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हवा में जहर घोलती भट्ठियां घोंट रही दम
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मुरादाबाद। वायु प्रदूषण के स्तर खतरनाक होते स्तर की वजह से मुरादाबाद को प्रदेश के 15 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल किया गया है। शहर में गली - मोहल्लों में चल रही 25000 से अधिक पीतल भट्ठियां शहर की आबोहवा में जहर घोल रही हैं। एनजीटी की सख्ती और खतरनाक स्तर को पार कर चुके प्रदूषण स्तर के बावजूद अफसर इन पर पाबंदी लगाने में नाकाम हैं।
सर्दियों के समय अक्सर मुरादाबाद देश और प्रदेश वायु प्रदूषण में पहले और दूसरे स्थान पर रहता है। प्रदूषण के विभिन्न कारकों में ई-कचरा भी एक कारण है। लालबाग, कटघर, लाजपत नगर की हवा शहर में सर्वाधिक दूषित रहती है। लालबाग क्षेत्रवासी तो गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। इस गंभीर स्थिति की वजह से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण इसे नॉन एटेनमेंट सिटीज की श्रेणी में रखा गया है। हवा को स्वच्छ करने के लिए पर्यावरण विभाग ने छह सदस्यीय एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग कमेटी गठित की है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजय शर्मा का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी की निगरानी में जिला स्तरीय पर्यावरण समिति बनी है। इसमें ट्रांसपोर्ट, नगर निगम, जल निगम, विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि विभाग, जिला उद्योग केंद्र, निर्माण एजेंसी, यातायात पुलिस, वन विभाग, सप्लाई विभाग, ऑयल कंपनी को शामिल किया गया है। पिछले माह से शार्ट टर्म प्लान के तहत यातायात नियंत्रण, कूड़ा जालने से रोकना, सड़कों की समुचित सफाई, कूड़े का उचित निस्तारण, इंडस्ट्री प्रदूषण कम करने और पौध रोपण पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि क्रियान्वयन से प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। प्रत्येक तीन महीने में विभाग को रिपोर्ट भेजनी है। इसकी समीक्षा मुख्य सचिव करेंगे।
तीन जून को 178 रहा एक्यूआई
एमएच कालेज में वायु गुणवत्ता सूचकांक को दर्ज करने के लिए लगी मशीन पिछले महीने खराब हो गई थी। इसकी वजह से निगरानी का कार्य रुका रहा था। अब मशीन का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन डाटा दिखाई देना नियमित नहीं हो सका है। 14 मई से 31 मई तक करीब पांच दिन और उसके बाद 15 जून तक सिर्फ तीन जून को एक्यूआई का स्तर एप पर आया है। उस समय इसका स्तर 178 रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि मशीन सही हो गई है। इससे डाटा सर्वर पर जा रहा है। वहां से एप पर लोड होता है। सर्वर से एप पर डाटा आने में समय लग रहा है।
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सर्दियों के समय अक्सर मुरादाबाद देश और प्रदेश वायु प्रदूषण में पहले और दूसरे स्थान पर रहता है। प्रदूषण के विभिन्न कारकों में ई-कचरा भी एक कारण है। लालबाग, कटघर, लाजपत नगर की हवा शहर में सर्वाधिक दूषित रहती है। लालबाग क्षेत्रवासी तो गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। इस गंभीर स्थिति की वजह से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण इसे नॉन एटेनमेंट सिटीज की श्रेणी में रखा गया है। हवा को स्वच्छ करने के लिए पर्यावरण विभाग ने छह सदस्यीय एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग कमेटी गठित की है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजय शर्मा का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी की निगरानी में जिला स्तरीय पर्यावरण समिति बनी है। इसमें ट्रांसपोर्ट, नगर निगम, जल निगम, विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि विभाग, जिला उद्योग केंद्र, निर्माण एजेंसी, यातायात पुलिस, वन विभाग, सप्लाई विभाग, ऑयल कंपनी को शामिल किया गया है। पिछले माह से शार्ट टर्म प्लान के तहत यातायात नियंत्रण, कूड़ा जालने से रोकना, सड़कों की समुचित सफाई, कूड़े का उचित निस्तारण, इंडस्ट्री प्रदूषण कम करने और पौध रोपण पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि क्रियान्वयन से प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। प्रत्येक तीन महीने में विभाग को रिपोर्ट भेजनी है। इसकी समीक्षा मुख्य सचिव करेंगे।
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तीन जून को 178 रहा एक्यूआई
एमएच कालेज में वायु गुणवत्ता सूचकांक को दर्ज करने के लिए लगी मशीन पिछले महीने खराब हो गई थी। इसकी वजह से निगरानी का कार्य रुका रहा था। अब मशीन का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन डाटा दिखाई देना नियमित नहीं हो सका है। 14 मई से 31 मई तक करीब पांच दिन और उसके बाद 15 जून तक सिर्फ तीन जून को एक्यूआई का स्तर एप पर आया है। उस समय इसका स्तर 178 रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि मशीन सही हो गई है। इससे डाटा सर्वर पर जा रहा है। वहां से एप पर लोड होता है। सर्वर से एप पर डाटा आने में समय लग रहा है।
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