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हत्या-
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:39 AM IST
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दिल्ली से घर लौट रहे ग्रामीण का शव पिलखुआ में मिला, हत्या की आशंका
चंदौसी (संभल)।
कुढ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण दिल्ली से घर लौटते समय अचानक रोडवेज की बस से लापता हो गया। उसके बाद उसकी शव पिलखुआ में मिला। तीन दिन बाद परिजनों ने पिलखुआ पहुंचकर शव का शिनाख्त की। पुलिस ने मामला सड़क दुर्घटना का बताकर इतिश्री कर ली लेकिन परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गुरसरी गांव निवासी हरपाल सिंह के चालीस वर्षीय पुत्र रामवीर दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। 31 अगस्त की सुबह वह दिल्ली से घर के लिए चला। दोपहर 12.30 बजे रामवीर ने अपनी पत्नी रेखा देवी को फोन करके अपने घर आने की जानकारी दी। यह भी बताया कि वह रोडवेज बस में बैठ गया है। अपराह्न करीब दो बजे पत्नी ने फोन पर बात करने का प्रयास किया लेकिन रामवीर का फोन स्वीच ऑफ बताने लगा। उस रात नहीं आया तो परिजनों ने समझा कि शायद किसी रिश्तेदारी में रुक गया होगा। लेकिन जब अगले दिन भी नहीं आया तो तलाश शुरू की गई। दो सितंबर को रामवीर के पिता हरपाल सिंह व भाई ओमवीर दिल्ली पहुंचे लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। वापस लौटते समय वह पिलखुआ में रुके तो एक रिश्तेदार ने बतायाकि यहां अखबार में एक लावारिश लाश मिलने की खबर छपी थी। उसे देखने पहुंचे तो शव रामवीर का था। पिलखुआ पुलिस ने सड़क दुर्घटना मानकर पोस्टमार्टम कराकर शव को लावारिश की शिनाख्त के लिए रख दिया था।
जबकि रामवीर के पिता हरपाल सिंह का मानना हैकि जब वह रोडवेज में था, तो फिर पिलखुआ की सड़क पर कैसे पहुंचा, कैसे उसकी दुर्घटना में मौत हो गई। निश्चित ही उसे किसी ने उतार होगा, उसकी हत्या की गई होगी। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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चंदौसी (संभल)।
कुढ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण दिल्ली से घर लौटते समय अचानक रोडवेज की बस से लापता हो गया। उसके बाद उसकी शव पिलखुआ में मिला। तीन दिन बाद परिजनों ने पिलखुआ पहुंचकर शव का शिनाख्त की। पुलिस ने मामला सड़क दुर्घटना का बताकर इतिश्री कर ली लेकिन परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गुरसरी गांव निवासी हरपाल सिंह के चालीस वर्षीय पुत्र रामवीर दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। 31 अगस्त की सुबह वह दिल्ली से घर के लिए चला। दोपहर 12.30 बजे रामवीर ने अपनी पत्नी रेखा देवी को फोन करके अपने घर आने की जानकारी दी। यह भी बताया कि वह रोडवेज बस में बैठ गया है। अपराह्न करीब दो बजे पत्नी ने फोन पर बात करने का प्रयास किया लेकिन रामवीर का फोन स्वीच ऑफ बताने लगा। उस रात नहीं आया तो परिजनों ने समझा कि शायद किसी रिश्तेदारी में रुक गया होगा। लेकिन जब अगले दिन भी नहीं आया तो तलाश शुरू की गई। दो सितंबर को रामवीर के पिता हरपाल सिंह व भाई ओमवीर दिल्ली पहुंचे लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। वापस लौटते समय वह पिलखुआ में रुके तो एक रिश्तेदार ने बतायाकि यहां अखबार में एक लावारिश लाश मिलने की खबर छपी थी। उसे देखने पहुंचे तो शव रामवीर का था। पिलखुआ पुलिस ने सड़क दुर्घटना मानकर पोस्टमार्टम कराकर शव को लावारिश की शिनाख्त के लिए रख दिया था।
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जबकि रामवीर के पिता हरपाल सिंह का मानना हैकि जब वह रोडवेज में था, तो फिर पिलखुआ की सड़क पर कैसे पहुंचा, कैसे उसकी दुर्घटना में मौत हो गई। निश्चित ही उसे किसी ने उतार होगा, उसकी हत्या की गई होगी। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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