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बारिश फसलों के अमृत, फसलें बोएं और बागवानी करें किसान
Updated Sat, 28 Jul 2018 01:32 AM IST
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चंदौसी। कई दिन से हो रही बारिश किसान के लिए लाभकारी है। बारिश के बाद किसान बागवानी कर सकते हैं, कई फसलों के बुवाई कर सकते हैं। जिनकी सिंचाई भी अब कम ही करनी पड़ेगी। हाल ही में धान की रोपाई के लिए भी बारिश फायदेमंद साबित हो रही है।
किसान के साथ साथ सभी लोगों को लंबे समय से बारिश का इंतजार था। इंतजार खत्म हुआ और किसान के चेहरे पर रौनक भी लौट आई। लगातार बारिश से धान की फसल को भारी लाभ पहुंचा है, वहीं धान की अवशेष रोपाई भी जोरशोर से शुरू हो गई हैं। कृषि विभाग के कहना है कि किसान मौसम खुलने के बाद आगामी फसलों की तैयारी कर सकता है। थोड़ी नमी खत्म होने के बाद वह खेत जोतकर बाजरा व उड़द की फसल की बुवाई कर सकता है। बात करें बागवानी की तो इस समय किसान आम व अमरूद के पौधे लगा सकता है। यह पौधे उद्यान विभाग के पास अनुदान के साथ उपलब्ध हैं। इसके बाद बारी आती है सब्जियों की। किसान मौसम साफ होने के बाद काली तोरई व लौकी की बुवाई कर सकता है। क्योंकि आगामी बारिश इन फसलों के लिए लाभकारी सिद्घ होगी। इसके अलावा बासमती प्रजाति के चावल की पौध की रोपाई के लिए भी यह समय उपयुक्त है। कृषि अधिकारियों का मानना है कि बासमती की प्रजातियों पकने में कम समय लेती है। इसलिए किसान इनकी रोपाई बाद तक करता रहता है।
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यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद हैं। मौसम साफ होने के बाद किसान इन फसलों की बुवाई कर सकता है। बागवानी के लिए पौध लगा सकता है। इससे काफी हद तक सिंचाई के पानी की बचत होगी। -हरि सिंह जीना, उप कृषि निदेशक, संभल।
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किसान के साथ साथ सभी लोगों को लंबे समय से बारिश का इंतजार था। इंतजार खत्म हुआ और किसान के चेहरे पर रौनक भी लौट आई। लगातार बारिश से धान की फसल को भारी लाभ पहुंचा है, वहीं धान की अवशेष रोपाई भी जोरशोर से शुरू हो गई हैं। कृषि विभाग के कहना है कि किसान मौसम खुलने के बाद आगामी फसलों की तैयारी कर सकता है। थोड़ी नमी खत्म होने के बाद वह खेत जोतकर बाजरा व उड़द की फसल की बुवाई कर सकता है। बात करें बागवानी की तो इस समय किसान आम व अमरूद के पौधे लगा सकता है। यह पौधे उद्यान विभाग के पास अनुदान के साथ उपलब्ध हैं। इसके बाद बारी आती है सब्जियों की। किसान मौसम साफ होने के बाद काली तोरई व लौकी की बुवाई कर सकता है। क्योंकि आगामी बारिश इन फसलों के लिए लाभकारी सिद्घ होगी। इसके अलावा बासमती प्रजाति के चावल की पौध की रोपाई के लिए भी यह समय उपयुक्त है। कृषि अधिकारियों का मानना है कि बासमती की प्रजातियों पकने में कम समय लेती है। इसलिए किसान इनकी रोपाई बाद तक करता रहता है।
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यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद हैं। मौसम साफ होने के बाद किसान इन फसलों की बुवाई कर सकता है। बागवानी के लिए पौध लगा सकता है। इससे काफी हद तक सिंचाई के पानी की बचत होगी। -हरि सिंह जीना, उप कृषि निदेशक, संभल।
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