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गन्ना तौल से परेशान हो रहे किसान
Updated Tue, 13 Nov 2018 02:41 AM IST
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मुरादाबाद। कंप्यूटरीकृत तौल काटों से गन्ना किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानक निर्धारित होने से किसान एक बार में निर्धारित गन्ना तौल केंद्रों तक नहीं ले जा सकते हैं। इससे किसानों को निर्धारित से कम गन्ना ही तौलना होगा। ऐसे में उनका कोटा जल्द पूरा हो जाएगा और गन्ना खेतों में खड़ा रह जाएगा।
गन्ना तौल केंद्रों पर नई व्यवस्था लागू की गई है। पिछले साल इसको ट्रायल के रूप में प्रयोग किया गया था। अबकी बार अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था घटतौली रोकने और गन्ना माफिया का दखल कम करने को लागू की गई है, लेकिन इससे परेशान किसान ही हो रहे हैं। किसानों की स्थिति के अनुसार उनको तीन प्रकार की पर्चियां जारी की जा रही हैं। तौल के लिए 28, 55 और 60 क्विंटल तौल की पर्चियों के आधार पर गन्ने की तौल हो रही है। उक्त वजन की पर्चियों को एक ही बार में तौला जाएगा। किसान दो बार गन्ना लेकर नहीं जा सकते हैं। 28 क्विंटल की पर्ची में पांच क्विंटल की बुग्गी और 22 क्विंटल गन्ना शामिल है। एक बार में बुग्गी में 22 क्विंटल गन्ना लाना संभव नहीं है। किसान अधिकतम 14-18 क्विंटल गन्ना ही ले जा सकते हैं। ऐसे में उनका कोटा जल्द पूरा हो जाएगा और हर तौल पर पांच-सात क्विंटल गन्ना कम तौले जाने से बाद में किसानों की फसल खड़ी रह जाएगी।
यही हाल ट्रैक्टर ट्रालियों का है। साठ क्विंटल की पर्ची मिल गेट पर तौली जानी है। इसमें 15 क्विंटल के ट्रैक्टर-ट्राली शामिल है। वहीं 55 क्विंटल की पर्ची तौल केंद्र पर डाली जाएगी। इसमें 10 क्विंटल की ट्राली शामिल है। किसानों की परेशानी यह है कि ज्यादातर ट्राली और ट्रैक्टर का वजन अधिक है। ऐसे में उनका गन्ना कम तौला जा सकेगा। गन्ना उपायुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि कंप्यूटरीकृत तौल होने के कारण एक ही बार में गन्ना लिया जा सकेगा। किसान दो बुग्गियों में गन्ना ले जाएं और केंद्र पर जाकर एक में कर सकते हैं। नई व्यवस्था किसानों के हित में है, इसको स्वीकार करना होगा।
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किसानों को दो बार में गन्ना तौल करने की छूट दी जानी चाहिए। बैल-भैंसा पर एक बार में 22 क्विंटल गन्ना ले जाना संभव नहीं है। हमने इसकी शिकायत गन्ना आयुक्त को भी भेजी है। किसानों पर तानाशाही नहीं चलेगी।
- नीटू चौहान, भाकियू ब्लाक अध्यक्ष।
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गन्ना तौल केंद्रों पर नई व्यवस्था लागू की गई है। पिछले साल इसको ट्रायल के रूप में प्रयोग किया गया था। अबकी बार अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था घटतौली रोकने और गन्ना माफिया का दखल कम करने को लागू की गई है, लेकिन इससे परेशान किसान ही हो रहे हैं। किसानों की स्थिति के अनुसार उनको तीन प्रकार की पर्चियां जारी की जा रही हैं। तौल के लिए 28, 55 और 60 क्विंटल तौल की पर्चियों के आधार पर गन्ने की तौल हो रही है। उक्त वजन की पर्चियों को एक ही बार में तौला जाएगा। किसान दो बार गन्ना लेकर नहीं जा सकते हैं। 28 क्विंटल की पर्ची में पांच क्विंटल की बुग्गी और 22 क्विंटल गन्ना शामिल है। एक बार में बुग्गी में 22 क्विंटल गन्ना लाना संभव नहीं है। किसान अधिकतम 14-18 क्विंटल गन्ना ही ले जा सकते हैं। ऐसे में उनका कोटा जल्द पूरा हो जाएगा और हर तौल पर पांच-सात क्विंटल गन्ना कम तौले जाने से बाद में किसानों की फसल खड़ी रह जाएगी।
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यही हाल ट्रैक्टर ट्रालियों का है। साठ क्विंटल की पर्ची मिल गेट पर तौली जानी है। इसमें 15 क्विंटल के ट्रैक्टर-ट्राली शामिल है। वहीं 55 क्विंटल की पर्ची तौल केंद्र पर डाली जाएगी। इसमें 10 क्विंटल की ट्राली शामिल है। किसानों की परेशानी यह है कि ज्यादातर ट्राली और ट्रैक्टर का वजन अधिक है। ऐसे में उनका गन्ना कम तौला जा सकेगा। गन्ना उपायुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि कंप्यूटरीकृत तौल होने के कारण एक ही बार में गन्ना लिया जा सकेगा। किसान दो बुग्गियों में गन्ना ले जाएं और केंद्र पर जाकर एक में कर सकते हैं। नई व्यवस्था किसानों के हित में है, इसको स्वीकार करना होगा।
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किसानों को दो बार में गन्ना तौल करने की छूट दी जानी चाहिए। बैल-भैंसा पर एक बार में 22 क्विंटल गन्ना ले जाना संभव नहीं है। हमने इसकी शिकायत गन्ना आयुक्त को भी भेजी है। किसानों पर तानाशाही नहीं चलेगी।
- नीटू चौहान, भाकियू ब्लाक अध्यक्ष।