{"_id":"697a6e9912ed0f25a6038f8d","slug":"15-job-fairs-held-in-a-year-yet-250-driver-positions-remain-vacant-moradabad-news-c-15-1-mbd1055-822357-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: एक साल में 15 रोजगार मेला लगाया, फिर भी खाली हैं 250 चालकों की सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: एक साल में 15 रोजगार मेला लगाया, फिर भी खाली हैं 250 चालकों की सीटें
विज्ञापन
मुरादाबाद। परिवहन निगम ने परिक्षेत्र में चालकों की भर्ती के लिए एक साल के भीतर 15 रोजगार मेला लगाया। इसके बावजूद अभी तक चालकों की सीटें नहीं भर पाईं। अभी भी 250 सीटें खाली हैं। जबकि रोजगार मेले के अलावा डिपो स्तर पर चालकों की भर्ती भी की जाती है।
परिवहन निगम के अनुसार, मुरादाबाद परिक्षेत्र में 943 बसों का संचालन किया जाता है। इसमें 100 बसों के लिए 250 चालकों की आवश्यकता है। एक साल से चालकों की भर्ती के लिए हर महीने रोजगार मेला लगाया जाता है। एक साल में अब तक क्षेत्रीय कार्यालय में करीब 15 रोजगार मेला लगाया जा चुका है। इसके बावजूद चालकों की सीटें नहीं भर पाई। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि रोजगार मेला भर्ती के दौरान 15 से 20 अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इसमें करीब 10 अभ्यर्थी योग्य पाए जाते हैं। फाइनल चयन के बाद कुछ चालक ड्यूटी करते हैं और कुछ छोड़कर चले जाते हैं। इसकी वजह से चालकों की सीटें फुल नहीं हो पाती हैं। चालकों की भर्ती संविदा के आधार पर की जाती है। पीतलनगरी बस डिपो एआरएम प्रेम सिंह का कहना है कि चालकों की गलती से उन्हें नौकरी से निकाल भी दिया जाता है। इसकी वजह से बस चालकों की भर्ती प्रक्रिया चलती ही रहती है।
विज्ञापन
परिवहन निगम के अनुसार, मुरादाबाद परिक्षेत्र में 943 बसों का संचालन किया जाता है। इसमें 100 बसों के लिए 250 चालकों की आवश्यकता है। एक साल से चालकों की भर्ती के लिए हर महीने रोजगार मेला लगाया जाता है। एक साल में अब तक क्षेत्रीय कार्यालय में करीब 15 रोजगार मेला लगाया जा चुका है। इसके बावजूद चालकों की सीटें नहीं भर पाई। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि रोजगार मेला भर्ती के दौरान 15 से 20 अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इसमें करीब 10 अभ्यर्थी योग्य पाए जाते हैं। फाइनल चयन के बाद कुछ चालक ड्यूटी करते हैं और कुछ छोड़कर चले जाते हैं। इसकी वजह से चालकों की सीटें फुल नहीं हो पाती हैं। चालकों की भर्ती संविदा के आधार पर की जाती है। पीतलनगरी बस डिपो एआरएम प्रेम सिंह का कहना है कि चालकों की गलती से उन्हें नौकरी से निकाल भी दिया जाता है। इसकी वजह से बस चालकों की भर्ती प्रक्रिया चलती ही रहती है।
विज्ञापन