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पश्चिम बंगाल में मारपीट से आक्रोशित डॉक्टर ने की हड़ताल
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मुरादाबाद। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हिंसक वारदात के बाद प्राइवेट डॉक्टरों ने सूबे में हड़ताल का ऐलान किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. डीपीएस लोचब के मुताबिक रविवार शाम छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक निजी डॉक्टर ओपीडी नहीं करेंगे।
आईएमए से संबद्ध डॉक्टरों ने बीती 14 जून को हाथ पर काली पट्टी बांधकर प्रैक्टिस की थी। अब केंद्रीय आईएमए के आह्वान पर 16 जून की शाम छह बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक सभी डॉक्टर इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर हड़ताल पर रहेंगे। आईएमए भवन में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि इसमें सरकारी, प्राइवेक्ट प्रैक्टिशनर्स, विभिन्न मेडिकल कॉलेज के जूनियर और सीनियर डॉक्टर शामिल रहेंगे। इस दौरान सिर्फ अति गंभीर मरीजों को डॉक्टर देखेंगे।
यह है पूरा मामला
कोलकाता के एनआरसी मेडिकल कॉलेज में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत होने के बाद 200 लोगों की भीड़ ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्टाफ की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की थी। इस वारदात में दो जूनियर डॉक्टर गंभीर अवस्था में आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों में इसलिए भी रोष है, क्योंकि ममता बनर्जी की सरकार ने हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों को वापस काम पर आने के लिए दबाव बनाया। लेकिन मारपीट करने वाले आरोेपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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डॉक्टरों की हैं यह मांगे :
- डॉक्टरों की केंद्र सरकार से सुरक्षा के लिए एक्ट बनाने
- पश्चिम बंगाल में आरोपियों की गिरफ्तारी
- प्रदेश सरकार से मजबूत कानून बनाने की मांग
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आईएमए से संबद्ध डॉक्टरों ने बीती 14 जून को हाथ पर काली पट्टी बांधकर प्रैक्टिस की थी। अब केंद्रीय आईएमए के आह्वान पर 16 जून की शाम छह बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक सभी डॉक्टर इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर हड़ताल पर रहेंगे। आईएमए भवन में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि इसमें सरकारी, प्राइवेक्ट प्रैक्टिशनर्स, विभिन्न मेडिकल कॉलेज के जूनियर और सीनियर डॉक्टर शामिल रहेंगे। इस दौरान सिर्फ अति गंभीर मरीजों को डॉक्टर देखेंगे।
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यह है पूरा मामला
कोलकाता के एनआरसी मेडिकल कॉलेज में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत होने के बाद 200 लोगों की भीड़ ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्टाफ की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की थी। इस वारदात में दो जूनियर डॉक्टर गंभीर अवस्था में आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों में इसलिए भी रोष है, क्योंकि ममता बनर्जी की सरकार ने हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों को वापस काम पर आने के लिए दबाव बनाया। लेकिन मारपीट करने वाले आरोेपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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डॉक्टरों की हैं यह मांगे :
- डॉक्टरों की केंद्र सरकार से सुरक्षा के लिए एक्ट बनाने
- पश्चिम बंगाल में आरोपियों की गिरफ्तारी
- प्रदेश सरकार से मजबूत कानून बनाने की मांग