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जाम से हलकान रहा शहर
Updated Tue, 29 May 2018 01:48 AM IST
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मुरादाबाद।
किसानों के जाम लगाने से भरी दोपहर में भीषण गर्मी के बीच राहगीर पसीना-पसीना होते रहे। दो घंटे तक वाहन जहां के जहां फंस गए। बूढ़े-बच्चे और बीमार जाम में परेशान रहे। बसों में बैठक लोग पसीना-पसीना होते रहे।
महिलाएं और बुजुर्ग कई किमी तक सामान लादकर पैदल चलने को मजबूर रहे। विकलांग भी बैसाखियों के सहारे जाम के बीच से होकर निकलते देखे गए। रोजेदार जाम में फंसकर पसीना बहाने को मजबूर रहे तो जरूरी काम से घरों से निकले लोग जहां-तहां से निकलने को प्रयासरत रहे। फव्वारा चौक से होकर ही दिल्ली रोड से शहर में एंट्री होती है। ऐसे में एंबुलेंस और मरीज अस्पतालाें तक यहीं से होकर निकलते हैं। करीब चार किमी लंबे जाम में कई एंबुलेंस फंस गई। पुलिस ने लोगों की मदद से वाहनों को हटवाकर जैसे-तैसे एंबुलेंस को बाहर निकवाया। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक जाम से होकर निकलने का प्रयास करते रहे।
किसानों और पुलिस के बीच कई बार टकराव के हालात पैदा हुए। सबसे ज्यादा नाराजगी पानी को लेकर थी। किसानों को गर्मी में पानी नहीं मिल रहा था, जबकि अधिकारी बोतलबंद पानी मंगवाकर पी रहे थे। किसानों के माइक से नाराजगी जताने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम ने तत्काल पेयजल का टैंकर पहुंचाने को कहा। टैंकर पहुंचने के बाद किसानों ने पानी पिया।
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मिलों पर किसानों के बकाया की स्थिति -
अगवानपुर 146 करोड़
बेलवारा 107 करोड़
बिलारी 86 करोड़
रानीवाला 86 करोड़
......
कुल बकाया- करीब 424 करोड़
कुल भुगतान - करीब 578 करोड़
चीनी मिलों पर शिकंजा कस दिया गया है। चीनी, शीरा और बिजली उत्पादन से मिलने वाली समस्त धनराशि से किसानों का भुगतान कराने का निर्णय लिया गया है। मिलों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब 31 मई को यदि मिल प्रबंधन किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाता है तो अधिकारियों के निर्देशानुसार चीनी मिलों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. सुभाष यादव, जिला गन्ना अधिकारी मुरादाबाद।
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किसानों के जाम लगाने से भरी दोपहर में भीषण गर्मी के बीच राहगीर पसीना-पसीना होते रहे। दो घंटे तक वाहन जहां के जहां फंस गए। बूढ़े-बच्चे और बीमार जाम में परेशान रहे। बसों में बैठक लोग पसीना-पसीना होते रहे।
महिलाएं और बुजुर्ग कई किमी तक सामान लादकर पैदल चलने को मजबूर रहे। विकलांग भी बैसाखियों के सहारे जाम के बीच से होकर निकलते देखे गए। रोजेदार जाम में फंसकर पसीना बहाने को मजबूर रहे तो जरूरी काम से घरों से निकले लोग जहां-तहां से निकलने को प्रयासरत रहे। फव्वारा चौक से होकर ही दिल्ली रोड से शहर में एंट्री होती है। ऐसे में एंबुलेंस और मरीज अस्पतालाें तक यहीं से होकर निकलते हैं। करीब चार किमी लंबे जाम में कई एंबुलेंस फंस गई। पुलिस ने लोगों की मदद से वाहनों को हटवाकर जैसे-तैसे एंबुलेंस को बाहर निकवाया। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक जाम से होकर निकलने का प्रयास करते रहे।
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किसानों और पुलिस के बीच कई बार टकराव के हालात पैदा हुए। सबसे ज्यादा नाराजगी पानी को लेकर थी। किसानों को गर्मी में पानी नहीं मिल रहा था, जबकि अधिकारी बोतलबंद पानी मंगवाकर पी रहे थे। किसानों के माइक से नाराजगी जताने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम ने तत्काल पेयजल का टैंकर पहुंचाने को कहा। टैंकर पहुंचने के बाद किसानों ने पानी पिया।
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मिलों पर किसानों के बकाया की स्थिति -
अगवानपुर 146 करोड़
बेलवारा 107 करोड़
बिलारी 86 करोड़
रानीवाला 86 करोड़
......
कुल बकाया- करीब 424 करोड़
कुल भुगतान - करीब 578 करोड़
चीनी मिलों पर शिकंजा कस दिया गया है। चीनी, शीरा और बिजली उत्पादन से मिलने वाली समस्त धनराशि से किसानों का भुगतान कराने का निर्णय लिया गया है। मिलों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब 31 मई को यदि मिल प्रबंधन किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाता है तो अधिकारियों के निर्देशानुसार चीनी मिलों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. सुभाष यादव, जिला गन्ना अधिकारी मुरादाबाद।