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बढ़ी फीस के विरोध में छात्रनेताओं का हंगामा
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मुरादाबाद।
केजीके कालेज में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व मेें फीस बढ़ाने के विरोध में हंगामा जमकर किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों का घेराव किया। धरना प्रदर्शन को देखते हुए कार्यवाहक प्राचार्य ने दो जनवरी तक अग्रसारण शुल्क की वेबसाइट को बंद करा दिया है।
एबीवीपी के महानगर मंत्री सचिन सिंह का कहना है कि कालेज में गत वर्ष व्यक्तिगत विद्यार्थियों से स्नातक स्तर पर 240 और परास्नातक स्तर पर 360 रुपये शुल्क लिया जा रहा था। इस वर्ष शुल्क को बढ़ाकर स्नातक में 545 रुपये और परास्नातक में 565 रुपये कर दिया गया है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. जीसी पांडेय ने बताया कि शुल्क को वित्त समिति के प्रस्ताव के बाद बढ़ाया गया है। इसे कम करने का अधिकार प्राचार्य को है। प्राचार्य की सहमति के बाद दो जनवरी तक अग्रसारण शुल्क की वेबसाइट बंद रहेगी। विद्यार्थी परीक्षा फार्म भरकर विश्वविद्यालय की फीस जमा कर सकते हैं। अग्रसारण शुल्क पर निर्णय दो जनवरी को प्राचार्य के आने पर ही लिया जाएगा। आंदोलनकारी छात्र छात्राओं का कहना है कि इतना बढ़ा हुआ शुल्क बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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केजीके कालेज में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व मेें फीस बढ़ाने के विरोध में हंगामा जमकर किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों का घेराव किया। धरना प्रदर्शन को देखते हुए कार्यवाहक प्राचार्य ने दो जनवरी तक अग्रसारण शुल्क की वेबसाइट को बंद करा दिया है।
एबीवीपी के महानगर मंत्री सचिन सिंह का कहना है कि कालेज में गत वर्ष व्यक्तिगत विद्यार्थियों से स्नातक स्तर पर 240 और परास्नातक स्तर पर 360 रुपये शुल्क लिया जा रहा था। इस वर्ष शुल्क को बढ़ाकर स्नातक में 545 रुपये और परास्नातक में 565 रुपये कर दिया गया है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. जीसी पांडेय ने बताया कि शुल्क को वित्त समिति के प्रस्ताव के बाद बढ़ाया गया है। इसे कम करने का अधिकार प्राचार्य को है। प्राचार्य की सहमति के बाद दो जनवरी तक अग्रसारण शुल्क की वेबसाइट बंद रहेगी। विद्यार्थी परीक्षा फार्म भरकर विश्वविद्यालय की फीस जमा कर सकते हैं। अग्रसारण शुल्क पर निर्णय दो जनवरी को प्राचार्य के आने पर ही लिया जाएगा। आंदोलनकारी छात्र छात्राओं का कहना है कि इतना बढ़ा हुआ शुल्क बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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