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हड़ताल खत्म होते ही फर्राटा भरने लगे ट्रक
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:22 AM IST
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मुरादाबाद।
ट्रकों की एक सप्ताह से चल रही हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई। दिल्ली मीटिंग में शामिल ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों ने जैसे ही हड़ताल खत्म होने की जानकारी दी, ट्रकों में माल लादने का काम शुरू हो गया। हड़ताल के चलते 10 हजार ट्रक जहां के तहां खड़े हो गए थे।
टोल टैक्स की धनराशि एकमुश्त लेने और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग के चलते ट्रक आपरेटर्स एक सप्ताह से हड़ताल पर थे। 20 जुलाई से ट्रकों का चक्काजाम हो गया था। उसके बाद से 21 करोड़ डीजल का नुकसान पेट्रोल पंप मालिकों को हो चुका है। निर्यातकों, कृषि, बागबानी, कपड़ा, फल, अनाज व सब्जियों के क्षेत्र में करीब डेढ़ अरब का नुकसान हो चुका है। हालांकि बाहरी क्षेत्रों के कुछ ट्रकों का संचालन इस दौरान किया जाता रहा। शुक्रवार शाम को ट्रकों की हड़ताल खत्म होते ही माल लादने का काम शुरू हो गया। ट्रक आपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष आरडी चतुर्वेदी ने बताया कि एक सप्ताह की हड़ताल से कारोबार की व्यवस्था चरमरा गई थी। अब ट्रकों का संचालन शुरू हो गया है। तीन-चार दिन में कारोबार पटरी पर आ जाएगा। यूनियन के सचिव मिंटू मदान ने बताया कि सभी शर्तों पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर लिया गया है। एक सप्ताह में मांगों पर विचार के बाद उनको लागू करा दिया जाएगा।
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ट्रकों की एक सप्ताह से चल रही हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई। दिल्ली मीटिंग में शामिल ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों ने जैसे ही हड़ताल खत्म होने की जानकारी दी, ट्रकों में माल लादने का काम शुरू हो गया। हड़ताल के चलते 10 हजार ट्रक जहां के तहां खड़े हो गए थे।
टोल टैक्स की धनराशि एकमुश्त लेने और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग के चलते ट्रक आपरेटर्स एक सप्ताह से हड़ताल पर थे। 20 जुलाई से ट्रकों का चक्काजाम हो गया था। उसके बाद से 21 करोड़ डीजल का नुकसान पेट्रोल पंप मालिकों को हो चुका है। निर्यातकों, कृषि, बागबानी, कपड़ा, फल, अनाज व सब्जियों के क्षेत्र में करीब डेढ़ अरब का नुकसान हो चुका है। हालांकि बाहरी क्षेत्रों के कुछ ट्रकों का संचालन इस दौरान किया जाता रहा। शुक्रवार शाम को ट्रकों की हड़ताल खत्म होते ही माल लादने का काम शुरू हो गया। ट्रक आपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष आरडी चतुर्वेदी ने बताया कि एक सप्ताह की हड़ताल से कारोबार की व्यवस्था चरमरा गई थी। अब ट्रकों का संचालन शुरू हो गया है। तीन-चार दिन में कारोबार पटरी पर आ जाएगा। यूनियन के सचिव मिंटू मदान ने बताया कि सभी शर्तों पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर लिया गया है। एक सप्ताह में मांगों पर विचार के बाद उनको लागू करा दिया जाएगा।
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