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हवा में घुला जहर, सांस लेना हुआ दूभर
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मुरादाबाद।
पीतल नगरी में वायु प्रदूषण ने अचानक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। प्रदूषण से लोगों की आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी के साथ सिर में दर्द और उल्टी जैसी परेशानियों को शिकार होना पड़ा। जिला प्रशासन की सतर्कता के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने भी एहतियातन इमरजेंसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के आदेश दे दिए।
मुरादाबाद देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार है। गुरुवार को देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की गिनती में पहले स्थान पर रहा। शुक्रवार को भी अचानक हवा में घुटन महसूस होने से लोगों में दहशत फैल गई। कांठ रोड एवं आसपास के लोगों को प्रदूषण के चलते सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। सांस लेने में परेशानी होने पर शुरुआत में लोग समझ नहीं पाए। एक के बाद एक व्यक्ति आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत करने लगा। कई लोगों का आसपास के निजी अस्पतालों में दौड़ना पड़ा। कांठ रोड स्थित क्लीनिक चलाने वाले डाक्टर लवलेश के मुताबिक प्रदूषण से कई लोग परेशान रहे। जब लोगों में सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत हुई तो उनके स्तर से ही प्रशासन को सूचना दी गई।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में प्रदूषित के चलते कोई व्यक्ति भर्ती नहीं हुआ, लेकिन इमरजेंसी में व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। डा. कुमार ने बताया कि शारीरिक कसरत, वॉक करने से बचें। क्रिकेट और हाकी खेलने से भी एहतियात बरतें। इससे सांस लेने में परेशानी होगी और प्रदूषण फेफड़ों तक पहुंचने से परेशानी बढ़ सकती है। खासकर, गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचें।
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प्रदूषण का स्तर बढ़ने से होने वाली परेशानी
- खांसी, नाक, कान, गले में संक्रमण
- ब्लड प्रेशर बढ़ने और दिल की धड़कन तेज होना
- त्वचा संबंधी एलर्जी, बाल झड़ना, आंखों में जलन
- दमे के मरीजों के लिए सांस लेना दूभर होना
- उल्टी आना और सिर में भारीपन महसूस होना
परेशानी होने पर खाएं गुड़
आयुर्वेदिक चिकित्सक डा. प्रभात रंजन के मुताबिक प्रदूषण से किसी भी तरह की समस्या होने पर गुड़ कारगर है। गुड़ एंटी एलर्जिक होता है। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है और हीमोग्लोबिन का लेवल सामान्य बनाए रखता है। जिससे खून में आक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। गुड़ के अलावा अधिक से अधिक पानी पीयें और अदरक एवं नींबू की चाय भी शरीर में मौजूद टाक्सिंस को बाहर निकालती है। टमाटर का सेवन अधिक करने से सांस लेने संबंधी समस्या दूर होती है। टमाटर में भरपूर मात्रा में एंटी आक्सीडेंट पाया जाता है।
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पीतल नगरी में वायु प्रदूषण ने अचानक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। प्रदूषण से लोगों की आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी के साथ सिर में दर्द और उल्टी जैसी परेशानियों को शिकार होना पड़ा। जिला प्रशासन की सतर्कता के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने भी एहतियातन इमरजेंसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के आदेश दे दिए।
मुरादाबाद देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार है। गुरुवार को देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की गिनती में पहले स्थान पर रहा। शुक्रवार को भी अचानक हवा में घुटन महसूस होने से लोगों में दहशत फैल गई। कांठ रोड एवं आसपास के लोगों को प्रदूषण के चलते सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। सांस लेने में परेशानी होने पर शुरुआत में लोग समझ नहीं पाए। एक के बाद एक व्यक्ति आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत करने लगा। कई लोगों का आसपास के निजी अस्पतालों में दौड़ना पड़ा। कांठ रोड स्थित क्लीनिक चलाने वाले डाक्टर लवलेश के मुताबिक प्रदूषण से कई लोग परेशान रहे। जब लोगों में सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत हुई तो उनके स्तर से ही प्रशासन को सूचना दी गई।
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जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में प्रदूषित के चलते कोई व्यक्ति भर्ती नहीं हुआ, लेकिन इमरजेंसी में व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। डा. कुमार ने बताया कि शारीरिक कसरत, वॉक करने से बचें। क्रिकेट और हाकी खेलने से भी एहतियात बरतें। इससे सांस लेने में परेशानी होगी और प्रदूषण फेफड़ों तक पहुंचने से परेशानी बढ़ सकती है। खासकर, गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचें।
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प्रदूषण का स्तर बढ़ने से होने वाली परेशानी
- खांसी, नाक, कान, गले में संक्रमण
- ब्लड प्रेशर बढ़ने और दिल की धड़कन तेज होना
- त्वचा संबंधी एलर्जी, बाल झड़ना, आंखों में जलन
- दमे के मरीजों के लिए सांस लेना दूभर होना
- उल्टी आना और सिर में भारीपन महसूस होना
परेशानी होने पर खाएं गुड़
आयुर्वेदिक चिकित्सक डा. प्रभात रंजन के मुताबिक प्रदूषण से किसी भी तरह की समस्या होने पर गुड़ कारगर है। गुड़ एंटी एलर्जिक होता है। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है और हीमोग्लोबिन का लेवल सामान्य बनाए रखता है। जिससे खून में आक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। गुड़ के अलावा अधिक से अधिक पानी पीयें और अदरक एवं नींबू की चाय भी शरीर में मौजूद टाक्सिंस को बाहर निकालती है। टमाटर का सेवन अधिक करने से सांस लेने संबंधी समस्या दूर होती है। टमाटर में भरपूर मात्रा में एंटी आक्सीडेंट पाया जाता है।