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250 से अधिक विद्यार्थियों का फंसा भविष्य
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मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अपना परिणाम तो जारी कर दिया, लेकिन वाणिज्य संकाय में विषयों का समायोजन न होने की वजह से बहुत से विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाया गया है। मुरादाबाद में भी ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 250 से ऊपर है। प्राचार्य हिंदू कालेज ने बताया कि अब विद्यार्थियों के पास सुधार परीक्षा देने का ही विकल्प बचा है।
विश्वविद्यालय ने वार्षिक परीक्षा परिणाम 15 मई को जारी किया था। इस परीक्षा में वाणिज्य संकाय अंतिम वर्ष के करीब 14 हजार परीक्षार्थी शामिल थे, जिसमें से एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी फेल हो गए थे। उन्हें एक पेपर में अनुपस्थित दिखाया गया। प्राचार्य हिंदू कालेज डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि कालेज के सात-आठ विद्यार्थी हैं। ज्यादातर विद्यार्थी व्यक्तिगत स्तर के और एक निजी कालेज के हैं। इन विद्यार्थियों ने वैकल्पिक ग्रुप सी के दोनों प्रश्नपत्र लेने के बजाय एक प्रश्नपत्र ग्रुप सी का चुन लिया और दूसरा प्रश्नपत्र किसी अन्य ग्रुप का चुन लिया। ऐसे में एक प्रश्नपत्र की परीक्षा तो विद्यार्थियों ने दी, लेकिन दूसरे ग्रुप का प्रश्नपत्र चुनने की वजह से वह सी ग्रुप के दूसरे प्रश्नपत्र में अनुपस्थित आ गए। अब उन्हें सुधार परीक्षा में एक ही ग्रुप के दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा देनी होगी। क्योंकि एक प्रश्नपत्र की परीक्षा छूटने की वजह से दूसरा प्रश्नपत्र का भी कोई मतलब नहीं रह गया है।
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विश्वविद्यालय ने वार्षिक परीक्षा परिणाम 15 मई को जारी किया था। इस परीक्षा में वाणिज्य संकाय अंतिम वर्ष के करीब 14 हजार परीक्षार्थी शामिल थे, जिसमें से एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी फेल हो गए थे। उन्हें एक पेपर में अनुपस्थित दिखाया गया। प्राचार्य हिंदू कालेज डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि कालेज के सात-आठ विद्यार्थी हैं। ज्यादातर विद्यार्थी व्यक्तिगत स्तर के और एक निजी कालेज के हैं। इन विद्यार्थियों ने वैकल्पिक ग्रुप सी के दोनों प्रश्नपत्र लेने के बजाय एक प्रश्नपत्र ग्रुप सी का चुन लिया और दूसरा प्रश्नपत्र किसी अन्य ग्रुप का चुन लिया। ऐसे में एक प्रश्नपत्र की परीक्षा तो विद्यार्थियों ने दी, लेकिन दूसरे ग्रुप का प्रश्नपत्र चुनने की वजह से वह सी ग्रुप के दूसरे प्रश्नपत्र में अनुपस्थित आ गए। अब उन्हें सुधार परीक्षा में एक ही ग्रुप के दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा देनी होगी। क्योंकि एक प्रश्नपत्र की परीक्षा छूटने की वजह से दूसरा प्रश्नपत्र का भी कोई मतलब नहीं रह गया है।
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