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माथे पर चंदन रोली का तिलक, दीर्घायु की हुई कामना
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:27 PM IST
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माथे पर तिलक लगा भाई की दीर्घायु की कामना
भाईदूज के मौके पर भाइयों को तिलक कर बहनों ने मांगी उनकी लंबी आयु
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
जिले भर में शनिवार को भाईदूज का पर्व हर्षोल्लास और प्रेम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाईयों के माथे पर चंदन रोली का तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना की। मिठाई और नारियल भेंट में दिया। भाइयों ने भी अपनी बहनों को स्नेह का प्रतीक उपहार दिया।
भाई दूज पर कुछ बहने भाईयों के घर आई तो कुछ भाई भी बहनों के घर पहुंचे। भाई के माथे पर रोली अक्षत से तिलक किया गया। श्रीफल भेंट किया गया और उनके यश, श्री वृद्धि की कामना की गई। परंपरागत रूप से चौक पूरा गया। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। भाई बहनों के बीच अठखेलियां भी हुईं। दिन भर बाइक, कार आदि से लोग अपनी रिश्तेदारियों में आते जाते रहे। धनतेरस से शुरू हुई पर्वों की यह शृंखला अब भाई दूज के साथ पूरी हो गई। हिंदू पंचांग के मुताबिक अब केवल गंगा स्नान का पर्व बचा है। जिसके बाद मकर संक्रांति तक कोई बड़ा पर्व नहीं है।
फोटो
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भाईदूज के मौके पर भाइयों को तिलक कर बहनों ने मांगी उनकी लंबी आयु
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
जिले भर में शनिवार को भाईदूज का पर्व हर्षोल्लास और प्रेम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाईयों के माथे पर चंदन रोली का तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना की। मिठाई और नारियल भेंट में दिया। भाइयों ने भी अपनी बहनों को स्नेह का प्रतीक उपहार दिया।
भाई दूज पर कुछ बहने भाईयों के घर आई तो कुछ भाई भी बहनों के घर पहुंचे। भाई के माथे पर रोली अक्षत से तिलक किया गया। श्रीफल भेंट किया गया और उनके यश, श्री वृद्धि की कामना की गई। परंपरागत रूप से चौक पूरा गया। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। भाई बहनों के बीच अठखेलियां भी हुईं। दिन भर बाइक, कार आदि से लोग अपनी रिश्तेदारियों में आते जाते रहे। धनतेरस से शुरू हुई पर्वों की यह शृंखला अब भाई दूज के साथ पूरी हो गई। हिंदू पंचांग के मुताबिक अब केवल गंगा स्नान का पर्व बचा है। जिसके बाद मकर संक्रांति तक कोई बड़ा पर्व नहीं है।
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