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गृह कलह के चलते बिचौला में युवक ने लगाई फांसी
Updated Fri, 28 Sep 2018 01:34 AM IST
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बिलारी। स्थानीय कोतवाली के बिचौला ढूकी गांव में बृहस्पतिवार की अपराहन गृह कलह के चलते एक अविवाहित युवक ने साड़ी का फंदे लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पुलिस पहुंचने पर परिजनों ने कोई भी कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक बिचौला ढूकी गांव निवासी रामौतार यादव का बेटा यशपाल सिंह 20 वर्ष निजी वाहन चालक था। यशपाल की भी शादी नहीं हुई थी। यशपाल के परिवार में माता पिता के अलावा बड़ा भाई नरेश और छोटा भाई पुष्पेंद्र भी है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर के समय यशपाल की मां ने उसे किसी बात पर डांट दिया। मां के डांटने से नाराज होकर वह अपने पक्के मकान की ऊपरी मंजिल के कमरे में पहुंच गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। यशपाल ने कमरे मेें रखी महिलाओं के पहनने की साड़ी का फंदा बनाकर अपने गले में डाल लिया और छत के कुंडे में लटककर जान दे दी।
पता चला है कि यशपाल के परिवार का एक सदस्य जब किसी काम के लिए उसे कमरे में देखने गया तब वह छत के कुंडे पर लटका हुआ था। परिजनों ने बिना शोर शराबा किए और पड़ोसियों को बताए बगैर मृतक के शव को नीचे उतार लिया और ग्रामीणों की भीड़ जुटने पर यह कहना शुरू कर दिया कि अचानक यशपाल को तेज बुखार आया और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर कोतवाली बिलारी की स्योंडारा चौकी के प्रभारी दारोगा संजीव मलिक और अमरपुरकाशी पुलिस चौकी स्टाफ मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तब मृतक के परिजनों ने यह लिखकर दे दिया कि घर में कोई कलह नहीं थी और यशपाल की मौत की घटना में वह किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
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मिली जानकारी के मुताबिक बिचौला ढूकी गांव निवासी रामौतार यादव का बेटा यशपाल सिंह 20 वर्ष निजी वाहन चालक था। यशपाल की भी शादी नहीं हुई थी। यशपाल के परिवार में माता पिता के अलावा बड़ा भाई नरेश और छोटा भाई पुष्पेंद्र भी है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर के समय यशपाल की मां ने उसे किसी बात पर डांट दिया। मां के डांटने से नाराज होकर वह अपने पक्के मकान की ऊपरी मंजिल के कमरे में पहुंच गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। यशपाल ने कमरे मेें रखी महिलाओं के पहनने की साड़ी का फंदा बनाकर अपने गले में डाल लिया और छत के कुंडे में लटककर जान दे दी।
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पता चला है कि यशपाल के परिवार का एक सदस्य जब किसी काम के लिए उसे कमरे में देखने गया तब वह छत के कुंडे पर लटका हुआ था। परिजनों ने बिना शोर शराबा किए और पड़ोसियों को बताए बगैर मृतक के शव को नीचे उतार लिया और ग्रामीणों की भीड़ जुटने पर यह कहना शुरू कर दिया कि अचानक यशपाल को तेज बुखार आया और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर कोतवाली बिलारी की स्योंडारा चौकी के प्रभारी दारोगा संजीव मलिक और अमरपुरकाशी पुलिस चौकी स्टाफ मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तब मृतक के परिजनों ने यह लिखकर दे दिया कि घर में कोई कलह नहीं थी और यशपाल की मौत की घटना में वह किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
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