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Moradabad News: 15 हजार घरों को सीवर की सुविधा जल्द
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मुरादाबाद। सीवर लाइन चोक होने से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे शहर के करीब 15 हजार घरों के लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। इन सभी भवनों के सीवर कनेक्शन को जल्द ही चक्कर की मिलक में बनकर तैयार हुए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जोड़ा जाएगा। साथ ही इन क्षेत्र के नालों को भी इस एसटीपी से जोड़ा जाएगा, जिससे बरसात के दिनों में बड़े हिस्से को जलभराव की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा।
25 एमएलडी क्षमता के इस एसटीपी से कुल 14,586 सीवर के कनेक्शन जोड़े जाएंगे। इस एसटीपी का संचालन बरसात से पहले शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, बरसात से पहले नालों को ही सीवर से जोड़ा जाएगा और बरसात खत्म होते ही सीवर के कनेक्शन इस एसीटीपी से जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। अगले दो से तीन महीने के भीतर कांठ रोड की लगभग सभी कॉलोनियों को सीवर का लाभ मिलने लगेगा।
अमर उजाला ने सीवर की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबरों में सीवर लाइन न होने की वजह से ओवरफ्लो, गंदगी, दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्या से जूझ रहे लोगों की परेशानियों को सामने लाया गया था। इस खबर के बाद एसटीपी के निर्माण कार्य में और तेजी लाई गई है ताकि जल्द ही सभी को सीवर की सुविधा का लाभ मिलने लगे।
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100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एसटीपी जनवरी में ही शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन इसमें छह महीने की देरी हो गई है। 2022 में इस एसटीपी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस एसटीपी की जमीन चिह्नित करने में ही जल निगम को डेढ़ साल का समय लग गए थे। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अधिकारियों का दावा है कि अबतक करीब 97 फीसदी काम पूरा हुआ है। इसे बरसात से पहले शुरू कर दिया जाएगा।
कार्य में देरी पर लगा 70 लाख का जुर्माना
चक्कर की मिलक में तैयार होने वाले 25 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की हाइड्रो टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। इस एसटीपी को 21 मई तक शुरू हो जाना था, लेकिन अभी तक एसटीपी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। कार्य में देरी पर कार्यदायी एजेंसी जीए इंफ्रा पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस एसटीपी का कार्य 2022 में शुरू हुआ था और मार्च 2025 में इसका काम पूरा होना था। मार्च तक काम पूरा नहीं हुआ तो कंपनी को 21 मई तक प्लांट चालू करने का समय दिया गया था, लेकिन इस अवधि में भी कंपनी एसटीपी को शुरू नहीं कर पाई। शासन ने इस पर नाराजगी जाहिर की। जल निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर के निर्देश पर कंपनी पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इन इलाकों में मिलेंगी सुविधाएं
सीवर लाइन की सुविधा कांठ रोड की अधिकतर कॉलोनियों को मिलने लगेगी। इसमें रामगंगा विहार, आशियाना, दीनदयालनगर, हिमगिरी, झांझनपुर, आदर्श कालौनी, हरथला, मोरा मिलक, प्रेम नगर, भटावली, विद्यानगर, काजीपुरा समेत कई मोहल्ले शामिल हैं।
एसटीपी से जोड़े जाएंगे पांच बड़े नाले
विवेकानंद अस्पताल का दायां और बायां नाला
सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट का नाला
टीडीआई सिटी का नाला
एमआईटी का नाला
- जल्द निकेलगा दो नई एसटीपी का टेंडर
शहर से गुजर रही नदियां गंदे नालों के पानी से प्रदूषित न हों, इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराने की योजना तैयार की गई थी। शहर में चार एसटीपी बनाने की योजना तैयार हुई थी, जिसमें सबसे पहला एसटीपी गुलाबबाड़ी में बनकर तैयार हुआ। इस एसटीपी से शहर के 24 बड़े नालों में से 14 को सीधे जोड़ दिया गया। साथ ही शहर की 40 प्रतिशत की सीवर लाइन को भी इस एसटीपी से जोड़ा गया है। अब दूसरा एसटीपी भी बनकर लगभग तैयार हो गया है। इस एसटीपी से पांच बड़े नालों को जोड़ने का काम चल रहा है। दो एसटीपी के बाद अब दो और एसटीपी का भी रास्ता साफ हो चुका है। इन दोनों एसटीपी का निर्माण 409 करोड़ रुपये की लागत से बुद्धि विहार और करूला में कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इसका टेंडर जल्द ही निकाला जाएगा। बुद्धि विहार में 15 एमएलडी और करूला में 65 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाएगा। बुद्धि विहार के एसटीपी से दो और करूला एसटीपी से तीन नाले जोड़े जाएंगे।
