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अस्पताल में लगी बुखार के मरीजों की लाइन
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:00 AM IST
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मुरादाबाद।
बदलते मौसम से वायरल रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुखार और फ्लू के संक्रमण ने लोगों को चपेट में ले लिया है। इसके चलते रोजाना अकेले जिला अस्पताल में ही पांच सौ से ज्यादा नए मरीज आ रहे हैं। तेज बुखार से जिले में कई रोगियों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बचाव की सलाह दी है।
उमस और भीषण गर्मी के बाद एकाएक मौसम ने अपना रुख बदलना शुरू कर दिया है। दिन में मौसम गर्म रहता है, जबकि आधी रात से तापमान में एकाएक गिरावट आ जाती है। शाम को लोग पंखा-एसी चलाकर सो जाते हें और आधी रात के बाद इनके चलते ठंडक का अहसास होता है। इसके साथ ही बदलता मौसम वायरल का कारण बन रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना पांच सौ ज्यादा नए मरीज बुखार के आ रहे हैं। निजी चिकित्सकों के यहां पर भी मरीजों की लाइन लगी हैं। जलभराव के कारण डेंगू और मलेरिया के रोगी भी सामने आने लगे हैं।
यह हैं वायरल के लक्षण -
- एकाएक तेज बुखार होना, जिसमें कई बार सौ डिग्री से ऊपर रहता है।
- सिर व बदन में भयंकर दर्द होना, इससे रोगी परेशान हो उठता है।
- दवा लेने के बाद भी बुखार और दर्द का पूरी तरह खत्म नहीं होना।
- एकाएक तेज पसीना आना, कई बार चक्कर आना व उल्टी होना।
- बुखार के साथ हल्की सर्दी का महसूस होना, हाथ-पैर अकड़ना।
- नजला व हल्की खांसी का होना, नाक का बहना।
यह रखें ध्यान -
- वायरल बुखार ठीक होने में पांच से सात दिन का समय लेता है, ऐसे में घबराए नहीं
- घर पर पैरासीटामाल की टेबलेट रखें, बुखार होने पर उसका सेवन करें।
- पैरासीटामाल के अलावा अन्य कोई दवा अपनी मर्जी से न लें।
- तेज बुखार होने पर रोगी के सिर, पेट व पैरों पर पानी की पट्टियां रखें।
- उल्टियां होने, बुखार कम न होने, लगातार चक्कर आने या बेहोश होने पर तत्काल अस्पताल ले जाए।
- अपने चिकित्सक के लगातार संपर्क में रहें, उनके बिना परामर्श के दवा का प्रयोग न करें।
जागरूक बनें
- किसी बीमार व्यक्ति के रुमाल-तौलिया का प्रयोग न करें।
- हाथ मिलाने से परहेज करें, हाथ जोड़कर ही अभिवादन करें।
- प्लेटलेट्स कम होना डेंगू का प्रतीक नहीं है, किसी के बहकावे में न आएं।
- बुखार के रोगी को पानी, तरह पदार्थ, जूस और हल्का सुपाच्य खाना लगातार देते रहें।
- बुखार के रोगी के शरीर में पानी की कमी होना गंभीर है, इसका ध्यान रखें।
- तेज बुखार होने पर किसी भी प्रकार की दवा न दें, पहले पानी की पट्टी रखकर बुखार को सौ डिग्री से कम पर लाएं।
बदलते मौसम में बुखार होना सामान्य है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। पांच से सात दिन में सामान्य बुखार ठीक हो जाता है। बुखार होने पर घबराए नहीं। सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी योग्य चिकित्सक से उपचार कराएं। अयोग्य व अपंजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराना या मेडिकल स्टोर से अपने आप दवा लेकर सेवन करना जानलेवा हो सकता है।
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- डा. राजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा प्रभारी।
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बदलते मौसम से वायरल रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुखार और फ्लू के संक्रमण ने लोगों को चपेट में ले लिया है। इसके चलते रोजाना अकेले जिला अस्पताल में ही पांच सौ से ज्यादा नए मरीज आ रहे हैं। तेज बुखार से जिले में कई रोगियों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बचाव की सलाह दी है।
उमस और भीषण गर्मी के बाद एकाएक मौसम ने अपना रुख बदलना शुरू कर दिया है। दिन में मौसम गर्म रहता है, जबकि आधी रात से तापमान में एकाएक गिरावट आ जाती है। शाम को लोग पंखा-एसी चलाकर सो जाते हें और आधी रात के बाद इनके चलते ठंडक का अहसास होता है। इसके साथ ही बदलता मौसम वायरल का कारण बन रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना पांच सौ ज्यादा नए मरीज बुखार के आ रहे हैं। निजी चिकित्सकों के यहां पर भी मरीजों की लाइन लगी हैं। जलभराव के कारण डेंगू और मलेरिया के रोगी भी सामने आने लगे हैं।
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यह हैं वायरल के लक्षण -
- एकाएक तेज बुखार होना, जिसमें कई बार सौ डिग्री से ऊपर रहता है।
- सिर व बदन में भयंकर दर्द होना, इससे रोगी परेशान हो उठता है।
- दवा लेने के बाद भी बुखार और दर्द का पूरी तरह खत्म नहीं होना।
- एकाएक तेज पसीना आना, कई बार चक्कर आना व उल्टी होना।
- बुखार के साथ हल्की सर्दी का महसूस होना, हाथ-पैर अकड़ना।
- नजला व हल्की खांसी का होना, नाक का बहना।
यह रखें ध्यान -
- वायरल बुखार ठीक होने में पांच से सात दिन का समय लेता है, ऐसे में घबराए नहीं
- घर पर पैरासीटामाल की टेबलेट रखें, बुखार होने पर उसका सेवन करें।
- पैरासीटामाल के अलावा अन्य कोई दवा अपनी मर्जी से न लें।
- तेज बुखार होने पर रोगी के सिर, पेट व पैरों पर पानी की पट्टियां रखें।
- उल्टियां होने, बुखार कम न होने, लगातार चक्कर आने या बेहोश होने पर तत्काल अस्पताल ले जाए।
- अपने चिकित्सक के लगातार संपर्क में रहें, उनके बिना परामर्श के दवा का प्रयोग न करें।
जागरूक बनें
- किसी बीमार व्यक्ति के रुमाल-तौलिया का प्रयोग न करें।
- हाथ मिलाने से परहेज करें, हाथ जोड़कर ही अभिवादन करें।
- प्लेटलेट्स कम होना डेंगू का प्रतीक नहीं है, किसी के बहकावे में न आएं।
- बुखार के रोगी को पानी, तरह पदार्थ, जूस और हल्का सुपाच्य खाना लगातार देते रहें।
- बुखार के रोगी के शरीर में पानी की कमी होना गंभीर है, इसका ध्यान रखें।
- तेज बुखार होने पर किसी भी प्रकार की दवा न दें, पहले पानी की पट्टी रखकर बुखार को सौ डिग्री से कम पर लाएं।
बदलते मौसम में बुखार होना सामान्य है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। पांच से सात दिन में सामान्य बुखार ठीक हो जाता है। बुखार होने पर घबराए नहीं। सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी योग्य चिकित्सक से उपचार कराएं। अयोग्य व अपंजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराना या मेडिकल स्टोर से अपने आप दवा लेकर सेवन करना जानलेवा हो सकता है।
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- डा. राजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा प्रभारी।