{"_id":"5babee6f867a557f6917fd5b","slug":"141537994351-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेस्ट यूपी में राजनीतिक जमीन तलाश रहे राजभर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेस्ट यूपी में राजनीतिक जमीन तलाश रहे राजभर
Updated Thu, 27 Sep 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की भाजपा पर तीखे प्रहार कर विपक्ष जैसी भाषा शैली अनायास ही नहीं है। यह उनकी सियासी रणनीति हो सकती है। वह भाजपा से नाराज वर्ग को साधने, सभी जातियों में सेंध लगाने और प्रत्येक वर्ग को खुश रखने जैसी नीतियों को लेकर चल रहे हैं।
ओमप्रकाश राजभर मानकर चल रहे हैं कि उनके राजनीतिक एजेंडे में प्रत्येक वर्ग के लोगों का उज्जवल भविष्य है। उनकी पार्टी के निशाने पर समाज का वह वर्ग है, जिसकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। एक ओर वह पिछड़ी जातियों के ज्यादा युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए आरक्षण को तीन श्रेणियों पिछड़ा, अति पिछड़ा और महा पिछड़ा में बांटने की बात कर रहे हैं तो वहीं एससी-एसटी एक्ट का आरक्षण भी तीन श्रेणियों में मांग रहे हैं। उनके एजेंडे में आर्थिक आधार पर प्रत्येक वर्ग को आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। वह कक्षा चार से ही व्यावसायिक शिक्षा के पक्षधर हैं। युवाओं को लुभाने के लिए राजभर निशुल्क तकनीक प्रशिक्षण देने का मुद्दा जोर - शोर से उठा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वह एसटी - एसटी कानून के संशोधन का विरोध कर एक बड़े वर्ग से भावनात्मक जुड़ाव के प्रयास में है।
पूर्वांचल में मजबूत जनाधार के बाद अब वह पश्चिम में राजनीतिक विस्तार करने निकले हैं। यही कारण है कि बुधवार को अमरोहा में और बृहस्पतिवार को मेरठ में सम्मेलन कर रहे हैं। उसके बाद अलीगढ़, बरेली, गाजियाबाद व बुलंदशहर में सम्मेलन प्रस्तावित हैं। वह भाजपा से नाराज वर्ग को साथ लेकर पिछड़ों और अगड़ों को एक साथ लेने की नीति पर आगे बढ़कर सत्ता का रास्ता तलाश रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की भाजपा पर तीखे प्रहार कर विपक्ष जैसी भाषा शैली अनायास ही नहीं है। यह उनकी सियासी रणनीति हो सकती है। वह भाजपा से नाराज वर्ग को साधने, सभी जातियों में सेंध लगाने और प्रत्येक वर्ग को खुश रखने जैसी नीतियों को लेकर चल रहे हैं।
ओमप्रकाश राजभर मानकर चल रहे हैं कि उनके राजनीतिक एजेंडे में प्रत्येक वर्ग के लोगों का उज्जवल भविष्य है। उनकी पार्टी के निशाने पर समाज का वह वर्ग है, जिसकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। एक ओर वह पिछड़ी जातियों के ज्यादा युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए आरक्षण को तीन श्रेणियों पिछड़ा, अति पिछड़ा और महा पिछड़ा में बांटने की बात कर रहे हैं तो वहीं एससी-एसटी एक्ट का आरक्षण भी तीन श्रेणियों में मांग रहे हैं। उनके एजेंडे में आर्थिक आधार पर प्रत्येक वर्ग को आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। वह कक्षा चार से ही व्यावसायिक शिक्षा के पक्षधर हैं। युवाओं को लुभाने के लिए राजभर निशुल्क तकनीक प्रशिक्षण देने का मुद्दा जोर - शोर से उठा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वह एसटी - एसटी कानून के संशोधन का विरोध कर एक बड़े वर्ग से भावनात्मक जुड़ाव के प्रयास में है।
विज्ञापन
पूर्वांचल में मजबूत जनाधार के बाद अब वह पश्चिम में राजनीतिक विस्तार करने निकले हैं। यही कारण है कि बुधवार को अमरोहा में और बृहस्पतिवार को मेरठ में सम्मेलन कर रहे हैं। उसके बाद अलीगढ़, बरेली, गाजियाबाद व बुलंदशहर में सम्मेलन प्रस्तावित हैं। वह भाजपा से नाराज वर्ग को साथ लेकर पिछड़ों और अगड़ों को एक साथ लेने की नीति पर आगे बढ़कर सत्ता का रास्ता तलाश रहे हैं।
विज्ञापन