{"_id":"5bdcbd6cbdec221a020c55c9","slug":"151541193068-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जुलूस, प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जुलूस, प्रदर्शन
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
विवादित बयानबाजी से फार्मेसिस्टों और लैब टेक्निशियनों के निशाने पर आए स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ शुक्रवार को कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर पर कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य मंत्री के बयान का निंदा प्रस्ताव पारित कर ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया। इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य सचिव ने बयान पर सफाई दी है। जिसके बाद 12 नवंबर को लखनऊ में उनके आवास घेराव कार्यक्रम स्थगित हो गया।
परिषद अध्यक्ष डा. संदीप बडोला ने कहा कि पिछले दिनों मेरठ में एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसिस्टों और लैब टेक्निशियनों की मिलीभगत से खून में पानी मिलाए जाने का विवादित बयान दिया था। इससे फार्मेसिस्टों और लैब टेक्निशियनों में आक्रोश है। डा. बडोला ने कह कि स्वास्थ्य मंत्री के बयान के खिलाफ दो नवंबर को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दोपहर दो बजे कर्मचारी जिला अस्पताल के पास एकत्र हुए। कर्मचारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट पर कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान की निंदा की।
जुलूस प्रदर्शन के दौरान ही अध्यक्ष डा. बडोला ने 12 नवंबर के स्वास्थ्य मंत्री के लखनऊ आवास घेराव स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह की अनर्गल बयानबाजी की जाएगी तो प्रदेश भर के कर्मचारी एकजुट होकर सबक सीखाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विवादित बयानबाजी से फार्मेसिस्टों और लैब टेक्निशियनों के निशाने पर आए स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ शुक्रवार को कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर पर कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य मंत्री के बयान का निंदा प्रस्ताव पारित कर ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया। इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य सचिव ने बयान पर सफाई दी है। जिसके बाद 12 नवंबर को लखनऊ में उनके आवास घेराव कार्यक्रम स्थगित हो गया।
परिषद अध्यक्ष डा. संदीप बडोला ने कहा कि पिछले दिनों मेरठ में एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसिस्टों और लैब टेक्निशियनों की मिलीभगत से खून में पानी मिलाए जाने का विवादित बयान दिया था। इससे फार्मेसिस्टों और लैब टेक्निशियनों में आक्रोश है। डा. बडोला ने कह कि स्वास्थ्य मंत्री के बयान के खिलाफ दो नवंबर को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दोपहर दो बजे कर्मचारी जिला अस्पताल के पास एकत्र हुए। कर्मचारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट पर कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान की निंदा की।
विज्ञापन
जुलूस प्रदर्शन के दौरान ही अध्यक्ष डा. बडोला ने 12 नवंबर के स्वास्थ्य मंत्री के लखनऊ आवास घेराव स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह की अनर्गल बयानबाजी की जाएगी तो प्रदेश भर के कर्मचारी एकजुट होकर सबक सीखाएंगे।
विज्ञापन