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Moradabad News: 13 दिन में 13 राफेल, जाकर सब मर्ज मिटा आए...
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1-बहजोई में कवि सम्मलेन में कविता सुनातीं कवि।2-बहजोई में कवि सम्मलेन में शामिल श्रोता।
बहजोई। 13 दिन में 13 राफेल, जाकर सब मर्ज मिटा आए व भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे आदि वीर रस की कविताएं सुनाकर कवियों ने श्रोताओं में जोश भर दिया और श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरीं। मौका था बृहस्पतिवार को शाम बड़ा मैदान पर चल रहे संभल कल्कि महोत्सव विकासोत्सव में आयोजित किए गए कवि सम्मेलन का।
कवि सम्मेलन की शुरुआत माता सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर की गई। इस बीच राजस्थान के अलवर से आए कवि विनीत चौहान ने 13 दिन में 13 राफेल, जाकर सब मर्ज मिटा आए, जो पहलगांव में गिरा खून, उसका सब कर्ज चुका आए... सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। वहीं, मेरठ के डॉ. शुभम त्यागी ने अपनी रचना हो तपस्या सफल मांगते ही रहे। दृग प्रतीक्षित रहे ताकते ही रहे... सुनाई। चंदौसी की कवि डॉ. अंजू सिंह ने तुम्हें मालूम है क्या चल रहा है, जो खोटा था वो सिक्का चल रहा है सुनाई।
संभल की कवि श्यामा सिंह ने कर्ण जैसा दानवीर कहां कोई हो पाया, समस्त जगत का संताप ले कर स्वयं को दान दिया... सुनाकर श्रोताओं का भावविभोर कर दिया। इसके अलावा फरीदाबाद के कवि दीपक गुप्ता, अजमेर से आए बुद्धिप्रकाश दधीचि, अंबेडकर नगर के अभय सिंह निर्भीक ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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संचालन करते हुए बहजोई के कवि व शिक्षक डॉ. सौरभकांत शर्मा ने सुनाया, आतताई कोई संस्कृति पर अब प्रहार करे न। आर्यावर्त और जम्बू द्वीप का मानचित्र बिगड़े न, मिलकर षड्यंत्रों को तोड़ें तब ही अपनी जय है... सुनाई। इस बीच डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया व अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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कवि सम्मेलन की शुरुआत माता सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर की गई। इस बीच राजस्थान के अलवर से आए कवि विनीत चौहान ने 13 दिन में 13 राफेल, जाकर सब मर्ज मिटा आए, जो पहलगांव में गिरा खून, उसका सब कर्ज चुका आए... सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। वहीं, मेरठ के डॉ. शुभम त्यागी ने अपनी रचना हो तपस्या सफल मांगते ही रहे। दृग प्रतीक्षित रहे ताकते ही रहे... सुनाई। चंदौसी की कवि डॉ. अंजू सिंह ने तुम्हें मालूम है क्या चल रहा है, जो खोटा था वो सिक्का चल रहा है सुनाई।
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संभल की कवि श्यामा सिंह ने कर्ण जैसा दानवीर कहां कोई हो पाया, समस्त जगत का संताप ले कर स्वयं को दान दिया... सुनाकर श्रोताओं का भावविभोर कर दिया। इसके अलावा फरीदाबाद के कवि दीपक गुप्ता, अजमेर से आए बुद्धिप्रकाश दधीचि, अंबेडकर नगर के अभय सिंह निर्भीक ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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संचालन करते हुए बहजोई के कवि व शिक्षक डॉ. सौरभकांत शर्मा ने सुनाया, आतताई कोई संस्कृति पर अब प्रहार करे न। आर्यावर्त और जम्बू द्वीप का मानचित्र बिगड़े न, मिलकर षड्यंत्रों को तोड़ें तब ही अपनी जय है... सुनाई। इस बीच डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया व अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।