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तेज हवाओं के साथ बरसे बादल
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मुरादाबाद।
सर्दी के मौसम में बार-बार घिर-घिर कर आ रहे बादल आखिरकार सोमवार को बरस ही गए। सुबह से ही आसमान में बादल छाने लगे थे। इससे वातावरण में भी परिवर्तन आया और एक बार फिर से सर्दी का अहसास हुआ। देर शाम काली घटाओं से हुई बारिश की वजह से दिन में अंधेरा हो गया और राहगीर अपने वाहनों की लाइट जलाकर गंतव्य को रवाना हुए। सोमवार शाम एक मिली मीटर बारिश दर्ज की गई।
जनवरी माह में अब तक दो बार पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनी थी, लेकिन दोनों ही बार बिना बरसे निकल गए। इसके कारण तापमान कम होने के बजाय लगातार बढ़ने लगा। रविवार को तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस ऊपर हो गया। रात से वातावरण में बदलाव शुरू हुआ। सोमवार सुबह में धूप खिली, लेकिन आसमान में बादल होने की वजह से तपिश नहीं महसूस हुई। दोपहर से सूरज बादलों की ओट में छिप गया। शाम को चार बजते-बजते अंधेरा होने लगा। थोड़ी ही देर में बारिश शुरू हो गई। शाम को कार्यालयों से लोग घरों को भीगते हुए पहुंचे। देर रात तक रिमझिम बारिश होने लगी। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान .4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय हवाएं पूर्वी-पश्चिमी दिशा से 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से रहीं, जो शाम को उत्तरी-दक्षिणी दिशा से हो गईं।
सूख रहीं फसलों को मिलेगा फायदा
पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि हवाएं नमी लेकर आ रही हैं। 25 जनवरी तक बादल और बारिश होने की संभावना बन रही है। उन्होंने कहा कि यह बारिश फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। सूखे की वजह से गेहूं, जौ, सरसों आदि रबी की फसलें प्रभावित हो रही थीं। अच्छी पैदावार के लिए 20 से 25 मिली मीटर बारिश होना आवश्यक है।
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बारिश से भी प्रदूषण में नहीं मिली राहत
सोमवार शाम को बारिश होने के बाद भी वायु प्रदूषण में राहत नहीं मिली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 376 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की मौजूदगी औसतन 376, न्यूनतम 317 और अधिकतम 500 रही। दिनभर की यह दशा मैरून और लाल रंग में ही दिखाई दी। पीएम 10 की मौजूदगी औसतन 314, न्यूनतम 169 और अधिकतम 500 दर्ज की गई। सुबह में स्थिति मैरून, दोपहर में पीली और शाम के समय नारंगी रंग की लाइनें दर्शाई गईं।
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सर्दी के मौसम में बार-बार घिर-घिर कर आ रहे बादल आखिरकार सोमवार को बरस ही गए। सुबह से ही आसमान में बादल छाने लगे थे। इससे वातावरण में भी परिवर्तन आया और एक बार फिर से सर्दी का अहसास हुआ। देर शाम काली घटाओं से हुई बारिश की वजह से दिन में अंधेरा हो गया और राहगीर अपने वाहनों की लाइट जलाकर गंतव्य को रवाना हुए। सोमवार शाम एक मिली मीटर बारिश दर्ज की गई।
जनवरी माह में अब तक दो बार पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनी थी, लेकिन दोनों ही बार बिना बरसे निकल गए। इसके कारण तापमान कम होने के बजाय लगातार बढ़ने लगा। रविवार को तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस ऊपर हो गया। रात से वातावरण में बदलाव शुरू हुआ। सोमवार सुबह में धूप खिली, लेकिन आसमान में बादल होने की वजह से तपिश नहीं महसूस हुई। दोपहर से सूरज बादलों की ओट में छिप गया। शाम को चार बजते-बजते अंधेरा होने लगा। थोड़ी ही देर में बारिश शुरू हो गई। शाम को कार्यालयों से लोग घरों को भीगते हुए पहुंचे। देर रात तक रिमझिम बारिश होने लगी। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान .4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय हवाएं पूर्वी-पश्चिमी दिशा से 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से रहीं, जो शाम को उत्तरी-दक्षिणी दिशा से हो गईं।
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सूख रहीं फसलों को मिलेगा फायदा
पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि हवाएं नमी लेकर आ रही हैं। 25 जनवरी तक बादल और बारिश होने की संभावना बन रही है। उन्होंने कहा कि यह बारिश फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। सूखे की वजह से गेहूं, जौ, सरसों आदि रबी की फसलें प्रभावित हो रही थीं। अच्छी पैदावार के लिए 20 से 25 मिली मीटर बारिश होना आवश्यक है।
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बारिश से भी प्रदूषण में नहीं मिली राहत
सोमवार शाम को बारिश होने के बाद भी वायु प्रदूषण में राहत नहीं मिली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 376 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की मौजूदगी औसतन 376, न्यूनतम 317 और अधिकतम 500 रही। दिनभर की यह दशा मैरून और लाल रंग में ही दिखाई दी। पीएम 10 की मौजूदगी औसतन 314, न्यूनतम 169 और अधिकतम 500 दर्ज की गई। सुबह में स्थिति मैरून, दोपहर में पीली और शाम के समय नारंगी रंग की लाइनें दर्शाई गईं।