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बिना पंजीकृत ई-रिक्शों का संचालन जिले में प्रतिबंधित किया गया-
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:14 AM IST
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चंदौसी। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने पिछले दिनों भी बैठक करके बिना पंजीकृत ई-रिक्शों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए थे। पकड़े जाने पर उन्हें तत्काल खुर्दबुर्द (कटवा देने) करने को कहा था लेकिन अभी तक ई-रिक्शा संचालकों ने पंजीयन नहीं कराया है। जिलाधिकारी ने अब जिले में बिना पंजीकृत व टैक्स अदा किए बगैर किसी भी वाहन का संचालन अवैध घोषित कर दिया है।
जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने एआरटीओ छवि सिंह को निर्देश दिए हैं कि सभी ई-रिक्शा और ई-कॉर्ट वाहन स्वामियों एवं चालकों को बता दें कि केंद्रीय मोटर यान अधिनियम-1988 के अनुपालन में बिना पंजीयन कराए और उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान अधिनियम-1997 के अनुपालन में बिना टैक्स जमा किए वाहनों का संचालन अवैध है। इसलिए सभी ई-रिक्शा और ई-कॉर्ट वाहन चालकों को अपने ई-रिक्शा और ई-कॉर्ट का एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन एवं कर का भुगतान करवाने के बाद ही संचालन करें। नियमानुसार पंजीयन अथवा टैक्स जमा नहीं होने वाले इ-रिक्शा और ई-कॉर्ट वाहनों के विरुद्ध पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई (चालान/बंदी) की जाएगी। इन वाहनों पर देय जुर्माना/कर जमा करने या वाहन कि पहचान एवं स्वामित्व निश्चित न हो पाने की दशा में इन वाहनों को उक्त अधिनियमों के अनुसार खुर्द बुर्द कर कबाड़े के रूप में नीलाम कर दिया जाएगा।
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जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने एआरटीओ छवि सिंह को निर्देश दिए हैं कि सभी ई-रिक्शा और ई-कॉर्ट वाहन स्वामियों एवं चालकों को बता दें कि केंद्रीय मोटर यान अधिनियम-1988 के अनुपालन में बिना पंजीयन कराए और उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान अधिनियम-1997 के अनुपालन में बिना टैक्स जमा किए वाहनों का संचालन अवैध है। इसलिए सभी ई-रिक्शा और ई-कॉर्ट वाहन चालकों को अपने ई-रिक्शा और ई-कॉर्ट का एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन एवं कर का भुगतान करवाने के बाद ही संचालन करें। नियमानुसार पंजीयन अथवा टैक्स जमा नहीं होने वाले इ-रिक्शा और ई-कॉर्ट वाहनों के विरुद्ध पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई (चालान/बंदी) की जाएगी। इन वाहनों पर देय जुर्माना/कर जमा करने या वाहन कि पहचान एवं स्वामित्व निश्चित न हो पाने की दशा में इन वाहनों को उक्त अधिनियमों के अनुसार खुर्द बुर्द कर कबाड़े के रूप में नीलाम कर दिया जाएगा।
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