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फार्म नहीं भर पा रहे बीएड विद्यार्थी
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मुरादाबाद।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रम की परीक्षाओं के लिए आनलाइन परीक्षा फार्म भरवाए जा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी बीएड के विद्यार्थियों को हो रही है। परास्नातक की अंकतालिका अनिवार्य करने की वजह से स्नातक वाले विद्यार्थी फार्म नहीं भर पा रहे हैं।
आनलाइन परीक्षा फार्म भरने की आखिरी तारीख 11 मार्च है। बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को दो टीचिंग विषय भरने होते हैं। इसमें विद्यार्थियों का एक ही विषय आ रहा है। गोकुलदास गर्ल्स हिंदू कालेज की प्राचार्या डॉ. अंजना दास ने बताया कि अनिवार्य में भी सभी विषय नहीं आ रहे हैं, इसके अलावा परास्नातक की अंकतालिका मांगी जा रही है। परीक्षा उत्तीर्ण की जानकारी में विद्यार्थियों ने स्नातक किस विश्वविद्यालय से किया है, इसे भरने के विकल्प में इंटरमीडिएट का ही बोर्ड आ रहा है, जबकि इसके स्थान पर विद्यार्थी ने जिस विश्वविद्यालय से स्नातक किया है, उसका नाम आना चाहिए था। विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने बताया कि यह समस्या पहली बार सामने आई है। कालेजों को संसोधन का अधिकार दे रहे हैं। इसके बावजूद भी कोई दिक्कत आ रही है तो कालेजों को ई-मेल करना होगा। यदि समय से संसोधन नहीं होगा तो परीक्षा फार्म की तारीख भी बढ़ाई जा सकती है।
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रम की परीक्षाओं के लिए आनलाइन परीक्षा फार्म भरवाए जा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी बीएड के विद्यार्थियों को हो रही है। परास्नातक की अंकतालिका अनिवार्य करने की वजह से स्नातक वाले विद्यार्थी फार्म नहीं भर पा रहे हैं।
आनलाइन परीक्षा फार्म भरने की आखिरी तारीख 11 मार्च है। बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को दो टीचिंग विषय भरने होते हैं। इसमें विद्यार्थियों का एक ही विषय आ रहा है। गोकुलदास गर्ल्स हिंदू कालेज की प्राचार्या डॉ. अंजना दास ने बताया कि अनिवार्य में भी सभी विषय नहीं आ रहे हैं, इसके अलावा परास्नातक की अंकतालिका मांगी जा रही है। परीक्षा उत्तीर्ण की जानकारी में विद्यार्थियों ने स्नातक किस विश्वविद्यालय से किया है, इसे भरने के विकल्प में इंटरमीडिएट का ही बोर्ड आ रहा है, जबकि इसके स्थान पर विद्यार्थी ने जिस विश्वविद्यालय से स्नातक किया है, उसका नाम आना चाहिए था। विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने बताया कि यह समस्या पहली बार सामने आई है। कालेजों को संसोधन का अधिकार दे रहे हैं। इसके बावजूद भी कोई दिक्कत आ रही है तो कालेजों को ई-मेल करना होगा। यदि समय से संसोधन नहीं होगा तो परीक्षा फार्म की तारीख भी बढ़ाई जा सकती है।
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