बरसात से पहले सीवर लाइन और नालों को एसटीपी से जोड़ने की तैयारी है। अगले सप्ताह तक नालों को एसटीपी से जोड़ने का काम पूरा हो जाएगा। - फराहीम अहमद, अधिशासी अभियंता ग्रामीण, जल निगम
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25 एमएलडी क्षमता के इस एसटीपी से कुल 14,586 सीवर के कनेक्शन जोड़े जाएंगे। इस एसटीपी का संचालन बरसात से पहले शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, बरसात से पहले नालों को ही सीवर से जोड़ा जाएगा और बरसात खत्म होते ही सीवर के कनेक्शन इस एसीटीपी से जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। अगले दो से तीन महीने के भीतर कांठ रोड की लगभग सभी कॉलोनियों को सीवर का लाभ मिलने लगेगा।
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अमर उजाला ने सीवर की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबरों में सीवर लाइन न होने की वजह से ओवरफ्लो, गंदगी, दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्या से जूझ रहे लोगों की परेशानियों को सामने लाया गया था। इस खबर के बाद एसटीपी के निर्माण कार्य में और तेजी लाई गई है ताकि जल्द ही सभी को सीवर की सुविधा का लाभ मिलने लगे।
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100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एसटीपी जनवरी में ही शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन इसमें छह महीने की देरी हो गई है। 2022 में इस एसटीपी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस एसटीपी की जमीन चिह्नित करने में ही जल निगम को डेढ़ साल का समय लग गए थे। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अधिकारियों का दावा है कि अबतक करीब 97 फीसदी काम पूरा हुआ है। इसे बरसात से पहले शुरू कर दिया जाएगा।
कार्य में देरी पर लगा 70 लाख का जुर्माना
चक्कर की मिलक में तैयार होने वाले 25 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की हाइड्रो टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। इस एसटीपी को 21 मई तक शुरू हो जाना था, लेकिन अभी तक एसटीपी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। कार्य में देरी पर कार्यदायी एजेंसी जीए इंफ्रा पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस एसटीपी का कार्य 2022 में शुरू हुआ था और मार्च 2025 में इसका काम पूरा होना था। मार्च तक काम पूरा नहीं हुआ तो कंपनी को 21 मई तक प्लांट चालू करने का समय दिया गया था, लेकिन इस अवधि में भी कंपनी एसटीपी को शुरू नहीं कर पाई। शासन ने इस पर नाराजगी जाहिर की। जल निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर के निर्देश पर कंपनी पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इन इलाकों में मिलेंगी सुविधाएं
सीवर लाइन की सुविधा कांठ रोड की अधिकतर कॉलोनियों को मिलने लगेगी। इसमें रामगंगा विहार, आशियाना, दीनदयालनगर, हिमगिरी, झांझनपुर, आदर्श कालौनी, हरथला, मोरा मिलक, प्रेम नगर, भटावली, विद्यानगर, काजीपुरा समेत कई मोहल्ले शामिल हैं।
एसटीपी से जोड़े जाएंगे पांच बड़े नाले
विवेकानंद अस्पताल का दायां और बायां नाला
सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट का नाला
टीडीआई सिटी का नाला
एमआईटी का नाला
- जल्द निकेलगा दो नई एसटीपी का टेंडर
शहर से गुजर रही नदियां गंदे नालों के पानी से प्रदूषित न हों, इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराने की योजना तैयार की गई थी। शहर में चार एसटीपी बनाने की योजना तैयार हुई थी, जिसमें सबसे पहला एसटीपी गुलाबबाड़ी में बनकर तैयार हुआ। इस एसटीपी से शहर के 24 बड़े नालों में से 14 को सीधे जोड़ दिया गया। साथ ही शहर की 40 प्रतिशत की सीवर लाइन को भी इस एसटीपी से जोड़ा गया है। अब दूसरा एसटीपी भी बनकर लगभग तैयार हो गया है। इस एसटीपी से पांच बड़े नालों को जोड़ने का काम चल रहा है। दो एसटीपी के बाद अब दो और एसटीपी का भी रास्ता साफ हो चुका है। इन दोनों एसटीपी का निर्माण 409 करोड़ रुपये की लागत से बुद्धि विहार और करूला में कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इसका टेंडर जल्द ही निकाला जाएगा। बुद्धि विहार में 15 एमएलडी और करूला में 65 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाएगा। बुद्धि विहार के एसटीपी से दो और करूला एसटीपी से तीन नाले जोड़े जाएंगे।
बरसात से पहले सीवर लाइन और नालों को एसटीपी से जोड़ने की तैयारी है। अगले सप्ताह तक नालों को एसटीपी से जोड़ने का काम पूरा हो जाएगा। - फराहीम अहमद, अधिशासी अभियंता ग्रामीण, जल निगम