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बारिश के मौसम में लड़खड़ाई पंचायतों की सफाई व्यवस्था
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:46 AM IST
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बारिश के मौसम में लड़खड़ाई पंचायतों की सफाई व्यवस्था
चंदौसी। जिले भर में 850 सफाई कर्मियों की तैनाती है। इनमें से सौ से अधिक सफाई कर्मचारी जिले और ब्लाक के कार्यालयों में तैनात हैं। बाकी बचे करीब साढ़े सात सौ सफाई कर्मचारियों पर 556 ग्राम पंचायतों की सफाई का जिम्मा है। इस हिसाब से एक गांव की सफाई के लिए दो सफाई कर्मचारियों का भी औसत नहीं है।
बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना पंचायतों को चुनौती बनी हुई है। जिले भर की ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के नाम पर चोक नाले, जगह-जगह कूड़े के ढेर और भिनभिनाते मच्छर मक्खियों का नजारा है। ग्रामीण बीमारी की जद में आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर अफसरशाही ने ग्रहण लगा दिया है। सफाई कर्मियों की कमी से जूझ रहीं ग्राम पंचायतों पर जिले में चुर्तथ श्रेणी कर्मचारियों की कमी बुरा असर डाल रही है। नवसृजित जिले में सफाई कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थान पर सरकारी कार्यालयों में तैनात कर दिया गया है। इतना ही नहीं अधिकारियों के वाहन चालकों से लेकर आवासों तक पर सफाई कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। इससे ग्रामीण गंदगी के कारण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिले के जिम्मेदार मौन हैं।
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चंदौसी। जिले भर में 850 सफाई कर्मियों की तैनाती है। इनमें से सौ से अधिक सफाई कर्मचारी जिले और ब्लाक के कार्यालयों में तैनात हैं। बाकी बचे करीब साढ़े सात सौ सफाई कर्मचारियों पर 556 ग्राम पंचायतों की सफाई का जिम्मा है। इस हिसाब से एक गांव की सफाई के लिए दो सफाई कर्मचारियों का भी औसत नहीं है।
बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना पंचायतों को चुनौती बनी हुई है। जिले भर की ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के नाम पर चोक नाले, जगह-जगह कूड़े के ढेर और भिनभिनाते मच्छर मक्खियों का नजारा है। ग्रामीण बीमारी की जद में आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर अफसरशाही ने ग्रहण लगा दिया है। सफाई कर्मियों की कमी से जूझ रहीं ग्राम पंचायतों पर जिले में चुर्तथ श्रेणी कर्मचारियों की कमी बुरा असर डाल रही है। नवसृजित जिले में सफाई कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थान पर सरकारी कार्यालयों में तैनात कर दिया गया है। इतना ही नहीं अधिकारियों के वाहन चालकों से लेकर आवासों तक पर सफाई कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। इससे ग्रामीण गंदगी के कारण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिले के जिम्मेदार मौन हैं।
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