
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सीएम आफिस का पत्र मिलने से खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूछा गया है कि स्लाटर हाउस न होने के बावजूद बड़े स्तर पर मीट की बिक्री कहा से की जा रही है। सांसद एसपी बघेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुरादाबाद में मीट बिक्री का स्रोत पूछा है।
मुरादाबाद में स्लाटर हाउस नहीं है। नगर निगम का स्लाटर हाउस मानक पूरे न करने के चलते कई साल पहले बंद कर दिया गया था। उसके बाद से स्लाटर हाउस खोलने की लगातार तैयारी की जा रही हैं। नगर निगम ने स्लाटर हाउस के मानक पूरे कराने को पहल शुरू कर दी है। स्लाटर हाउस न होने से पशुओं का वैध कटान नहीं हो रहा है। उसकेबावजूद मीट की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मीट की बिक्री करने वालों के सैंपल भी लिए थे। बिना वैध लाइसेंस के मीट की बिक्री करने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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सांसद एसपी बघेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूछा है कि मुरादाबाद में स्लाटर हाउस न होने बावजूद मीट की आपूर्ति कहां से हो रही है? उन्होंने अवैध कटान होने की आशंका जताई है। पत्र मिलने के बाद से मुख्यमंत्री कार्यालय सक्रिय हो गया है। वहां से जिला प्रशासन से मीट आपूर्ति का स्रोत पूछा गया है। डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने सांसद के पत्र की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का दावा है कि अवैध कटान कर पशुओं का मीट बेचा जा रहा है। बिक्री करने वालों के पास मीट को किसी दूसरे जिले से लाने के साक्ष्य भी नहीं मिले हैं। सीएम कार्यालय से प्राप्त इस पत्र की जांच को पिछले दिनों त्यौहारी सीजन होने के चलते कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हमारे स्तर से पशु कटान के लाइसेंस की जानकारी मांगी गई है। इस संदर्भ में जांच शुरू कर दी गई है।
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