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ट्रेजरी घोटाले में होगा विशेष ऑडिट
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:47 AM IST
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मुरादाबाद। 1.24 करोड़ रुपये के ट्रेजरी घोटाले में जिलाधिकारी ने विशेष आडिट के आदेश दिए हैं। घोटाले में जेल गए सेवानिवृत्त भूलेख लिपिक का पूरे कार्यकाल का आडिट होगा। लिपिक हाईकोर्ट के स्टे पर पूरी नौकरी कर गया। इस बात की भी जांच होगी कि उसका स्टे तुड़वाने की कोशिश क्यों नहीं की गई।
मिलन विहार निवासी कलक्ट्रेट के सेवानिवृत्त भूलेख लिपिक अनिल कुमार मेहरोत्रा को एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने 22 मार्च को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। 31 मई 2017 को रिटायर हो चुके अनिल मेहरोत्रा ने बारी - बारी से फर्जी बिल लगाकर ट्रेजरी से 1.24 करोड़ रुपये निकाले थे। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 तक की जांच कर ली है। अभी कोई नया मामला प्रकाश में नहीं आया है। बाबू के पूरे कार्यकाल का विशेष आडिट किया जाएगा। डीएम ने बताया कि बाबू अनिल कुमार हाईकोर्ट के स्टे पर इतने दिन कैसे भूलेख लिपिक के पद पर तैनात रहा इसकी भी जांच की जा रही है।
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मिलन विहार निवासी कलक्ट्रेट के सेवानिवृत्त भूलेख लिपिक अनिल कुमार मेहरोत्रा को एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने 22 मार्च को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। 31 मई 2017 को रिटायर हो चुके अनिल मेहरोत्रा ने बारी - बारी से फर्जी बिल लगाकर ट्रेजरी से 1.24 करोड़ रुपये निकाले थे। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 तक की जांच कर ली है। अभी कोई नया मामला प्रकाश में नहीं आया है। बाबू के पूरे कार्यकाल का विशेष आडिट किया जाएगा। डीएम ने बताया कि बाबू अनिल कुमार हाईकोर्ट के स्टे पर इतने दिन कैसे भूलेख लिपिक के पद पर तैनात रहा इसकी भी जांच की जा रही है।
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